SIP से कैसे शुरू करें निवेश? Radhika Gupta ने Biryani और Food Court के उदाहरण से समझाया Mutual Fund
Edelweiss Mutual Fund की MD और CEO Radhika Gupta ने India Today Woman Summit 2026 में SIP और Mutual Fund को आसान उदाहरणों से समझाया। उन्होंने कहा कि Equity, Debt और Gold का सही संतुलन जरूरी है और नए निवेशक नियमित SIP के जरिए धीरे-धीरे Wealth Creation शुरू कर सकते हैं।

In Short
- Radhika Gupta ने Mutual Fund को Financial Food Court की तरह समझाया
- SIP को Regular Meal Plan बताते हुए नियमित निवेश पर जोर दिया
- Equity Growth के लिए Debt सुरक्षा के लिए और Gold संतुलन के लिए जरूरी बताया
निवेश की शुरुआत करने वाले बहुत से लोगों को सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि Stock Market समझ में नहीं आता और यह भी लगता है कि इसमें पैसा लगाने के लिए बड़ी रकम चाहिए। इसी विषय पर Business Today की Anchor Sakshi Batra से बातचीत में Edelweiss Mutual Fund की MD और CEO Radhika Gupta ने India Today Woman Summit 2026 में SIP, Mutual Fund और निवेश को बेहद आसान तरीके से समझाया।
SIP आखिर होता क्या है?
SIP यानी Systematic Investment Plan। इसका आसान मतलब है कि आप एक तय अंतराल पर थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करते रहें।
राधिका गुप्ता ने इसे एक नियमित खाने के प्लान जैसा बताया। जैसे आप किसी Food Court में तय समय पर खाना खाते हैं, वैसे ही SIP के जरिए Equity, Gold या Debt में नियमित निवेश किया जा सकता है।
सिर्फ Equity में पैसा लगाना जरूरी नहीं
राधिका गुप्ता के मुताबिक अच्छे Portfolio में केवल Equity नहीं होनी चाहिए। इसमें Equity, Debt और Gold तीनों का अपना काम है।
उन्होंने कहा कि Equity का मकसद लंबे समय में पैसा बढ़ाना है। Debt उस समय काम आता है जब अचानक पैसों की जरूरत हो और आप Equity Market में गिरावट के समय पैसा निकालना न चाहें।
Gold को उन्होंने Portfolio का ऐसा हिस्सा बताया जो कई बार उस समय सहारा देता है जब दूसरे Assets अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे होते।
Bank में पैसा रखने से ही काम क्यों नहीं चलेगा?
राधिका गुप्ता ने Inflation का भी आसान उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर Bank में पैसा रखने पर Tax के बाद करीब 4 से 5 फीसदी कमाई हो रही है और Inflation भी लगभग 4 से 5 फीसदी है, तो आपके पैसे की असली ताकत बढ़ नहीं रही।
यानी सिर्फ पैसा बचाना काफी नहीं है। लंबे समय में Wealth Creation के लिए Growth वाले निवेश की जरूरत पड़ सकती है।
हजारों Stocks में से कौन सा चुनें?
नए निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बाजार में इतने सारे Stocks हैं तो सही Stock कैसे चुनें।
इसे समझाने के लिए राधिका गुप्ता ने Biryani का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि Biryani बहुत लोगों को पसंद है, लेकिन इसे घर पर बनाना मुश्किल है क्योंकि इसमें कई चीजें और सही तरीका चाहिए।
ठीक उसी तरह Stocks खुद चुनना भी हर किसी के लिए आसान नहीं है।
Mutual Fund को समझिए Financial Food Court
राधिका गुप्ता ने Mutual Fund को Financial Food Court की तरह समझाया। जैसे Food Court में अलग-अलग तरह के खाने के विकल्प होते हैं, वैसे ही Mutual Funds में भी अलग-अलग जरूरतों के लिए कई तरह के विकल्प होते हैं।
किसी को ज्यादा Growth चाहिए तो Equity से जुड़े विकल्प हो सकते हैं। किसी को कम Risk चाहिए तो Debt से जुड़े विकल्प हो सकते हैं। वहीं Gold के जरिए Portfolio में अलग तरह का संतुलन बनाया जा सकता है।
हर निवेशक का Risk अलग होता है
राधिका गुप्ता ने यह भी साफ किया कि निवेश का मतलब पूरा पैसा Stock Market में लगा देना नहीं है।
हर व्यक्ति की कमाई, जरूरत और Risk लेने की क्षमता अलग होती है। इसलिए सही Financial Planning का मतलब है पहले यह समझना कि आप कितना Risk ले सकते हैं और उसके बाद उसी हिसाब से निवेश चुनना।
SIP को सबसे आसान तरीके से ऐसे समझें
अगर Mutual Fund एक Financial Food Court है, तो SIP उसका Regular Meal Plan है। यानी एक बार में बड़ी रकम लगाने की जगह आप नियमित रूप से छोटी रकम निवेश कर सकते हैं। यही तरीका नए निवेशकों के लिए शुरुआत को आसान बना सकता है।
पूरी बातचीत का संदेश यही था कि निवेश शुरू करने के लिए Stock Market का expert होना जरूरी नहीं है। पहले अपने लक्ष्य और Risk को समझें, फिर Equity, Debt और Gold का सही संतुलन बनाकर SIP और Mutual Fund के जरिए धीरे-धीरे निवेश शुरू किया जा सकता है।