3. EPFO New Rules: PF की लिमिट बढ़कर ₹25,000 हुई, क्या अब हाथ में आएगी कम सैलरी? जानिए पूरी डिटेल
EPF की सैलरी लिमिट ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हो गई है। इस फैसले से करीब 51 लाख नए कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है। जानिए किन लोगों का PF हर महीने ₹1,200 तक ज्यादा कटेगा, हाथ में आने वाली सैलरी पर कितना असर पड़ेगा और पेंशन व बीमा के नियमों में क्या बदलाव होगा।

1. PF की सैलरी लिमिट बढ़कर ₹25,000 हुई
केंद्र सरकार की कैबिनेट ने कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF की सैलरी लिमिट ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति महीने करने को मंजूरी दी है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू हुआ है। इससे पहले सितंबर 2014 से यह लिमिट ₹15,000 थी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अब हर कर्मचारी की पूरी सैलरी पर PF कटेगा।
2. करीब 51 लाख नए कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस फैसले से करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आएंगे। PF के लिए आमतौर पर बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता और जहां लागू हो, रिटेनिंग अलाउंस को आधार माना जाता है। इसमें पूरी ग्रॉस सैलरी या CTC नहीं देखी जाती। साथ ही कर्मचारी की कंपनी का EPF कानून के दायरे में आना भी जरूरी है।
3. हर महीने ₹1,200 ज्यादा कट सकता है PF
कर्मचारी के 12% योगदान के हिसाब से पहले ₹15,000 की लिमिट पर हर महीने ₹1,800 PF कटता था। अब ₹25,000 की लिमिट पर यह रकम ₹3,000 हो सकती है। यानी हर महीने ₹1,200 और सालभर में ₹14,400 का अंतर आएगा। हालांकि, सभी कर्मचारियों का PF इतना नहीं बढ़ेगा। असल कटौती उनकी सैलरी और कंपनी के सैलरी स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी।
4. क्या अब हाथ में कम आएगी सैलरी?
नई लिमिट के तहत आने वाले किसी कर्मचारी का PF ₹1,800 से बढ़कर ₹3,000 होता है, तो उसकी हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी ₹1,200 तक कम हो सकती है। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से ₹25,000 या उससे ज्यादा की बेसिक सैलरी पर PF जमा कर रहे हैं, उनकी सैलरी पर बहुत कम असर पड़ सकता है या कोई बदलाव नहीं होगा। यह कंपनी के CTC और सैलरी स्ट्रक्चर पर भी निर्भर करेगा।
5. कंपनी के PF योगदान का क्या होगा?
कर्मचारी के अलावा कंपनी भी नियमों के तहत 12% योगदान करती है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, इसमें 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS और 3.67% हिस्सा EPF में जाता है। ₹25,000 की लिमिट पर 8.33% की गणना करने पर करीब ₹2,082.50 बनते हैं। हालांकि, इसे पेंशन की गारंटीड रकम नहीं समझना चाहिए। असल योगदान और पेंशन EPS के लागू नियमों पर निर्भर करेंगे।
6. रिटायरमेंट के लिए जमा हो सकता है ज्यादा पैसा
नई लिमिट के कारण जो कर्मचारी पहली बार अनिवार्य PF के दायरे में आएंगे, उनके खाते में हर महीने कर्मचारी और कंपनी का योगदान जमा होगा। इस रकम पर EPF के लिए घोषित ब्याज दर के हिसाब से ब्याज भी मिलेगा। इससे भविष्य के लिए ज्यादा पैसा जमा करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि रिटायरमेंट तक कितनी रकम मिलेगी, क्योंकि ब्याज दर, निवेश की अवधि और पैसे निकालने जैसे कई कारणों से इसमें बदलाव हो सकता है।
7. क्या अब ₹10.5 लाख का बीमा मिलेगा?
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, नए कर्मचारियों को लागू नियमों के तहत EPF, EPS और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना यानी EDLI का लाभ मिल सकेगा। हालांकि, आधिकारिक घोषणाओं में EDLI की अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर ₹10.5 लाख करने की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए कर्मचारियों को इस रकम या पेंशन से जुड़े किसी नए फायदे को पक्का मानने से पहले विस्तृत सरकारी नोटिफिकेशन और लागू नियमों का इंतजार करना चाहिए।