Budget 2027-28 को लेकर काम शुरू, वित्त मंत्रालय ने तेज की तैयारी
बजट 2027-28 की तैयारी शुरू हो गई है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होंगी। सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को 6 अक्टूबर तक बजट से जुड़ा डेटा जमा करना होगा। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 10वां बजट होगा।

In Short
- बजट 2027-28 के लिए प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होंगी
- मंत्रालयों और विभागों को 6 अक्टूबर तक UBIS पर डेटा जमा करना होगा
- निर्मला सीतारमण लगातार 10वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी
करीब एक साल के अंतराल के बाद गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी GST Council की बैठक 12 सितंबर को नई दिल्ली में होने जा रही है। आधिकारिक मेमोरेंडम के मुताबिक इससे एक दिन पहले 11 सितंबर को अधिकारियों की बैठक होगी।
पिछली GST Council बैठक को लगभग एक साल हो चुका है। उस बैठक में रेट रेशनलाइजेशन और प्रक्रियात्मक नियमों में बदलाव से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी, जिन्हें GST 2.0 के तहत आगे बढ़ाया गया था। आमतौर पर काउंसिल की बैठक हर तिमाही होने की उम्मीद रहती है।
चुनाव और संसद सत्र के बाद बढ़ी थी बैठक की उम्मीद
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली GST Council की बैठक को लेकर पहले से उम्मीद बनी हुई थी। राज्य विधानसभा चुनाव और संसद का मॉनसून सत्र खत्म होने के बाद माना जा रहा था कि काउंसिल अब लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक बुला सकती है।
रजिस्ट्रेशन और ऑडिट नियमों पर हो सकती है चर्चा
इस बैठक में पिछली बार उठाए गए कई सुधारों को आगे बढ़ाया जा सकता है। इनमें कारोबारियों के लिए रजिस्ट्रेशन आसान करने, ऑडिट से जुड़े नियमों में राहत देने और कुछ गुड्स एंड सर्विसेज पर इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
काउंसिल से यह भी उम्मीद है कि वह पिछले साल हुए रेट रेशनलाइजेशन के बाद राज्यों और केंद्र की रेवेन्यू स्थिति की समीक्षा करेगी।
GST दरों में बदलाव की मांग भी उठ रही
इंडस्ट्री के कुछ हिस्सों की ओर से अलग-अलग गुड्स एंड सर्विसेज पर GST दरों की समीक्षा की मांग भी की जा रही है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि काउंसिल इस बैठक में इन मांगों पर तुरंत विचार करेगी या नहीं।
फिलहाल बैठक का पूरा एजेंडा तय नहीं हुआ है। इसके बावजूद GST अपीलेट ट्रिब्यूनल के ऑपरेशनल होने और उसके कामकाज की स्थिति की समीक्षा भी बैठक का हिस्सा बन सकती है।
ITC नियमों पर फिर उठ सकता है सवाल
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और टैक्स कॉन्ट्रोवर्सी मैनेजमेंट लीडर मनोज मिश्रा ने कहा कि काउंसिल को ITC से जुड़ी उन शर्तों पर दोबारा विचार करना चाहिए, जिनको लेकर काफी विवाद होता रहा है।
मौजूदा व्यवस्था में खरीदार का ITC इस बात से जुड़ा होता है कि सप्लायर ने टैक्स सरकार के खजाने में जमा किया है या नहीं। जबकि खरीदार के पास सप्लायर की इस कंप्लायंस को मॉनिटर करने की व्यावहारिक क्षमता बहुत सीमित होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि काउंसिल को वास्तविक व्याख्यात्मक विवादों को सुलझाकर मुकदमेबाजी कम करने पर ध्यान देना चाहिए। गेम्सक्राफ्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी नजर बनी हुई है।