नौकरी चली गई तो कितने दिन चलेगा घर का खर्च? 83% लोगों की बचत पर चौंकाने वाला खुलासा, जानें कितनी रकम है जरूरी
नौकरी चली जाए या अचानक कमाई बंद हो जाए तो आपकी बचत कितने दिन साथ देगी? एक नई रिपोर्ट में भारतीयों की सेविंग्स को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आखिर मुश्किल वक्त के लिए कितना इमरजेंसी फंड जरूरी है और इसे कहां रखना चाहिए? जानिए पूरी डिटेल।

In Short
- सर्वे में 83% लोगों ने माना कि कमाई बंद होने पर उनकी इमरजेंसी सेविंग्स एक साल भी नहीं चलेंगी।
- 63% लोग खुद को आर्थिक रूप से मजबूत मानते हैं, जबकि 91% मुख्य रूप से नौकरी की कमाई पर निर्भर हैं।
- हर महीने ₹50,000 जरूरी खर्च करने वाले परिवार को छह महीने के लिए ₹3 लाख और 12 महीने के लिए ₹6 लाख का इमरजेंसी फंड चाहिए।
नौकरी छूट जाए या अचानक कमाई बंद हो जाए तो घर का खर्च चलाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय में बैंक में जमा बचत ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। लेकिन क्या आपकी सेविंग्स इतनी हैं कि बिना कमाई के कई महीनों तक घर चल सके? इसी सवाल पर एक नई रिपोर्ट में कई अहम बातें सामने आई हैं।
83% लोगों की बचत एक साल भी नहीं चलेगी
ग्रांट थॉर्नटन भारत की इंडिया फाइनेंशियल रेजिलिएंस रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, सर्वे में शामिल 83% लोगों ने माना कि कमाई बंद होने पर उनकी इमरजेंसी सेविंग्स एक साल से कम चलेंगी। वहीं, 63% लोगों ने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बताया।
यह सर्वे नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच किया गया था। इसमें भारत में रहने वाले 528 लोगों के जवाब शामिल थे। इसके नतीजों को पूरे देश की आबादी पर लागू नहीं किया जा सकता।
कितनी होनी चाहिए आपकी इमरजेंसी सेविंग्स?
इमरजेंसी फंड का मतलब ऐसा पैसा है, जो नौकरी जाने, मेडिकल इमरजेंसी या बिजनेस से कमाई रुकने पर काम आए।
मान लीजिए आपके घर का जरूरी मासिक खर्च ₹50,000 है। ऐसे में छह महीने के लिए ₹3 लाख और 12 महीने के लिए ₹6 लाख का इमरजेंसी फंड चाहिए। इसमें अचानक आने वाला अतिरिक्त खर्च शामिल नहीं है।
अगर घर में कमाने वाला सिर्फ एक व्यक्ति है या कमाई नियमित नहीं है, तो ज्यादा बचत रखना जरूरी हो सकता है। रकम तय करते समय कर्ज, परिवार के सदस्यों और जरूरी खर्चों का ध्यान रखना चाहिए।
कमाई पर निर्भरता बढ़ा रही परेशानी
रिपोर्ट के मुताबिक, 91% लोग मुख्य रूप से नौकरी की कमाई पर निर्भर हैं। सिर्फ 29% को निवेश से आमदनी होती है। वहीं, 10% से कम लोगों को बिजनेस, किराये या दूसरी नौकरी से कमाई होती है।
सर्वे में 74% लोग कम से कम एक पारिवारिक सदस्य का खर्च उठाते हैं। वहीं, 32% अपने परिवार में अकेले कमाने वाले हैं।
महंगाई के मुकाबले नहीं बढ़ रही सैलरी
रिपोर्ट में 62% लोगों ने माना कि उनकी कमाई भविष्य की महंगाई के हिसाब से नहीं बढ़ रही। 25 से 34 साल के लोगों में यह आंकड़ा 70% है। वहीं, 82% लोगों को लगता है कि उनकी काबिलियत के मुताबिक सैलरी नहीं मिलती।
रिटायरमेंट की तैयारी भी कमजोर है। 34 साल से कम उम्र के 92% और 35 से 54 साल के 77% लोग रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त तैयार नहीं हैं।
इमरजेंसी फंड कहां रखें?
इमरजेंसी फंड ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां जरूरत पड़ने पर पैसा तुरंत मिल सके। कुछ रकम सेविंग्स अकाउंट में और बाकी कम जोखिम वाले ऐसे विकल्पों में रखी जा सकती है, जिनसे आसानी से निकासी हो।
इस पैसे को शेयर बाजार के बड़े उतार-चढ़ाव या निकासी की पाबंदी वाले निवेश में लगाने से बचना चाहिए। हर महीने थोड़ी रकम अलग रखकर धीरे-धीरे इमरजेंसी फंड बनाया जा सकता है।