FD Rates 2026: कई बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज, जानें कहां मिल रहा सबसे ज्यादा सुरक्षित रिटर्न

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच FD एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनती दिख रही है। कई बैंक अब 8% या उससे ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहे हैं, जिससे सुरक्षित रिटर्न चाहने वालों की दिलचस्पी बढ़ी है।

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By Gaurav Kumar:

FD Rates: बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD एक बार फिर निवेशकों की पसंद बनता दिख रहा है। सुरक्षित और तय रिटर्न चाहने वाले निवेशक अब दोबारा FD की तरफ रुख कर रहे हैं।

मई 2026 तक कई बैंक FD पर 8% या उससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। यही वजह है कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ आम निवेशकों के बीच भी एफडी की मांग बढ़ी है।

क्या है Fixed Deposit?

फिक्स्ड डिपॉजिट बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा दिया जाने वाला ऐसा निवेश ऑप्शन है, जिसमें एक तय अवधि के लिए एकमुश्त रकम जमा की जाती है। इसकी अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक हो सकती है। FD को कम जोखिम वाला निवेश माना जाता है क्योंकि इसमें बाजार की चाल का असर नहीं पड़ता और निवेशक को पहले से तय रिटर्न मिलता है। निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से अवधि और ब्याज भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं।

कौन सा बैंक दे रहे सबसे ज्यादा ब्याज?

मौजूदा समय में शेड्यूल्ड बैंकों में FD ब्याज दरें करीब 2.5% से 8.1% तक हैं। सबसे ज्यादा ब्याज दरें फिलहाल स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे हैं। Suryoday Small Finance Bank FD पर 8.10% तक ब्याज दे रहा है। वहीं ESAF Small Finance Bank करीब 8% तक रिटर्न ऑफर कर रहा है।

इसके अलावा Jana Small Finance Bank और SBM Bank India 7.7% से 7.8% तक ब्याज दे रहे हैं। हालांकि ये ऊंची दरें चुनिंदा अवधि और जमा राशि पर लागू होती हैं।

प्राइवेट और सरकारी बैंकों में कितना फर्क?

Bandhan Bank, DCB Bank, RBL Bank, IDFC FIRST Bank, IndusInd Bank और Yes Bank जैसे निजी बैंक 7% से 7.5% तक ब्याज दे रहे हैं।

वहीं सरकारी बैंक जैसे State Bank of India, Punjab National Bank और Bank of Baroda आमतौर पर 6% से 6.6% तक ब्याज दे रहे हैं। हालांकि कम रिटर्न के बावजूद सरकारी बैंकों पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

टैक्स बचाने वाले FD भी पॉपुलर

पांच साल की लॉक-इन अवधि वाले टैक्स-सेविंग FD अभी भी Section 80C के तहत टैक्स बचाने का लोकप्रिय विकल्प बने हुए हैं। इन पर सामान्य निवेशकों को 6% से 7.75% तक ब्याज मिल रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त 0.25% से 0.75% तक ज्यादा रिटर्न दिया जा रहा है।

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