सिर्फ Minimum Amount Due भरने से क्रेडिट स्कोर गिरता है या नहीं?

बैंक जब भी आपके क्रेडिट कार्ड के बिल का स्टेटमेंट देता है तो उसमें Minimum Amount Due (MAD) भी दिखाई देती है जिससे कई लोग यही समझते हैं कि इतना भुगतान कर देना ही काफी है। लेकिन क्या इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है? चलिए जानते हैं। 

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By Gaurav Kumar:

Credit Card: अगर आप क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं तो आपके मन में भी यह सवाल जरूर आता होगा कि अगर हर महीने क्रेडिट कार्ड के पूरे बिल के बजाए सिर्फ Minimum Amount Due (MAD) की पेमेंट की जाए तो क्या इससे क्रेडिट स्कोर गिर जाएगा या नहीं?

दरअसल बैंक जब भी आपके क्रेडिट कार्ड के बिल का स्टेटमेंट देता है तो उसमें Minimum Amount Due (MAD) भी दिखाई देती है जिससे कई लोग यही समझते हैं कि इतना भुगतान कर देना ही काफी है। लेकिन क्या इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है? चलिए जानते हैं। 

Minimum Amount Due क्या होता है?

न्यूनतम देय राशि (Minimum Amount Due) वह न्यूनतम रकम होती है, जो आपको लेट फीस और डिफॉल्ट से बचने के लिए तय तारीख तक भरनी होती है। आमतौर पर यह कुल बकाया का 5% से 10% तक होता है।

मान लीजिए कि, अगर आपके कार्ड पर ₹50,000 का बकाया है, तो Minimum Amount Due करीब ₹2,500-₹5,000 हो सकता है।

क्या इससे क्रेडिट स्कोर गिर सकता है?

1. तकनीकी रूप से - तुरंत नहीं

अगर आप हर महीने समय पर Minimum Amount Due भर रहे हैं, तो आपको डिफॉल्टर नहीं माना जाएगा। यानी आपका पेमेंट रिकॉर्ड 'लेट' नहीं दिखेगा। इससे आपका स्कोर तुरंत नहीं गिरेगा।

2. लेकिन इनडायरेक्ट रूप से - हां, असर पड़ सकता है

Minimum Amount भरने से आप डिफॉल्ट से बच तो जाएंगे लेकिन इससे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ जाएगा, बची हुई रकम पर ब्याज जुड़ता रहता है, जिससे कुल बकाया बढ़ जाएगा और लंबी अवधि तक ज्यादा बकाया रहने से आपका रिस्क प्रोफाइल बढ़ सकता है।

यदि आपका कार्ड लगभग फुल लिमिट तक भरा रहता है, तो क्रेडिट ब्यूरो इसे निगेटिव संकेत के रूप में देख सकता है। इससे स्कोर धीरे-धीरे गिर सकता है।

Minimum Amount भरने का नुकसान क्या है?

क्रेडिट कार्ड पर सिर्फ Minimum Amount भरना पहली नजर में आसान ऑप्शन लगता है, लेकिन इसके गंभीर नुकसान हो सकते हैं। ऐसा करने पर बाकी बकाया राशि पर 30-45% तक सालाना भारी ब्याज लग सकता है, जिससे आपका कर्ज तेजी से बढ़ता जाता है।

चूंकि मूल रकम कम नहीं होती, इसलिए कर्ज लंबे समय तक चलता रहता है और आप ब्याज के जाल में फंस सकते हैं। लगातार मिनिमम पेमेंट करने से आपका क्रेडिट प्रोफाइल भी प्रभावित होता है, जिससे भविष्य में लोन या EMI अप्रूवल में दिक्कत आ सकती है। इतना ही नहीं, बैंक आपकी क्रेडिट लिमिट बढ़ाने से भी बच सकते हैं, जिससे भविष्य में आपकी वित्तीय लचीलापन कम हो जाता है।

 कब ठीक है Minimum Amount भरना?

Minimum Amount भरना कुछ खास परिस्थितियों में ही ठीक माना जा सकता है, जैसे अचानक आई फाइनेंशियल इमरजेंसी या एक-दो महीने के लिए कैश फ्लो की अस्थायी समस्या होने पर।

ऐसी स्थिति में यह लेट फीस और डिफॉल्ट से बचने का तरीका बन सकता है, लेकिन इसे आदत बना लेना सही रणनीति नहीं है क्योंकि इससे ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है।

वहीं, क्रेडिट स्कोर सुरक्षित रखने के लिए हमेशा कोशिश करें कि पूरा बकाया (Total Outstanding) चुका दें। अगर ऐसा संभव न हो, तो कम से कम 50% से ज्यादा भुगतान करने की कोशिश करें, ताकि ब्याज कम लगे और आपका क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत बना रहे।

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