NFO Alert: SBI Nifty200 Value 30 ETF और SBI Nifty Smallcap 250 ETF का एनएफओ आज से खुला! चेक करें डिटेल्स
कंपनी ने SBI Nifty200 Value 30 ETF और SBI Nifty Smallcap 250 ETF पेश किए हैं। दोनों स्कीमों का एनएफओ 7 मई 2026 से खुलेगा और 18 मई 2026 तक के लिए खुली हुई है। NFO के दौरान न्यूनतम निवेश राशि 5,000 रुपये रखी गई है।

NFO Alert: एसबीआई म्यूचुअल फंड ने दो नए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को लॉन्च किया है जिसका न्यू फंड ऑफर (NFO) भी आज से खुल चुका है।
कंपनी ने SBI Nifty200 Value 30 ETF और SBI Nifty Smallcap 250 ETF पेश किए हैं। दोनों स्कीमों का एनएफओ 7 मई 2026 से खुलेगा और 18 मई 2026 तक के लिए खुली हुई है। NFO के दौरान न्यूनतम निवेश राशि 5,000 रुपये रखी गई है। दोनों ETF के फंड मैनेजर वायरल छड़वा (Viral Chhadva) होंगे, जो दिसंबर 2020 से SBI Funds Management से जुड़े हैं।
छोटे और वैल्यू शेयरों पर फोकस
SBI Nifty Smallcap 250 ETF, Nifty Smallcap 250 Index को ट्रैक करेगा। इस इंडेक्स में Nifty 500 यूनिवर्स की 251वीं से 500वीं रैंक वाली 250 कंपनियां शामिल हैं। NSE के मुताबिक यह इंडेक्स स्मॉलकैप कंपनियों के प्रदर्शन को मापता है और फिलहाल फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन में इसकी हिस्सेदारी करीब 5.20% है।
वहीं SBI Nifty200 Value 30 ETF, Nifty200 Value 30 Index को फॉलो करेगा। इस इंडेक्स में Nifty 200 की 30 कंपनियों को वैल्यू पैरामीटर्स जैसे Earnings-to-Price Ratio, Book Value-to-Price Ratio, Sales-to-Price Ratio और Dividend Yield के आधार पर चुना जाता है।
निवेशकों को मिलेंगे नए ऑप्शन
SBI Funds Management Limited के एमडी और सीईओ नंद किशोर ने कहा कि निवेशकों की पसंद तेजी से बदल रही है और पैसिव इन्वेस्टिंग अब पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बन चुकी है। उनके मुताबिक नए ETF निवेशकों को अलग-अलग मार्केट सेगमेंट में निवेश का अवसर देंगे।
कंपनी के ज्वाइंट सीईओ डी पी सिंह ने कहा कि ये दोनों ETF निवेशकों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए इक्विटी पैसिव प्रोडक्ट्स की रेंज को बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि एक ओर वैल्यू आधारित एक्सपोजर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्मॉलकैप कंपनियों की लंबी अवधि की ग्रोथ में भागीदारी का मौका मिलेगा।
निवेश का स्ट्रक्चर क्या होगा?
दोनों ETF अपनी-अपनी इंडेक्स कंपनियों में 95% से 100% तक निवेश करेंगे। बाकी 5% तक रकम सरकारी सिक्योरिटीज, ट्रेजरी बिल, ट्राइपार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स में लगाई जा सकती है।