FD, RD या SIP - पहली सैलरी को किस ऑप्शन में करें निवेश? जानिए कहां होगा अधिक फायदा
पहली सैलरी सिर्फ खर्च करने की शुरुआत नहीं, बल्कि निवेश की आदत बनाने का भी सही समय हो सकती है। लेकिन FD, RD या SIP में से क्या चुनें? एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही विकल्प आपकी जरूरत, निवेश की अवधि और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। जानिए शुरुआत कैसे करें।

In Short
- पहली सैलरी से निवेश शुरू करने से पहले अपना लक्ष्य, समय और जोखिम उठाने की क्षमता समझना जरूरी है।
- Emergency Fund के लिए FD, शॉर्ट टर्म गोल के लिए RD और लंबी अवधि की wealth creation के लिए SIP काम आ सकती है।
- 500 या 1,000 रुपये की छोटी SIP से भी शुरुआत की जा सकती है, क्योंकि शुरुआत में रकम से ज्यादा निवेश की आदत जरूरी है।
First Salary Investment: पहली सैलरी आने की खुशी ही अलग होती है। अक्सर युवा प्रोफेशनल्स इस पैसे से शॉपिंग, घूमने-फिरने या अपनी पसंद की चीजें खरीदने की सोचते हैं। लेकिन यही पहली सैलरी आपकी निवेश यात्रा की शुरुआत भी बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि पहला निवेश FD में करें, RD में या SIP में? एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका एक ही जवाब सबके लिए सही नहीं हो सकता।
पहले तय करें पैसा किस काम के लिए चाहिए
पहला निवेश सिर्फ ज्यादा रिटर्न देखकर नहीं चुनना चाहिए। निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि पैसा कब चाहिए, कितने समय के लिए निवेश कर सकते हैं और कितना जोखिम उठा सकते हैं। Saumeet Nanda के मुताबिक निवेश का सही विकल्प आपके फाइनेंशियल गोल और कैश की जरूरत पर निर्भर करता है।
निवेश से पहले बनाएं Emergency Fund
अगर आपके पास कोई सेविंग नहीं है, तो सबसे पहले Emergency Fund बनाना जरूरी है। एक्सपर्ट्स 3 से 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर रकम सुरक्षित रखने की सलाह देते हैं। इसे कम जोखिम और आसानी से निकाले जा सकने वाले विकल्प में रखा जा सकता है।
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हालांकि Emergency Fund पूरा होने का इंतजार किए बिना भी छोटी SIP शुरू की जा सकती है। हर महीने 500 या 1,000 रुपये से निवेश की आदत बनाई जा सकती है।
FD कब चुनें?
अगर आपके पास एकमुश्त रकम है और आप बिना बाजार के जोखिम के तय रिटर्न चाहते हैं, तो FD काम आ सकती है। यह Emergency Fund या जल्द जरूरत पड़ने वाले पैसे के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। हालांकि टैक्स और महंगाई के बाद इसका असली रिटर्न कम हो सकता है।
RD किसके लिए बेहतर?
अगर आपके पास एक साथ बड़ी रकम नहीं है लेकिन हर महीने तय रकम बचा सकते हैं, तो RD काम आ सकती है। लैपटॉप, गाड़ी, कोर्स फीस या शादी जैसे छोटे समय के लक्ष्य के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। Pankaj Kumar Gera के मुताबिक 6 महीने जैसे शॉर्ट टर्म गोल के लिए RD बेहतर हो सकती है।
SIP कब शुरू करें?
अगर आपका लक्ष्य लंबे समय में पैसा बनाना है, तो SIP बेहतर विकल्प हो सकती है। SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है और इसमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती। हालांकि लंबे समय में इसमें ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है।
क्या 500 रुपये की SIP भी काम आएगी?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि शुरुआत में रकम से ज्यादा जरूरी निवेश की आदत है। 500 या 1,000 रुपये से शुरुआत करने पर अनुशासन बनता है और लंबे समय तक कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है।
सैलरी का कितना हिस्सा निवेश करें?
50:30:20 नियम के मुताबिक करीब 50% कमाई जरूरी खर्च, 30% लाइफस्टाइल और 20% सेविंग व निवेश में रखा जा सकता है। हालांकि कम जिम्मेदारियों वाले युवा 30% से 40% तक निवेश करने का लक्ष्य भी रख सकते हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सैलरी बढ़ने के साथ निवेश भी बढ़ाया जाए। पहली सैलरी से सही निवेश चुनने से ज्यादा जरूरी है जल्दी शुरुआत करना, नियमित निवेश करना और लंबे समय तक इस आदत को बनाए रखना।