EPFO की EDLI Scheme: नौकरी के दौरान मौत पर परिवार को मिल सकते हैं ₹7 लाख, जानें पूरा नियम
EPFO की EDLI Scheme नौकरीपेशा लोगों के परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने का काम करती है। अगर किसी EPF सदस्य की नौकरी के दौरान मौत हो जाती है तो नॉमिनी या कानूनी वारिस को 7 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है। जानिए इस योजना की पात्रता और क्लेम प्रक्रिया।

In Short
- EDLI Scheme में EPF सदस्य की नौकरी के दौरान मौत पर परिवार को ₹7 लाख तक का बीमा लाभ मिल सकता है।
- EDLI राशि कर्मचारी की 12 महीने की औसत सैलरी के आधार पर तय होती है।
- नॉमिनी EDLI Form 5 IF के जरिए बीमा राशि के लिए क्लेम कर सकता है।
EPFO के तहत आने वाली Employees’ Deposit Linked Insurance यानी EDLI Scheme नौकरीपेशा लोगों के परिवार के लिए एक अहम सुरक्षा देती है। इस योजना में EPF सदस्य को अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना होता।
अगर किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी या कानूनी वारिस को EDLI के तहत बीमा राशि मिल सकती है।इस योजना के तहत पात्रता और नियमों के अनुसार परिवार को अधिकतम 7 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है।
कैसे तय होती है EDLI की 7 लाख रुपये की राशि?
EDLI योजना में मिलने वाली बीमा राशि कर्मचारी की मौत से पहले के 12 महीनों की औसत मासिक सैलरी के आधार पर तय होती है। इसकी गणना के लिए अधिकतम 15 हजार रुपये महीने की सैलरी को माना जाता है। इसका फॉर्मूला है:
30 × औसत मासिक सैलरी + 2.5 लाख रुपये बोनस
अगर किसी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी 15 हजार रुपये है तो 15 हजार को 30 से गुणा करने पर 4.5 लाख रुपये बनते हैं। इसमें 2.5 लाख रुपये का बोनस जोड़ने के बाद कुल बीमा राशि 7 लाख रुपये हो जाती है। EDLI की गणना में महंगाई भत्ता यानी DA को भी सैलरी के हिस्से के तौर पर शामिल किया जाता है।
कौन ले सकता है EDLI का फायदा?
EDLI का लाभ उन EPF सदस्यों को मिलता है जो इसके लिए पात्र होते हैं। कर्मचारी को इसके लिए अलग से कोई शुल्क नहीं देना पड़ता।
EPF सदस्य अपने नियोक्ता के जरिए इस योजना में अपने आप शामिल हो जाते हैं। यह बीमा कवर EPF सदस्यता से जुड़ा रहता है और नौकरी बदलने पर भी लागू रह सकता है, अगर योजना की शर्तें पूरी होती हैं।
12 महीने की नौकरी की शर्त जरूरी
अधिकतम EDLI लाभ पाने के लिए जरूरी है कि मृतक कर्मचारी मृत्यु से पहले लगातार कम से कम 12 महीने तक नौकरी में रहा हो।
वहीं अगर कोई EPF सदस्य एक साल की लगातार सेवा पूरी करने से पहले ही मृत्यु को प्राप्त होता है तो न्यूनतम 50 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है।
कुछ कॉन्ट्रैक्ट और कैजुअल कर्मचारियों के लिए लगातार नौकरी की शर्तों में राहत दी गई है। ऐसे मामलों में नौकरी बदलने के बावजूद पिछले 12 महीनों की स्थिति के आधार पर लाभ मिल सकता है।
EDLI राशि के लिए कैसे करें क्लेम?
EDLI का पैसा लेने के लिए नॉमिनी या कानूनी वारिस को EDLI Form 5 IF भरना होता है। इस फॉर्म को नियोक्ता से साइन और प्रमाणित करवाना होता है।
अगर नियोक्ता से प्रमाणन नहीं मिल पाता है तो बैंक मैनेजर, गजेटेड अधिकारी, मजिस्ट्रेट, सांसद या विधायक जैसे निर्धारित अधिकारियों से फॉर्म को प्रमाणित कराया जा सकता है।इसके बाद फॉर्म और जरूरी दस्तावेज क्षेत्रीय EPF कमिश्नर कार्यालय में जमा किए जाते हैं।
नॉमिनी डिटेल अपडेट रखना जरूरी
EDLI की राशि सीधे नॉमिनी या कानूनी वारिस के बैंक खाते में जमा की जाती है। इसलिए EPF सदस्यों को अपनी नॉमिनी जानकारी हमेशा अपडेट रखनी चाहिए।
शादी या बच्चे के जन्म जैसे बड़े बदलावों के बाद नॉमिनेशन डिटेल अपडेट करना जरूरी है, ताकि जरूरत के समय परिवार को बीमा लाभ लेने में परेशानी न हो।