धनतेरस पर सोने के सिक्कों से दूर हो रही Gen Z! अब गोल्ड ETF और SIP में निवेश का बढ़ रहा क्रेज

धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदने की परंपरा पुरानी है, लेकिन इस बार Gen Z की पसंद कुछ अलग नजर आ रही है। युवा अब त्योहार पर पैसा खर्च करने के बजाय भविष्य के लिए निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। आखिर कहां पैसा लगा रहे युवा और क्यों बदल रही सोच?

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In Short

  • धनतेरस पर सोने के सिक्कों और ज्वेलरी के बजाय निवेश के नए विकल्प चुन रही Gen Z।
  • युवा छोटी रकम से जल्दी निवेश शुरू करने और लंबे समय तक जारी रखने पर दे रहे जोर।
  • गोल्ड ETF और SIP में बढ़ती दिलचस्पी के पीछे सुविधा, पारदर्शिता और भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग।

By Gungun Mishra:

धनतेरस के मौके पर सोना और चांदी खरीदना भारत में लंबे समय से शुभ माना जाता है। हर साल लाखों परिवार इस दिन सोने के सिक्के और ज्वेलरी खरीदते हैं। लेकिन इस बार युवा पीढ़ी यानी Gen Z की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 6 नवंबर को मनाई जा रही धनतेरस पर कई युवा फिजिकल गोल्ड खरीदने के बजाय गोल्ड ETF और SIP जैसे निवेश के विकल्पों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

इन युवाओं के लिए धनतेरस अब सिर्फ सोना खरीदने का त्योहार नहीं, बल्कि भविष्य के लिए पैसा निवेश करने की शुरुआत भी बन रहा है।

सोना खरीदने के बजाय निवेश पर जोर

इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Trackk के को-फाउंडर और सीईओ वेदांत गुप्ते के मुताबिक, युवा पीढ़ी अब धनतेरस की परंपरा को नए तरीके से अपना रही है। उनके लिए किसी चीज को खरीदने से ज्यादा जरूरी निवेश की शुरुआत करना है।

वेदांत गुप्ते का कहना है कि परंपरा वही है, लेकिन इसे निभाने का मकसद बदल रहा है। आज का युवा ज्वेलरी की दुकान से सोने का सिक्का खरीदने के बजाय अपना पहला गोल्ड ETF खरीदकर या SIP शुरू करके भी धनतेरस मना सकता है।

कम उम्र में निवेश क्यों पसंद कर रही Gen Z?

पहले की पीढ़ियां अक्सर पैसा बचाने के बाद निवेश शुरू करती थीं। लेकिन Gen Z का तरीका इससे अलग है। युवा अब अमीर बनने का इंतजार करने के बजाय अमीर बनने के लिए निवेश शुरू कर रहे हैं।

वेदांत गुप्ते के मुताबिक, युवा छोटी रकम से जल्दी निवेश शुरू करने और उसे लगातार जारी रखने में विश्वास रखते हैं।

मोबाइल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म और कम रकम से निवेश की सुविधा ने भी इस बदलाव को बढ़ावा दिया है। युवा ऐसे निवेश विकल्प पसंद कर रहे हैं, जिनमें पारदर्शिता और जरूरत के मुताबिक लचीलापन हो।

प्रतीकात्मक तस्वीर

गोल्ड ETF में क्यों बढ़ रही दिलचस्पी?

गोल्ड ETF उन युवाओं के लिए एक विकल्प बन रहा है, जो सोने में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन उसे फिजिकल रूप में नहीं खरीदना चाहते।

गोल्ड ETF घरेलू सोने की कीमतों को ट्रैक करते हैं। इनमें सोने की शुद्धता, मेकिंग चार्ज और स्टोरेज जैसी परेशानियां नहीं होतीं। हालांकि, निवेशकों को एक्सपेंस रेशियो, ब्रोकरेज चार्ज और बाजार के उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना जरूरी है।

सोना और शेयर बाजार दोनों में निवेश

वेदांत गुप्ते के मुताबिक, युवा निवेशक अब समझ रहे हैं कि सोना और इक्विटी दोनों पोर्टफोलियो का हिस्सा हो सकते हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान सोना स्थिरता देने में मदद कर सकता है। हालांकि, सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट संभव है।

उनका मानना है कि युवा निवेशकों के लिए आकर्षक फीचर्स से ज्यादा भरोसा, पारदर्शिता और वित्तीय जानकारी जरूरी है। निवेश प्लेटफॉर्म को जल्दबाजी में ट्रेडिंग के बजाय अनुशासित निवेश को बढ़ावा देना चाहिए।

धनतेरस 2026 का यह रुझान दिखाता है कि युवा अब एक दिन की खरीदारी के बजाय लंबे समय में संपत्ति बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

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