AI शेयरों की तेजी पर लगा ब्रेक, 81% रिटर्न के बाद बदला बाजार का रुख, Jefferies ने बताया कहां बन सकते हैं मौके
दुनियाभर में AI शेयरों की जोरदार तेजी अब धीमी पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। Jefferies की नई रिपोर्ट के मुताबिक, उभरते बाजारों में 81% की तेजी के बाद AI शेयरों का रिटर्न सुस्त हुआ है। महंगे वैल्यूएशन और कमाई की घटती रफ्तार के बीच ब्रोकरेज ने भारत, चीन और हांगकांग को बेंचमार्क से ज्यादा वेटेज दिया है। जानिए रिपोर्ट के प्रमुख संकेत।

In Short
- उभरते बाजारों में जून 2026 तक एक साल में 81% चढ़ने वाले AI शेयरों की तेजी दूसरी छमाही में धीमी पड़ी।
- Jefferies के मुताबिक वैश्विक AI शेयरों की अनुमानित अर्निंग ग्रोथ 2026 के करीब 100% से घटकर 2028 में 22% रह सकती है।
- Jefferies ने अपने पोर्टफोलियो में भारत को 12%, चीन को 22% और हांगकांग को 6% वेटेज दिया है, जो इनके बेंचमार्क से ज्यादा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में लंबे समय से जारी जोरदार तेजी अब धीमी पड़ने लगी है। खासकर उभरते बाजारों (Emerging Markets) में AI शेयरों का प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा। ऐसे में निवेशक टेक्नोलॉजी के अलावा दूसरे सेक्टर्स में भी निवेश के मौके तलाश रहे हैं।
ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी अपनी GREED & fear रिपोर्ट में AI शेयरों की घटती रफ्तार, महंगे वैल्यूएशन और अलग-अलग बाजारों में निवेश की संभावनाओं पर जानकारी दी है।
81% की तेजी के बाद AI शेयरों की रफ्तार धीमी
Jefferies के मुताबिक, जून 2026 तक एक साल में उभरते बाजारों के AI शेयरों ने 81% का शानदार रिटर्न दिया था। हालांकि, साल की दूसरी छमाही में इन शेयरों से मिलने वाला रिटर्न धीमा पड़ गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक AI कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी की रफ्तार भी घट सकती है। अनुमान है कि AI शेयरों की अर्निंग ग्रोथ 2026 के करीब 100% से घटकर 2027 में 30% और 2028 में 22% रह सकती है।
वहीं, AI से अलग वैश्विक कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ 2026 के 16% से घटकर 2027 और 2028 में 9% रहने का अनुमान है।
AI शेयर महंगे, दूसरे सेक्टर्स में मिल सकते हैं मौके
Jefferies के अनुसार, वैश्विक AI शेयर औसतन अगले अनुमानित मुनाफे के 23 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। इसके मुकाबले AI से अलग कंपनियों का वैल्यूएशन 13 गुना है।
इस अंतर के चलते निवेशक दूसरे सेक्टर्स में भी बेहतर अवसर तलाश सकते हैं।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि AI शेयरों की तेजी पूरी तरह खत्म हो गई है। सेमीकंडक्टर कंपनियों को AI डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च से फायदा मिल सकता है।
भारत, चीन और हांगकांग पर Jefferies का फोकस
Jefferies की पोर्टफोलियो रणनीति में भारत, चीन और हांगकांग को उनके बेंचमार्क के मुकाबले ज्यादा वेटेज दिया गया है।
भारत के लिए ब्रोकरेज ने 12% वेटेज रखा है, जबकि बेंचमार्क में इसकी हिस्सेदारी 10.9% है।
इसी तरह चीन के लिए 22% वेटेज रखा गया है, जबकि बेंचमार्क में यह 19.9% है। हांगकांग के लिए 6% वेटेज तय किया गया है, जबकि बेंचमार्क में इसकी हिस्सेदारी 3.2% है।
ये आंकड़े Jefferies की निवेश रणनीति को दिखाते हैं, भविष्य में बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं हैं।
टेक्नोलॉजी शेयरों से पूरी तरह दूरी नहीं
Jefferies के मुताबिक, 14 अक्टूबर तक MSCI AC Asia ex-Japan इंडेक्स में TSMC, Samsung Electronics और SK Hynix की संयुक्त हिस्सेदारी 32.1% थी।
इसके मुकाबले ब्रोकरेज के Asia ex-Japan लॉन्ग-ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो में इन तीनों कंपनियों की कुल हिस्सेदारी 16% थी।
इससे संकेत मिलता है कि ब्रोकरेज AI से जुड़ी कंपनियों में निवेश बनाए रखते हुए किसी एक सेक्टर पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता कम रखना चाहता है।
रिपोर्ट का मुख्य संकेत यह है कि आने वाले समय में निवेशकों के लिए सिर्फ AI शेयरों की तेजी देखना पर्याप्त नहीं होगा। कंपनियों की कमाई, वैल्यूएशन और अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।