निवेश में नुकसान से बचना है? सिर्फ शेयर और गोल्ड नहीं, इन 5 एसेट क्लास से बनाएं बैलेंस्ड पोर्टफोलियो

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए सही पोर्टफोलियो बनाना बड़ी चुनौती है। रूंगटा सिक्योरिटीज के CEO हर्षवर्धन रूंगटा ने निवेश के लिए 5 एसेट क्लास का फॉर्मूला बताया है। उन्होंने समझाया कि म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश कैसे आसान हो सकता है और किन गलतियों से बचना जरूरी है।

Advertisement

In Short

  • एक्सपर्ट ने इक्विटी, डेट, कीमती धातुओं, REITs और InvITs को पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह दी।
  • अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।
  • अपनी जरूरत, निवेश के लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से ही म्यूचुअल फंड स्कीम चुनें।

By Gungun Mishra:

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अपना पैसा कहां और कैसे लगाएं। कभी शेयर बाजार कमजोर पड़ता है तो कभी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Roongta Securities के सीईओ हर्षवर्धन रूंगटा ने कहा कि निवेश की शुरुआत ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने से नहीं, बल्कि सही एसेट एलोकेशन से होनी चाहिए।

पोर्टफोलियो में इन 5 एसेट क्लास को दें जगह

हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक, निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो बनाते समय पांच प्रमुख एसेट क्लास पर ध्यान देना चाहिए। इनमें इक्विटी, डेट, कीमती धातुएं, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट शामिल हैं।

उनका कहना है कि निवेशकों के पास एक सही एसेट एलोकेशन प्लान होना जरूरी है। इसका मतलब है कि पूरा पैसा एक ही जगह लगाने के बजाय अलग-अलग एसेट क्लास में बांटा जाए। इससे पोर्टफोलियो में ग्रोथ, नियमित आय और जोखिम के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।

म्यूचुअल फंड से आसान हो सकता है निवेश

हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक, म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक ऐसा विकल्प है, जिसके जरिए अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड एक ही प्लेटफॉर्म के तहत निवेश के कई विकल्प उपलब्ध कराते हैं। इससे निवेशकों को हर शेयर या दूसरी सिक्योरिटी खुद चुनने की जरूरत कम हो जाती है।

खासकर उन लोगों के लिए यह तरीका मददगार हो सकता है, जिन्हें निवेश की ज्यादा तकनीकी जानकारी नहीं है। म्यूचुअल फंड के जरिए उन्हें प्रोफेशनल मैनेजमेंट का फायदा मिल सकता है।

दूसरों को देखकर निवेश करने से बचें

हर्षवर्धन रूंगटा ने निवेशकों को एक अहम सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि पड़ोसी, दोस्त या ऑफिस के सहकर्मी जहां पैसा लगा रहे हैं, जरूरी नहीं कि वही निवेश आपके लिए भी सही हो।

हर व्यक्ति की आर्थिक जरूरतें, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश का समय अलग होता है। इसलिए किसी म्यूचुअल फंड स्कीम को चुनने से पहले अपनी जरूरत और रिस्क प्रोफाइल को समझना जरूरी है।

कम जोखिम लेने वाले निवेशक और लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद रखने वाले निवेशक की पसंद अलग हो सकती है।

सिर्फ शेयर और सोना ही नहीं, इन विकल्पों पर भी नजर

हर्षवर्धन रूंगटा ने पारंपरिक इक्विटी, डेट और सोने-चांदी के साथ REITs और InvITs को भी पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

ये विकल्प निवेशकों को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े एसेट में निवेश का मौका देते हैं।

उनकी सलाह का मुख्य संदेश है कि बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव देखकर जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय निवेशकों को अपने लक्ष्य, समय और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से पोर्टफोलियो बनाना चाहिए। साथ ही समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा और जरूरत के मुताबिक रीबैलेंसिंग भी जरूरी है।

Read more!
Advertisement