Services Funds क्या हैं? बैंकिंग से IT और Healthcare तक इन सेक्टर्स में लगाते हैं पैसा

सर्विसेज फंड ऐसे म्यूचुअल फंड हैं जो कम से कम 80 प्रतिशत निवेश सर्विस सेक्टर की कंपनियों में करते हैं। इनमें बैंकिंग, आईटी, हेल्थकेयर, टेलीकॉम और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टर शामिल हो सकते हैं। हालांकि एक खास थीम पर फोकस होने के कारण इनमें निवेश का जोखिम भी ज्यादा रहता है।

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In Short

  • सर्विसेज फंड कम से कम 80% निवेश सर्विस सेक्टर में करते हैं।
  • इनमें बैंकिंग आईटी हेल्थकेयर और टेलीकॉम कंपनियां शामिल हो सकती हैं।
  • एक खास थीम पर ज्यादा फोकस होने के कारण सर्विसेज फंड में जोखिम भी ज्यादा रहता है।

By Gaurav Kumar:

Services Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में कई तरह की स्कीमें होती हैं और उनमें से एक कैटेगरी है Services Funds। ये थीमैटिक या सेक्टोरल इक्विटी म्यूचुअल फंड होते हैं, जो अपनी कम से कम 80 प्रतिशत रकम सर्विस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेश करते हैं।

इन फंड्स का फोकस उन कंपनियों पर रहता है जिनका कारोबार बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, आईटी, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में होता है। इनका मकसद कंज्यूमर और बिजनेस सर्विसेज से मिलने वाली ग्रोथ का फायदा उठाना होता है।

कम से कम 80 प्रतिशत निवेश जरूरी

Services Funds की सबसे अहम शर्त यह है कि इनके कुल पोर्टफोलियो का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा सर्विस सेक्टर से जुड़ी इक्विटी में निवेश किया जाए।

यानी इन फंड्स का बड़ा हिस्सा सर्विस इंडस्ट्री की कंपनियों में ही लगा रहता है। इसी वजह से इनका प्रदर्शन भी काफी हद तक इसी थीम और इन सेक्टर्स की चाल पर निर्भर करता है।

किस कैटेगरी में आते हैं ये फंड?

रेगुलेटरी तौर पर Services Funds को Sectoral या Thematic Mutual Fund Schemes की कैटेगरी में रखा जाता है।

ऐसी स्कीमें किसी एक खास थीम या उससे जुड़े कुछ चुनिंदा सेक्टर्स पर फोकस करती हैं। इसलिए इनमें निवेश का दायरा सामान्य डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड की तुलना में ज्यादा सीमित हो सकता है।

Risk क्यों रहता है ज्यादा?

Services Funds को हाई रिस्क कैटेगरी में माना जाता है। इसकी वजह यह है कि इनका पोर्टफोलियो एक बड़े थीम या उससे जुड़े कुछ सर्विस सेक्टर्स पर केंद्रित रहता है।

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अगर बैंकिंग, आईटी, हेल्थकेयर या दूसरे सर्विस सेक्टर्स का प्रदर्शन कमजोर रहता है तो इसका सीधा असर फंड के रिटर्न पर पड़ सकता है।

किन कंपनियों में हो सकता है निवेश?

Financial Services इस कैटेगरी का अहम हिस्सा हो सकता है। इसमें बैंक, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां यानी NBFCs, वेल्थ मैनेजमेंट और इंश्योरेंस कंपनियां शामिल हो सकती हैं।

इसके अलावा IT और Technology सेक्टर की सॉफ्टवेयर, डिजिटल सॉल्यूशन और IT-enabled services देने वाली कंपनियां भी पोर्टफोलियो में शामिल हो सकती हैं।

Healthcare और Tourism भी शामिल

Services Funds का निवेश सिर्फ बैंकिंग और IT तक सीमित नहीं रहता। हेल्थकेयर और टूरिज्म से जुड़ी कंपनियां भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

इनमें अस्पताल, डायग्नोस्टिक्स, होटल, एविएशन और एंटरटेनमेंट से जुड़ी कंपनियां शामिल हो सकती हैं। यानी यह फंड सर्विस सेक्टर की अलग-अलग इंडस्ट्री में निवेश करता है लेकिन इसका मुख्य फोकस सर्विस थीम पर ही रहता है।

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