जुलाई में क्रेडिट कार्ड मार्केट की बदली तस्वीर! PSU बैंकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी, HDFC Bank की बादशाहत कायम

जुलाई में भारत के क्रेडिट कार्ड बाजार में फिर तेजी देखने को मिली। कुल खर्च बढ़ा और नए कार्ड जुड़ने की रफ्तार भी मजबूत रही। HDFC Bank इस दौड़ में सबसे आगे रहा, जबकि PSU बैंकों ने भी अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। आंकड़े बाजार में बदलते रुझान की ओर इशारा कर रहे हैं।

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By Gaurav Kumar:

भारत में क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में जुलाई 2026 के दौरान फिर से तेजी देखने को मिली। कुल क्रेडिट कार्ड खर्च बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। ACMIIL Research रिपोर्ट के मुताबिक जून में खर्च लगभग स्थिर रहने के बाद जुलाई में इसमें महीने-दर-महीने 3.4% की बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर भी खर्च 7.4% बढ़ा है।

जुलाई में नए क्रेडिट कार्ड जुड़ने की रफ्तार भी काफी मजबूत रही। महीने के दौरान कुल 14.3 लाख नए कार्ड जुड़े, जो पिछले 12 महीनों में सबसे ज्यादा मासिक बढ़ोतरी है। इस मामले में HDFC Bank सबसे आगे रहा।

जुलाई में क्रेडिट कार्ड खर्च 2.08 लाख करोड़ रुपये

जुलाई 2026 में क्रेडिट कार्ड से कुल 2,081 अरब रुपये यानी करीब 2.08 लाख करोड़ रुपये का खर्च हुआ। यह जून के मुकाबले 3.4% और पिछले साल जुलाई के मुकाबले 7.4% ज्यादा है।

हालांकि, सालाना ग्रोथ जून के 9.9% से कम रही। यानी खर्च बढ़ा जरूर है, लेकिन इसकी रफ्तार पिछले महीने के मुकाबले थोड़ी धीमी हुई है।

बड़े बैंकों में ICICI Bank ने जून की कमजोरी के बाद जुलाई में अच्छी रिकवरी दिखाई। बैंक के कार्ड खर्च में महीने-दर-महीने 8.3% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, सालाना आधार पर खर्च 5.9% घटा और यह लगातार सातवां महीना रहा जब बैंक के कार्ड खर्च में सालाना गिरावट आई।

Axis Bank के खर्च में भी महीने-दर-महीने 7.4% की बढ़ोतरी हुई। वहीं SBI के कार्ड खर्च में 3.6% की गिरावट आई। जून में तेज बढ़ोतरी के बाद जुलाई में SBI के खर्च में आई कमी मुख्य रूप से ऑनलाइन खर्च घटने की वजह से रही।

HDFC Bank के कार्ड खर्च में महीने-दर-महीने 1.3% और सालाना आधार पर 11.9% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, यह ग्रोथ पूरे इंडस्ट्री की मासिक ग्रोथ से कम रही।

PSU बैंकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी

क्रेडिट कार्ड खर्च के बाजार में सरकारी यानी PSU बैंकों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। पिछले एक साल में PSU बैंकों की हिस्सेदारी करीब 265 बेसिस पॉइंट बढ़कर 19.5% से 22.2% हो गई है।

इसके उलट, प्राइवेट बैंकों की हिस्सेदारी करीब 318 बेसिस पॉइंट घट गई है। ICICI Bank और IndusInd Bank इस गिरावट में प्रमुख कारण रहे।

SBI की हिस्सेदारी जुलाई 2025 के 16.8% से बढ़कर जुलाई 2026 में 19% हो गई। यानी एक साल में करीब 223 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, जून के मुकाबले जुलाई में SBI की हिस्सेदारी 138 बेसिस पॉइंट घट गई।

HDFC Bank की बाजार हिस्सेदारी सालाना आधार पर 118 बेसिस पॉइंट बढ़कर 28.9% हो गई, हालांकि महीने-दर-महीने इसमें 59 बेसिस पॉइंट की कमी आई।

ICICI Bank की हिस्सेदारी 16.4% रही। बैंक की हिस्सेदारी सालाना आधार पर 231 बेसिस पॉइंट घटी, हालांकि जुलाई में इसमें 75 बेसिस पॉइंट की मासिक रिकवरी हुई।

Axis Bank की हिस्सेदारी 11.4% रही, जो सालाना आधार पर 30 बेसिस पॉइंट कम है।

क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन भी बढ़े

जुलाई में क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या भी बढ़ी। कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 601 मिलियन यानी करीब 60.1 करोड़ रहा। इसमें महीने-दर-महीने 4.1% और सालाना आधार पर 24.1% की बढ़ोतरी हुई।

खास बात यह रही कि जून में गिरावट के बाद जुलाई में सभी बड़े चार बैंकों के ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में मासिक आधार पर बढ़ोतरी हुई।

HDFC Bank के ट्रांजैक्शन 2.8%, SBI के 4.2%, ICICI Bank के 4.2% और Axis Bank के 4.3% बढ़े।

मिड-साइज बैंकों में Federal Bank के ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में सालाना आधार पर 140% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। वहीं PNB के ट्रांजैक्शन बढ़कर 52 लाख हो गए, जो महीने-दर-महीने 8.9% की बढ़ोतरी है।

नए कार्ड जोड़ने में HDFC Bank सबसे आगे

जुलाई में क्रेडिट कार्ड इंडस्ट्री ने कुल 14.3 लाख नए कार्ड जोड़े। यह जुलाई 2025 के बाद किसी एक महीने में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। साथ ही, नए कार्ड जुड़ने का यह लगातार चौथा महीना रहा जब नेट एडिशन बढ़े।

इसके बाद देश में कुल एक्टिव क्रेडिट कार्ड की संख्या करीब 12.38 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले साल की तुलना में 10% ज्यादा है।

बड़े बैंकों में HDFC Bank ने सबसे ज्यादा 2.3 लाख नए कार्ड जोड़े। इसके बाद SBI ने 1.8 लाख और ICICI Bank ने 1.7 लाख कार्ड जोड़े।

Axis Bank इस मामले में पीछे रहा और उसके करीब 70,000 नए कार्ड जुड़े।

मिड-साइज बैंकों में Federal Bank ने 1.1 लाख नए कार्ड जोड़कर बढ़त बनाई। IDFC First Bank ने करीब 80,000 नए कार्ड जोड़े।

वहीं IndusInd Bank के कार्ड बेस में लगातार सातवें महीने गिरावट देखने को मिली। जुलाई में इसका कार्ड बेस सालाना आधार पर 6.9% घटा।

HDFC Bank की खर्च में सबसे बड़ी हिस्सेदारी

जुलाई में कुल क्रेडिट कार्ड खर्च में HDFC Bank की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 28.9% रही। इसके बाद SBI की 19%, ICICI Bank की 16.4% और Axis Bank की 11.4% हिस्सेदारी रही।

खर्च के मामले में mid-sized और विदेशी बैंकों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। जुलाई में देश के चार सबसे बड़े कार्ड जारी करने वाले बैंकों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी महीने-दर-महीने करीब 80 बेसिस पॉइंट घट गई।

इसका फायदा छोटे, मिड-साइज और विदेशी बैंकों को मिला।

कार्ड से औसत खर्च बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर अभी कमजोरी

जुलाई में एक कार्ड पर औसत खर्च 16,812 रुपये रहा। यह जून के मुकाबले 2.2% ज्यादा है, लेकिन पिछले साल जुलाई के मुकाबले इसमें 2.4% की गिरावट आई।

SBI इस मामले में सबसे मजबूत रहा। SBI के एक कार्ड पर औसत खर्च सालाना आधार पर करीब 14% बढ़ा। हालांकि, महीने-दर-महीने इसमें करीब 4% की कमी आई, जिसका मुख्य कारण ऑनलाइन खर्च में गिरावट रहा।

दूसरी ओर, एक क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की औसत वैल्यू घटकर 3,460 रुपये रह गई। इसमें सालाना आधार पर 13.5% की गिरावट हुई। जून में यह गिरावट 12.9% थी।

ऑनलाइन और ऑफलाइन खर्च में क्या बदलाव आया?

क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में ऑनलाइन और POS यानी दुकानों पर होने वाले खर्च का ट्रेंड भी अलग रहा।

HDFC Bank के मामले में ऑनलाइन खर्च की हिस्सेदारी 30% और POS खर्च की हिस्सेदारी 27% रही। SBI में ऑनलाइन खर्च की हिस्सेदारी 20% और POS की 19% रही। ICICI Bank में ऑनलाइन खर्च 19% और POS 12% रहा, जबकि Axis Bank में ऑनलाइन 10% और POS 14% हिस्सेदारी रही।

SBI के जुलाई में कुल खर्च में आई गिरावट पूरी तरह ऑनलाइन खर्च घटने से जुड़ी रही। बैंक का ऑनलाइन खर्च महीने-दर-महीने 5.7% घटा, जबकि POS खर्च 0.8% बढ़ा।

छोटी रकम वाले ट्रांजैक्शन बढ़ने का असर

क्रेडिट कार्ड के एक ट्रांजैक्शन की औसत वैल्यू में लगातार गिरावट का एक बड़ा कारण कम रकम वाले ट्रांजैक्शन का बढ़ना है।

विशेष रूप से RuPay कार्ड से जुड़े UPI ट्रांजैक्शन में बढ़ोतरी से छोटे टिकट वाले भुगतान बढ़ रहे हैं। इसी वजह से कुल ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन हर ट्रांजैक्शन पर औसत खर्च कम हो रहा है।

कुल मिलाकर जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि क्रेडिट कार्ड बाजार में खर्च और ट्रांजैक्शन दोनों में रिकवरी हुई है। नए कार्ड जुड़ने की रफ्तार भी मजबूत है। वहीं PSU बैंकों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ना और छोटे बैंकों का बेहतर प्रदर्शन इस सेक्टर में बदलते मुकाबले की तस्वीर दिखाता है।

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