सिर्फ SIP शुरू करना काफी नहीं, बेहतर रिटर्न के लिए ऐसे चुनें सही स्कीम
SIP शुरू करना आसान है, लेकिन सही स्कीम चुनना उतना ही जरूरी है। सिर्फ ज्यादा रिटर्न देखकर निवेश करना नुकसान करा सकता है। आपका लक्ष्य, निवेश का समय और जोखिम उठाने की क्षमता तय करेगी कि कौन-सा फंड सही है। जानिए निवेश से पहले किन बातों की जांच जरूरी है।

In Short
- SIP शुरू करने से पहले अपना लक्ष्य निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता तय करें।
- फंड चुनते समय 3 से 5 साल का रिटर्न एक्सपेंस रेशियो और फंड मैनेजर का रिकॉर्ड देखें।
- छोटी रकम से जल्दी SIP शुरू करने पर लंबे समय में कंपाउंडिंग से बड़ा फंड तैयार हो सकता है।
SIP Investment Tips: सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP आज निवेश का काफी लोकप्रिय तरीका बन चुका है। लोग हर महीने छोटी रकम लगाकर लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, सिर्फ SIP शुरू कर देने से अच्छा रिटर्न मिलना तय नहीं होता। गलत स्कीम चुनने पर लंबे समय तक निवेश करने के बाद भी उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं मिल सकता।
इसलिए SIP शुरू करने से पहले अपने लक्ष्य, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं कि सही SIP स्कीम चुनते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
सबसे पहले तय करें निवेश का लक्ष्य
निवेश शुरू करने से पहले यह साफ होना चाहिए कि आप पैसा किस काम के लिए जमा कर रहे हैं। आपका लक्ष्य घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट, कार खरीदना या घूमने जाना हो सकता है।
लक्ष्य तय होने के बाद सही फंड चुनना आसान हो जाता है। लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए इक्विटी फंड या इंडेक्स फंड चुने जा सकते हैं। वहीं, कम जोखिम लेने वाले निवेशक हाइब्रिड फंड पर विचार कर सकते हैं।
निवेश की अवधि को न करें नजरअंदाज
स्कीम चुनते समय यह भी देखें कि आपको कितने समय बाद पैसों की जरूरत होगी। अगर निवेश की अवधि 1 से 3 साल की है, तो डेट या हाइब्रिड फंड बेहतर ऑप्शन माने जाते हैं।
ये खबर पढ़ना ना भूलें: Gen Z के लिए म्यूचुअल फंड क्यों है जरूरी? छोटी SIP से ऐसे बनाएं बड़ा फंड
अगर आपका लक्ष्य 5 साल या उससे ज्यादा समय का है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड चुना जा सकता है। लंबी अवधि में बाजार के उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है।
अपनी जोखिम लेने की क्षमता समझें
हर निवेशक की जोखिम उठाने की क्षमता अलग होती है। अगर बाजार में गिरावट देखकर घबराहट होती है, तो बैलेंस्ड एडवांटेज या हाइब्रिड फंड जैसे ऑप्शन चुने जा सकते हैं।
ज्यादा रिटर्न की उम्मीद रखने वाले निवेशक फ्लेक्सी कैप, इंडेक्स और लार्ज एंड मिड कैप फंड देख सकते हैं। हालांकि, इनमें बाजार का जोखिम भी ज्यादा हो सकता है।
पिछले रिटर्न के साथ खर्च भी देखें
किसी फंड को केवल उसके एक साल के रिटर्न के आधार पर न चुनें। उसके 3 से 5 साल के प्रदर्शन को देखें। यह भी जांचें कि बाजार में गिरावट के दौरान फंड ने कैसा प्रदर्शन किया था।
इसके साथ फंड का एक्सपेंस रेशियो और फंड मैनेजर का पुराना रिकॉर्ड भी देखना जरूरी है।
छोटी रकम से जल्दी शुरू करें SIP
SIP की शुरुआत बड़ी रकम से करना जरूरी नहीं है। नियमित रूप से छोटी रकम लगाकर भी लंबे समय में बड़ा फंड बनाया जा सकता है।
उदाहरण के लिए, हर महीने 5,000 रुपये की SIP 20 साल तक चलाई जाए और औसतन 12% रिटर्न मिले, तो करीब 50 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है। इसलिए सही स्कीम चुनने के साथ निवेश को जल्दी शुरू करना और लगातार जारी रखना भी जरूरी है।