पीएफ खाताधारकों की मौज! व्हाट्सएप पर सिर्फ 'Hello' लिखकर चेक कर सकेंगे अपना पीएफ बैलेंस, जानें नया तरीका
अब PF से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां सिर्फ एक WhatsApp मैसेज से मिल सकेंगी। EPFO करोड़ों खाताधारकों के लिए एक नई सुविधा लाने की तैयारी में है, जिससे बैलेंस चेक करना और कई दूसरे काम पहले से आसान हो सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर।

EPFO WhatsApp service: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही अपने मेंबर्स के लिए WhatsApp पर सर्विस शुरू करने जा रहा है। इस पहल का मकसद करोड़ों PF खाताधारकों को जरूरी सेवाओं तक तेज और आसान पहुंच देना है।
WhatsApp पर कौन-कौन सी सर्विस कर सकेंगे इस्तेमाल
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीएफ मेंबर्स WhatsApp के जरिए PF बैलेंस, पिछले पांच ट्रांजैक्शन, क्लेम स्टेटस जैसी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना यानी PMVBRY के पात्र सदस्य भी WhatsApp के जरिए जरूरी सहायता ले पाएंगे।
सिर्फ ‘Hello’ भेजकर पता कर सकेंगे जानकारी
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक सदस्य EPFO के रजिस्टर्ड WhatsApp नंबर पर ‘Hello’ लिखकर बातचीत शुरू कर सकेंगे। इसके बाद सिस्टम यह जांच करेगा कि मैसेज उसी मोबाइल नंबर से आया है या नहीं, जो सदस्य के UAN से लिंक है।
वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद सदस्य को उसकी स्थानीय भाषा में आसान मेन्यू विकल्प दिखेंगे। यूजर विकल्प चुनकर जानकारी मांग सकेगा या जरूरी सवालों के जवाब दे सकेगा।
AI चैटबॉट देगा जवाब
EPFO की तरफ से आने वाले मैसेज को AI आधारित चैटबॉट प्रोसेस करेगा। जरूरत पड़ने पर सिस्टम EPFO डेटाबेस से जानकारी निकालकर सीधे जवाब देगा।
इससे न सिर्फ सेवाएं तेज होंगी बल्कि EPFO को यह समझने में भी मदद मिलेगी कि सदस्य किस तरह की सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी संतुष्टि का स्तर क्या है।
आधार और DBT से जुड़े काम भी होंगे आसान
WhatsApp सेवा का फायदा उन सदस्यों को भी मिलेगा, जिनके आवेदन आधार ऑथेंटिकेशन या DBT एक्टिवेशन जैसी वजहों से अटके हुए हैं।
EPFO, UIDAI की फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए Aadhaar verification से जुड़े मामलों में भी सहायता देने की तैयारी कर रहा है। इससे PMVBRY के लाभार्थियों को प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी।
EPFO का मानना है कि WhatsApp पहले से ही देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में शामिल है। ऐसे में सदस्यों को अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ईपीएफओ यूजर्स को स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं में सर्विस उपलब्ध कराएगा ताकि सदस्य अपनी पसंदीदा भाषा में आसानी से बातचीत कर सकें। यह सुविधा 24 घंटे और सातों दिन उपलब्ध रहने की उम्मीद है।