EPFO vs Zerodha: अचानक पैसों की जरूरत पड़े तो कहां से जल्दी मिलेगा पैसा?

अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर EPFO और Zerodha में से कौन सा विकल्प ज्यादा तेज है? Zerodha ने इंस्टेंट विड्रॉल की लिमिट बढ़ा दी है, जबकि EPFO से निकासी के लिए अलग नियम हैं। जानिए दोनों की निकासी लिमिट, जरूरी शर्तें और खाते में पैसा पहुंचने का समय।

Advertisement

In Short

  • Zerodha ने इंस्टेंट विड्रॉल की डेली लिमिट ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है।
  • EPFO के पात्र सदस्य तय शर्तों के तहत PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकते हैं।
  • EPFO के ऑटो-मोड क्लेम 72 घंटे में प्रोसेस हो सकते हैं, जबकि दूसरे क्लेम में ज्यादा समय लग सकता है।

By Gungun Mishra:

अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो EPFO और Zerodha में से कहां से जल्दी पैसा मिल सकता है? यह सवाल अब इसलिए चर्चा में है क्योंकि Zerodha ने इंस्टेंट विड्रॉल की लिमिट बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है। वहीं, EPFO से पैसा निकालने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं और क्लेम प्रोसेस होने में 72 घंटे से लेकर कई वर्किंग डेज तक लग सकते हैं। हालांकि, दोनों जगह पैसा निकालने के नियम और सुविधाएं काफी अलग हैं।

Zerodha से अब ₹5 लाख तक तुरंत निकाल सकेंगे

Zerodha के को-फाउंडर और CEO नितिन कामथ ने 3 नवंबर को बताया कि कंपनी ने इंस्टेंट विड्रॉल की डेली लिमिट ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है। यह सुविधा सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि ग्राहक वीकेंड और शेयर बाजार की छुट्टियों में भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

कामथ के मुताबिक, कंपनी 2024 से अब तक करीब ₹1 लाख करोड़ के इंस्टेंट पेआउट प्रोसेस कर चुकी है और इसके लिए ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया गया।

ग्राहक एक दिन में एक इंस्टेंट विड्रॉल रिक्वेस्ट के जरिए ₹100 से ₹5 लाख तक निकाल सकते हैं। हालांकि, उसी दिन जमा किया गया पैसा इस सुविधा के तहत नहीं निकाला जा सकता। इसके अलावा शेयर बेचने के बाद जिन पैसों का सेटलमेंट नहीं हुआ है, पेंडिंग ऑर्डर और मार्जिन की जरूरत के कारण भी निकासी की रकम सीमित हो सकती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

EPFO से पैसा निकालने के क्या हैं नियम?

EPFO में जमा पैसा रिटायरमेंट सेविंग्स का हिस्सा होता है। इसलिए इसे निकालने के लिए कुछ शर्तें तय हैं।

EPFO की नई गाइडलाइन के मुताबिक, जिन सदस्यों की मेंबरशिप के 12 महीने पूरे हो चुके हैं, वे पात्रता शर्तों के आधार पर अपने PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकते हैं। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान और ब्याज शामिल है।

आंशिक निकासी को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। इनमें जरूरी जरूरतें, घर से जुड़े खर्च और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं।

बीमारी के लिए एडवांस निकालने की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। पढ़ाई के लिए मेंबरशिप के दौरान 10 बार और शादी के लिए 5 बार निकासी की अनुमति है। तय हाउसिंग जरूरतों के लिए भी 5 बार पैसा निकाला जा सकता है। विशेष परिस्थितियों में एक वित्त वर्ष में दो बार एडवांस लिया जा सकता है।

EPFO का पैसा खाते में आने में कितना समय लगेगा?

EPFO के पात्र ऑटो-मोड क्लेम 72 घंटे में प्रोसेस हो सकते हैं। KYC पूरी होने पर ऑनलाइन क्लेम में आमतौर पर 3 से 7 वर्किंग डेज लगते हैं। फिजिकल क्लेम में 20 वर्किंग डेज तक लग सकते हैं।

कुछ मामलों में क्लेम सेटलमेंट और बैंक खाते में पैसा पहुंचने में 7 से 15 वर्किंग डेज भी लग सकते हैं।

इमरजेंसी में कौन सा विकल्प तेज?

अगर Zerodha अकाउंट में पर्याप्त पैसा इंस्टेंट विड्रॉल के लिए उपलब्ध है, तो वहां से रकम जल्दी मिल सकती है। ₹5 लाख की लिमिट सिर्फ इंस्टेंट विड्रॉल पर लागू है। बड़ी रकम के लिए रेगुलर विड्रॉल की सुविधा मौजूद है।

वहीं, EPFO से पैसा निकालने के लिए तय शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं। इसलिए अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर Zerodha की इंस्टेंट सुविधा तेज है, जबकि EPFO से निकासी में ज्यादा समय लग सकता है।

Read more!
Advertisement