सिल्वर पर बढ़ा बड़े फंड हाउस का भरोसा! डीएसपी सहित कई म्यूचुअल फंड्स ने बढ़ाया एक्सपोजर - जानिए कारण
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक कैपिटलमाइंड, डीएसपी म्यूचुअल फंड और कोटक म्यूचुअल फंड ने अपनी पोर्टफोलियो होल्डिंग्स में चांदी का एक्सपोजर बढ़ाया है। हालांकि तीनों फंड हाउस ने इक्विटी और डेट को लेकर अलग-अलग रणनीति अपनाई, लेकिन पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए सिल्वर पर सभी की राय एक जैसी रही।

बीते महीने मई 2026 में देश के प्रमुख मल्टी एसेट म्यूचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो में सिल्वर (Silver) सबसे अहम निवेश थीम बनकर उभरा है।
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक कैपिटलमाइंड, डीएसपी म्यूचुअल फंड और कोटक म्यूचुअल फंड ने अपनी पोर्टफोलियो होल्डिंग्स में चांदी का एक्सपोजर बढ़ाया है। हालांकि तीनों फंड हाउस ने इक्विटी और डेट को लेकर अलग-अलग रणनीति अपनाई, लेकिन पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए सिल्वर पर सभी की राय एक जैसी रही।
बाजार में अनिश्चितता, महंगाई के जोखिम और उतार-चढ़ाव के बीच फंड मैनेजर इक्विटी में ग्रोथ के अवसर तलाशने के साथ-साथ ऐसे एसेट्स पर भी जोर दे रहे हैं, जो पोर्टफोलियो को संतुलित रखने में मदद करें।
कैपिटलमाइंड ने खेला सबसे बड़ा दांव
कैपिटलमाइंड मल्टी एसेट फंड ने मई के दौरान सिल्वर में सबसे आक्रामक निवेश किया। फंड ने मिराए एसेट सिल्वर ईटीएफ और कोटक सिल्वर ईटीएफ के जरिए पहली बार 8.2% का एक्सपोजर जोड़ा, जबकि गोल्ड में 10% की हिस्सेदारी बरकरार रखी।
सिल्वर के लिए जगह बनाने के लिए फंड ने इक्विटी आवंटन 42.7% से घटाकर 38.4% और डेट एक्सपोजर 47.5% से घटाकर 40.8% कर दिया।
इसके अलावा एल्युमिनियम और क्रूड ऑयल से जुड़े डेरिवेटिव्स सहित 10.3% का कमोडिटी ओवरले भी जोड़ा। फंड ने कोई नया शेयर नहीं खरीदा और न ही किसी होल्डिंग से बाहर निकला, लेकिन बजाज ऑटो, मैरिको, इंफोसिस, टोरेंट फार्मास्युटिकल्स और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में निवेश बढ़ाया।
डीएसपी ने इक्विटी पोर्टफोलियो में किया बड़ा बदलाव
डीएसपी मल्टी एसेट फंड ने गोल्ड और सिल्वर दोनों में एक्सपोजर बढ़ाया। फंड का ग्रॉस गोल्ड एक्सपोजर 14.6% और सिल्वर आवंटन 2.1% हो गया। इस दौरान डेट हिस्सेदारी घटाकर 20.1% की गई, जबकि इक्विटी एक्सपोजर मामूली बढ़ाकर 43.6% किया गया।
फंड ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, बीपीसीएल, बायर क्रॉपसाइंस और इंफो एज को पोर्टफोलियो में शामिल किया। वहीं बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, जीएमएम फॉडलर, क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन और आईपीसीए लैबोरेटरीज से बाहर निकल गया। साथ ही इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, हीरो मोटोकॉर्प और केफिन टेक्नोलॉजीज में हिस्सेदारी बढ़ाई।
कोटक ने अपनाया सतर्क रुख
कोटक मल्टी एसेट फंड ने भी सिल्वर में निवेश बढ़ाकर 8.2% कर दिया, जबकि गोल्ड एक्सपोजर 4.9% पर स्थिर रखा। हालांकि फंड ने इक्विटी हिस्सेदारी 72.5% से घटाकर 70.6% कर दी और डेट आवंटन 13% से बढ़ाकर 15.9% कर दिया, जो अपेक्षाकृत सतर्क रणनीति का संकेत देता है।
फंड ने विप्रो से पूरी तरह बाहर निकलते हुए प्रीमियर एनर्जीज और बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो) में नई हिस्सेदारी जोड़ी। इसके अलावा मारुति सुजुकी, टाटा केमिकल्स, इंडस टावर्स, इंटरग्लोब एविएशन और एलआईसी में निवेश बढ़ाया।
क्यों बढ़ रहा है सिल्वर में भरोसा?
मल्टी एसेट फंड मैनेजर सिल्वर को ऐसा निवेश मान रहे हैं, जो सुरक्षा और ग्रोथ दोनों का संतुलन देता है। गोल्ड की तरह यह अनिश्चित माहौल में बचाव का विकल्प है, जबकि सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों से मिलने वाली औद्योगिक मांग इसकी अलग पहचान बनाती है।
मई के पोर्टफोलियो बदलाव यह संकेत देते हैं कि फंड मैनेजर गोल्ड की जगह सिल्वर नहीं ले रहे हैं, बल्कि दोनों धातुओं का इस्तेमाल जोखिम को संतुलित करने और पोर्टफोलियो में विविधता बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।