अगर स्टेबिलिटी के साथ ज्यादा ग्रोथ पोटेंशियल चाहिए तो कौन सा म्यूचुअल फंड होगा सही?

क्या सिर्फ सुरक्षित निवेश ही काफी है, या फिर बेहतर ग्रोथ भी जरूरी है? अगर आप भी स्टेबिलिटी के साथ ज्यादा रिटर्न वाला ऑप्शन तलाश रहे हैं, तो एक खास कैटेगरी के फंड्स तेजी से निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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By Gaurav Kumar:

Mutual Fund: आज के समय में ज्यादातर निवेशक ऐसे ऑप्शन की तलाश में रहते हैं जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और समय के साथ अच्छा रिटर्न भी मिल सके। कई लोग लार्ज कैप फंड्स में निवेश करते हैं क्योंकि इन्हें अन्य फंड्स की तुलना में स्थिर माना जाता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर किसी निवेशक को स्टेबिलिटी के साथ ज्यादा ग्रोथ पोटेंशियल चाहिए, तो उसके लिए कौन-सा विकल्प सही हो सकता है।

एसेट मैनेजमेंट कंपनी, ट्रस्ट म्यूचुअल फंड (Trust Mutual Fund) ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर इसी सवाल का जवाब दिया है।ट्रस्ट म्यूचुअल फंड ने बताया कि अगर किसी निवेशक को स्टेबिलिटी के साथ ज्यादा ग्रोथ पोटेंशियल चाहिए, तो उसके लिए मिड कैप फंड्स एक अच्छा ऑप्शन है।

क्या होते हैं मिड कैप फंड्स?

मिड कैप फंड्स उन कंपनियों में निवेश करते हैं जिनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से रैंक 101 से 250 के बीच होती है। ये कंपनियां ना तो बहुत छोटी होती हैं और ना ही पूरी तरह से बड़ी और स्थापित दिग्गज कंपनियां होती हैं। आमतौर पर ये कंपनियां अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ाने के दौर में होती हैं।

यही वजह है कि कई निवेशक मिड कैप फंड्स को ग्रोथ और स्टेबिलिटी के बीच का संतुलन मानते हैं। इन कंपनियों का बिजनेस पहले से स्थापित होता है, लेकिन उनमें आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं रहती हैं।

क्यों माना जाता है बेहतर ग्रोथ ऑप्शन?

मिड कैप कंपनियों के पास विस्तार करने की ज्यादा गुंजाइश होती है। अगर कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहता है, तो आने वाले साल में वह बड़ी कंपनियों की कैटेगरी में भी शामिल हो सकती है। इसी कारण मिड कैप फंड्स लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि, ज्यादा ग्रोथ पोटेंशियल के साथ थोड़ा ज्यादा जोखिम भी जुड़ा होता है। मिड कैप फंड्स में उतार-चढ़ाव लार्ज कैप फंड्स की तुलना में अधिक देखा जा सकता है। बाजार में गिरावट आने पर इन फंड्स पर असर भी ज्यादा पड़ सकता है।

लंबी अवधि के लिए अच्छा ऑप्शन

मिड कैप फंड्स उन निवेशकों के लिए बेहतर माने जाते हैं जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और बाजार की अस्थिरता को संभाल सकते हैं। इन फंड्स में निवेश करते समय धैर्य रखना बेहद जरूरी होता है। शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव दिख सकता है, लेकिन लंबे समय में अच्छे रिटर्न की संभावना बनी रहती है।

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