क्या मैच्योरिटी से पहले बेच सकते हैं Bonds? लिक्विडिटी, एग्जिट और पेनल्टी पर जानें एक्सपर्ट की राय
FD में समय से पहले पैसा निकालने पर अक्सर पेनल्टी देनी पड़ती है, लेकिन Bonds में क्या नियम है? क्या जरूरत पड़ने पर मैच्योरिटी से पहले Bond बेच सकते हैं और पैसा आसानी से मिल जाता है? बिजनेस टुडे के शो में IndiaBonds के को-फाउंडर विशाल गोयनका ने Bond की लिक्विडिटी, मार्केट प्राइस और पेनल्टी से जुड़े सवालों का जवाब दिया।

In Short
- Bonds को मैच्योरिटी से पहले भी बेचा जा सकता है।
- FD की तरह Bonds में तय प्रीमैच्योर पेनल्टी नहीं होती।
- - Bond बेचने की कीमत उस समय के मार्केट प्राइस पर निर्भर करती है।
निवेश करते समय अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि अगर FD में पैसा तय अवधि के लिए लगाया जाता है और जरूरत पड़ने पर उसे समय से पहले तोड़ने पर कुछ रकम पेनल्टी के रूप में देनी पड़ती है, तो क्या Bonds में भी ऐसा ही होता है? क्या मैच्योरिटी से पहले Bond से पैसा निकाला जा सकता है और इसके लिए कोई पेनल्टी देनी पड़ती है?
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए IndiaBonds के को-फाउंडर विशाल गोयनका ने कहा कि Bonds को पैसा निकालने वाले निवेश की तरह नहीं देखना चाहिए। यह एक कैपिटल मार्केट सिक्योरिटी है। जिस तरह शेयर को खरीदा और बेचा जा सकता है, उसी तरह Bonds को भी खरीदा और बेचा जा सकता है।
मैच्योरिटी से पहले बेच सकते हैं Bond?
विशाल गोयनका के मुताबिक निवेशक Bond को मैच्योरिटी से पहले भी बेच सकता है। हालांकि उस समय Bond किस कीमत पर बिकेगा, यह उसकी मौजूदा मार्केट प्राइस पर निर्भर करेगा।
उन्होंने बताया कि IndiaBonds के प्लेटफॉर्म पर लगभग सभी ऐसे निवेशकों को खरीदार खोजने में मदद मिली है, जो अपने Bonds बेचना चाहते थे।
Bond में मिल सकता है कैपिटल गेन
विशाल गोयनका के मुताबिक कुछ मामलों में Bond से कैपिटल एप्रिसिएशन का फायदा भी मिल सकता है। अगर किसी कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बेहतर होती है या ब्याज दरों का चक्र अनुकूल रहता है तो Bond की कीमत बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि Bonds को कैपिटल मार्केट सिक्योरिटी की तरह देखना चाहिए, जिसे जरूरत पड़ने पर बेचा जा सकता है।
क्या Bond बेचने पर लगती है पेनल्टी?
FD और Bond के बीच यहां बड़ा अंतर है। विशाल गोयनका के मुताबिक Bonds में FD की तरह पहले से तय प्रीमैच्योर पेनल्टी नहीं होती। हालांकि Bond बेचते समय मिलने वाली कीमत बाजार की स्थिति पर निर्भर करती है।
कम क्रेडिट रेटिंग वाले जोखिम भरे Bonds, जैसे BBB या BBB+ रेटिंग वाले Bonds में लिक्विडिटी कम हो सकती है। ऐसे Bonds को बेचने के लिए निवेशक को कीमत पर समझौता करना पड़ सकता है।
FD के मुकाबले कितनी फ्लेक्सिबिलिटी?
गोयनका के मुताबिक FD शॉर्ट टर्म के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन Bonds ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी दे सकते हैं। निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से मैच्योरिटी वाला Bond चुन सकता है।
उदाहरण के लिए अगर तीन साल बाद कार या घर खरीदने के लिए पैसे चाहिए तो तीन साल की मैच्योरिटी वाला Bond चुना जा सकता है। मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम को उस फाइनेंशियल गोल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।