SWP का कमाल! ₹10 लाख के निवेश से 20 साल तक हर महीने ₹5,000 निकाले, फिर भी फंड में बच गए ₹1.04 करोड़ से ज्यादा
₹10 लाख के निवेश से 20 साल तक हर महीने ₹5,000 निकालने के बाद भी एक फंड में ₹1.04 करोड़ से ज्यादा रकम बची रही। जानिए SWP में पैसा निकालने के बावजूद निवेश कैसे बढ़ता रहा और किन फंड्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।

In Short
- ₹10 लाख के निवेश से 20 साल में निकाले गए कुल ₹12 लाख
- टॉप फंड में निकासी के बाद भी बची ₹1.04 करोड़ से ज्यादा रकम
- मल्टी एसेट और हाइब्रिड फंड्स ने दिया बेहतर रिटर्न
SWP: अगर आप अपने म्यूचुअल फंड निवेश से हर महीने तय रकम निकालना चाहते हैं, तो SWP यानी सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसमें निवेशक हर महीने अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ पैसा निकाल सकता है, जबकि बाकी रकम फंड में लगी रहती है और उसे बढ़ने का मौका मिलता रहता है। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 साल की एक स्टडी में सामने आया है कि अगर सही फंड चुना जाए, तो लगातार पैसे निकालने के बाद भी बड़ा फंड बन सकता है।
स्टडी में ₹10 लाख का एकमुश्त निवेश माना गया। 1 अगस्त 2006 से हर महीने ₹5,000 निकाले गए। 20 साल में कुल 240 बार पैसे निकाले गए और कुल निकासी ₹12 लाख रही। इसके बाद भी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले फंड में ₹1.04 करोड़ से ज्यादा रकम बची रही।
मल्टी एसेट फंड रहा सबसे आगे
इस स्टडी में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी एसेट फंड ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। ₹12 लाख निकालने के बाद भी निवेश की रकम बढ़कर ₹1,04,75,390 हो गई। इस दौरान फंड का सालाना औसत रिटर्न (सीएजीआर) 15.28% रहा।
इसी तरह क्वांट मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने 12.13% सालाना रिटर्न दिया। वहीं एचडीएफसी मल्टी एसेट फंड का रिटर्न 10.03% और एसबीआई मल्टी एसेट एलोकेशन फंड का रिटर्न 9.09% रहा।
इन फंड्स में पैसा शेयर, डेट (लोन) और सोना जैसी अलग-अलग जगहों पर लगाया जाता है। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव होने पर पूरे निवेश पर एक साथ ज्यादा असर नहीं पड़ता।
हाइब्रिड फंड्स ने भी दिया अच्छा रिटर्न
एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इक्विटी और डेट फंड सबसे आगे रहा। 20 साल तक हर महीने ₹5,000 निकालने के बाद भी इसमें ₹75.15 लाख की रकम बची रही। इस फंड ने सालाना 13.71% रिटर्न दिया। एचडीएफसी हाइब्रिड इक्विटी फंड, डीएसपी एग्रेसिव हाइब्रिड फंड, टाटा एग्रेसिव हाइब्रिड फंड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ इक्विटी हाइब्रिड 95 फंड ने भी करीब 13% सालाना रिटर्न दिया।
डायनेमिक एसेट एलोकेशन कैटेगरी में एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने 15% सालाना रिटर्न दिया। नियमित निकासी के बाद भी इसमें ₹98.81 लाख की रकम बची रही।
पावर ऑफ कंपाउंडिंग का मिलता है फायदा
एसडब्ल्यूपी में निवेशक पूरा पैसा एक साथ नहीं निकालता। हर महीने तय रकम निकालने के बाद बाकी पैसा फंड में लगा रहता है। इस पैसे को बाजार की बढ़त का फायदा मिलता रहता है। अगर फंड का रिटर्न निकाली जा रही रकम से ज्यादा रहता है, तो निवेश खत्म होने के बजाय लंबे समय में बढ़ भी सकता है।
सही फंड चुनना है जरूरी
स्टडी में सभी फंड्स ने एक जैसा रिटर्न नहीं दिया। कुछ फंड्स का प्रदर्शन कमजोर रहा, इसलिए 20 साल बाद उनमें बची रकम भी कम थी। यह स्टडी पुराने रिटर्न पर आधारित है। भविष्य में भी ऐसा ही रिटर्न मिलेगा, इसकी गारंटी नहीं है। फिर भी इससे पता चलता है कि सही फंड चुनना, लंबे समय तक निवेश बनाए रखना और सोच-समझकर पैसे निकालना SWP को ज्यादा असरदार बना सकता है।