एकमुश्त पैसा लगाने से डर रहे हैं? STP से ऐसे कम कर सकते हैं जोखिम

म्यूचुअल फंड में एकमुश्त बड़ी रकम लगाने को लेकर कई निवेशक हिचकते हैं। ऐसे में STP धीरे-धीरे इक्विटी में पैसा लगाने का विकल्प बन सकता है। एक्सपर्ट प्रबलीन बाजपेयी के मुताबिक, निवेशक कुछ रकम शुरुआत में लगाकर बाकी पैसा समय के साथ ट्रांसफर कर सकते हैं।

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In Short

  • एकमुश्त बड़ी रकम Equity में लगाने से हिचक रहे निवेशकों के लिए STP एक ऑप्शन हो सकता है।
  • प्रबलीन बाजपेयी के मुताबिक, निवेशक 40 से 50% रकम पहले लगा सकते हैं और बाकी धीरे-धीरे ट्रांसफर कर सकते हैं।
  • Small Cap Fund में STP ज्यादा उपयोगी हो सकता है, जबकि Hybrid या Balanced Advantage Fund में इसकी जरूरत कम पड़ सकती है।

By Manita:

म्यूचुअल फंड में एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करने वाले निवेशकों के सामने अक्सर सवाल होता है कि पूरा पैसा एक साथ बाजार में लगाया जाए या धीरे-धीरे निवेश किया जाए। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Finfix की फाउंडर और फाइनेंशियल एक्सपर्ट Prableen Bajpai ने कहा कि STP हर निवेशक के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल निवेशक की जरूरत और बाजार को लेकर उसकी सहजता के हिसाब से किया जाना चाहिए।

क्या है STP का फायदा?

Systematic Transfer Plan यानी STP ऐसे निवेशकों के लिए काम आ सकता है, जिनके पास एकमुश्त बड़ी रकम है लेकिन वे उसे तुरंत पूरी तरह Equity Mutual Fund में नहीं लगाना चाहते।

Prableen Bajpai के मुताबिक, अगर किसी निवेशक को लगता है कि बाजार में आगे गिरावट आ सकती है और वह बड़ी रकम एक साथ निवेश करने में सहज नहीं है, तो STP एक विकल्प हो सकता है।

पहले कहां रखा जा सकता है पैसा?

STP में निवेशक अपनी रकम पहले Liquid Fund या Arbitrage Fund में रख सकता है। इसके बाद वहां से तय रकम धीरे-धीरे Equity Mutual Fund में ट्रांसफर की जा सकती है।

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यह ट्रांसफर रोजाना या साप्ताहिक आधार पर किया जा सकता है। निवेशक अपनी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से इसका चुनाव कर सकता है।

40 से 50% रकम पहले लगाने का विकल्प

STP का मकसद एक ही समय पर पूरी रकम Equity में लगाने के जोखिम को कम करना है। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान अलग-अलग समय पर पैसा निवेश होने से एंट्री अलग-अलग स्तरों पर होती है।

Prableen Bajpai ने एक दूसरा तरीका भी बताया। निवेशक अपनी कुल रकम का करीब 40 से 50% हिस्सा शुरुआत में निवेश कर सकता है और बची हुई रकम को धीरे-धीरे STP के जरिए Equity में ट्रांसफर कर सकता है।

STP में भी है एक जोखिम

STP से हमेशा फायदा होगा, ऐसा जरूरी नहीं है। अगर बाजार अचानक तेजी से ऊपर चला जाता है, तो बाद में ट्रांसफर होने वाली रकम ऊंचे स्तर पर निवेश होगी।

ऐसे में निवेशक की औसत खरीद कीमत बढ़ सकती है और वह कम स्तर पर पूरी रकम निवेश करने के फायदे से चूक सकता है।

Small Cap में STP क्यों हो सकता है बेहतर?

Prableen Bajpai के मुताबिक, Small Cap Fund में उतार-चढ़ाव ज्यादा होने के कारण STP के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर हो सकता है। हालांकि यहां भी बाजार की स्थिति मायने रखती है।

दूसरी ओर, Hybrid या Balanced Advantage Fund में STP की जरूरत उतनी नहीं हो सकती। इन स्कीमों में Debt, Equity और कुछ मामलों में Gold का मिश्रण पहले से होता है, जिससे उतार-चढ़ाव को संभालने में मदद मिलती है।

कुल मिलाकर, STP उन निवेशकों के लिए एक बीच का रास्ता हो सकता है जिनके पास निवेश के लिए एकमुश्त पैसा है, लेकिन वे पूरी रकम एक साथ Equity में लगाने को लेकर सहज नहीं हैं।

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