क्रेडिट कार्ड पर लिखी इस तारीख को न करें नजरअंदाज! छोटी-सी चूक से अटक सकते हैं जरूरी पेमेंट, बढ़ सकती है मुश्किल
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आसान जरूर है, लेकिन इससे जुड़ी एक छोटी-सी लापरवाही आपके जरूरी पेमेंट रोक सकती है। इतना ही नहीं, समय रहते ध्यान न देने पर आगे Loan लेने में भी परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में कार्ड पर लिखी एक खास तारीख को नजरअंदाज करना आपके लिए महंगा पड़ सकता है।

In Short
- क्रेडिट कार्ड की Expiry Date खत्म होते ही उससे जुड़े Transaction और Auto-Pay रुक सकते हैं।
- Auto-Pay Fail होने पर बिजली बिल, OTT Subscription या दूसरी जरूरी Services पर Late Fee लग सकती है।
- नया कार्ड न मिलने पर Bank से संपर्क करें, और कार्ड इस्तेमाल नहीं करना हो तो उसे Properly Close कराएं।
Credit Card: आजकल क्रेडिट कार्ड सिर्फ खरीदारी का जरिया नहीं रहा, बल्कि रोजमर्रा के कई खर्च इससे जुड़े होते हैं। इसलिए कार्ड से जुड़ी छोटी-सी बात पर ध्यान न देने से अचानक परेशानी खड़ी हो सकती है और जरूरी पेमेंट भी अटक सकते हैं।
ऐसे में कार्ड की Expiry Date आने से पहले आपको कौन-से काम जरूर कर लेने चाहिए?
Expiry से पहले करें यह काम
अगर आपके कार्ड की वैलिडिटी खत्म होने वाली है, तो बैंक ऐप, कस्टमर केयर या ब्रांच से रिन्यूअल की जानकारी ले लें। नया कार्ड मिलने के बाद ऑटो-पे और स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन जरूर चेक करें, ताकि कोई जरूरी पेमेंट बीच में न रुके।
अगर आप कार्ड आगे इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो पहले पूरा बकाया चुकाएं और फिर अकाउंट बंद करा दें। सिर्फ कार्ड एक्सपायर होने से सिबिल स्कोर नहीं गिरता, लेकिन क्रेडिट कार्ड बिल या ईएमआई की पेमेंट मिस होने पर इसका असर पड़ सकता है।
अब सवाल है कि कार्ड की एक्सपायरी डेट आखिर लिखी कहां होती है?
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कार्ड पर कहां लिखी होती है तारीख?
हर क्रेडिट कार्ड पर एमएम/वाईवाई फॉर्मेट में महीना और साल लिखा होता है। जैसे 08/26 का मतलब है कि कार्ड अगस्त 2026 के आखिर तक वैलिड रहेगा। इसके बाद पुराने कार्ड से कोई नया ट्रांजैक्शन नहीं किया जा सकेगा।
हालांकि, कार्ड एक्सपायर होने का मतलब यह नहीं है कि आपका क्रेडिट कार्ड अकाउंट अपने आप बंद हो गया है। आरबीआई के मुताबिक, कार्ड को ब्लॉक या डीऐक्टिवेट करना और अकाउंट को पूरी तरह क्लोज करना अलग-अलग बातें हैं।
लेकिन कार्ड एक्सपायर होते ही उससे जुड़े ऑटो-पेमेंट आखिर क्यों फेल होने लगते हैं?
Auto-Pay क्यों हो सकता है Fail?
अगर बिजली, पानी, गैस, मोबाइल बिल या नेटफ्लिक्स-अमेजन जैसे सब्सक्रिप्शन पुराने कार्ड से ऑटो-पे पर जुड़े हैं, तो कार्ड एक्सपायर होने के बाद पेमेंट फेल हो सकता है। इससे सर्विस रुक सकती है या कंपनी अपने नियमों के मुताबिक लेट फीस भी लगा सकती है।
नए कार्ड का नंबर, एक्सपायरी डेट या सीवीवी बदल सकता है। इसलिए नया कार्ड एक्टिव करने के बाद सभी ऑटो-पे और सब्सक्रिप्शन डिटेल्स को चेक करके अपडेट करना जरूरी है। लेकिन पेमेंट फेल होने से सिबिल स्कोर और लोन पर असर आखिर कब पड़ता है?
CIBIL Score और Loan पर कब पड़ेगा असर?
ओटीटी या यूटिलिटी पेमेंट फेल होने से सिबिल स्कोर सीधे खराब नहीं होता। सिबिल के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड का पेमेंट देर से करने, पेमेंट मिस होने या ईएमआई समय पर न भरने से स्कोर पर बुरा असर पड़ सकता है।
सिबिल स्कोर कम होने पर होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की अप्रूवल मिलने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए क्रेडिट कार्ड का ड्यू और ईएमआई समय पर भरने का इंतजाम पहले से चेक कर लें। लेकिन क्या इस परेशानी से बचने के लिए दूसरा क्रेडिट कार्ड लेना सही रहेगा?
क्या दूसरा Credit Card लेना सही है?
कार्ड की एक्सपायरी से जुड़ी परेशानी से बचने के लिए तुरंत दूसरा क्रेडिट कार्ड अप्लाई करना जरूरी नहीं है। बार-बार कार्ड के लिए एप्लीकेशन देने से आपकी क्रेडिट इन्क्वायरी बढ़ सकती है। इसलिए पहले अपने मौजूदा बैंक से रिप्लेसमेंट कार्ड मांगें और बैंक में दर्ज अपना रजिस्टर्ड एड्रेस भी चेक कर लें। लेकिन अगर आप उस कार्ड को आगे इस्तेमाल ही नहीं करना चाहते हैं, तो उसे सही तरीके से बंद कैसे कराएं?
कार्ड नहीं चाहिए तो ऐसे बंद कराएं
आमतौर पर बैंक कार्ड की एक्सपायरी से पहले नया कार्ड भेज देता है। अगर नया कार्ड नहीं मिलता है, तो बैंक से संपर्क करें। वहीं, अगर आप कार्ड आगे इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो पहले पूरा ड्यू चुका दें और उसके बाद क्लोजर रिक्वेस्ट दें।
कार्ड बंद होने का कन्फर्मेशन भी बैंक से जरूर ले लें। आरबीआई के मुताबिक, पूरा बकाया चुकाने के बाद कार्ड जारी करने वाले बैंक को क्लोजर रिक्वेस्ट तुरंत प्रोसेस करनी चाहिए। लेकिन कैसे पता चलेगा कि आपका क्रेडिट कार्ड अकाउंट पूरी तरह बंद हो चुका है?