म्यूचुअल फंड में की ये एक गलती, तो कभी नहीं बन पाएंगे करोड़पति; आज ही चेक करें अपना पोर्टफोलियो

क्या आपके पोर्टफोलियो में भी जरूरत से ज्यादा म्यूचुअल फंड हैं? कई निवेशक इसे समझदारी मानते हैं, लेकिन यही गलती उनके रिटर्न को कमजोर कर सकती है। आखिर कैसे कुछ चुनिंदा फंड्स ज्यादा बेहतर साबित होते हैं और कौन-सी छिपी गलती निवेशकों को नुकसान पहुंचाती है? पढ़िए पूरी स्टोरी

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By Gaurav Kumar:

Mutual Fund: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले अक्सर एक आम गलती कर बैठते हैं- वे सोचते हैं कि जितने ज्यादा फंड उनके पोर्टफोलियो में होंगे, उनका रिस्क उतना ही कम होगा और रिटर्न उतना ही बेहतर होगा। लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में एक बहुत पुरानी और सटीक कहावत है, 'पोर्टफोलियो बड़ा नहीं, स्मार्ट होना चाहिए'

चलिए जानते हैं कि क्यों बहुत सारे फंड्स का होना आपके मुनाफे को कम कर सकता है और एक आइडियल पोर्टफोलियो कैसे तैयार किया जाए।

ओवरलैपिंग का जाल: जब अलग नाम के फंड्स खरीदते हैं एक ही शेयर

ज्यादातर निवेशकों को लगता है कि अगर उन्होंने 8 या 10 अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीम्स में एसआईपी (SIP) शुरू कर दी है, तो उनका पोर्टफोलियो बहुत शानदार तरीके से डाइवर्सिफाइड हो गया है। लेकिन असल में इसे 'ओवर-डाइवर्सिफिकेशन' या 'पोर्टफोलियो ओवरलैप' कहते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आपने तीन अलग-अलग एएमसी (AMC) के लार्ज-कैप या फ्लेक्सी-कैप फंड ले रखे हैं, तो बहुत ज्यादा संभावना है कि उन सभी फंड्स के फंड मैनेजर्स ने रिलायंस, एचडीएफसी बैंक या इंफोसिस जैसे गिने-चुने टॉप शेयर्स में ही आपका पैसा लगा रखा हो।

ऐसे में आप अलग-अलग फंड्स को मैनेजमेंट फीस (एक्सपेंस रेशियो) तो दे रहे होते हैं, लेकिन आपका पैसा घूम-फिरकर उन्हीं चंद कंपनियों में जा रहा होता है। यह डायवरसिफिकेशन नहीं, बल्कि केवल भ्रम पैदा करता है।

सही फंड्स + सही एलोकेशन = दमदार रिटर्न

एक बेहतरीन और स्मार्ट पोर्टफोलियो का फॉर्मूला बहुत सीधा है: राइट फंड्स + प्रॉपर एलोकेशन। आपको दर्जनों फंड्स की जरूरत नहीं है, बल्कि आपके पास ऐसे चुनिंदा फंड्स होने चाहिए जो एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हों और आपके वित्तीय लक्ष्यों से मेल खाते हों।

  • लार्ज कैप/इंडेक्स फंड: पोर्टफोलियो को स्थिरता देने के लिए।
  • मिड कैप/स्मॉल कैप फंड: लंबी अवधि में आक्रामक और बड़ा रिटर्न बनाने के लिए।
  • फ्लेक्सी कैप फंड: मार्केट की परिस्थितियों के हिसाब से फंड मैनेजर को निवेश के लचीले अवसर देने के लिए।

स्मार्ट पोर्टफोलियो कैसे बनाएं?

एक आम निवेशक के लिए 3 से 5 म्यूचुअल फंड का पोर्टफोलियो पूरी तरह पर्याप्त और मैनेज करने में आसान होता है। पोर्टफोलियो को साल में कम से कम एक बार रिव्यू करें। ऑनलाइन कई ऐसे टूल्स मौजूद हैं जो यह बता देते हैं कि आपके अलग-अलग फंड्स में कितने शेयर्स कॉमन (Overlap) हैं। सोशल मीडिया या दोस्तों के कहने पर हर नए फंड (NFO) या हर साल टॉप परफॉर्म करने वाले नए फंड में पैसा न लगाएं।

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