ब्याज दरें बढ़ने पर क्या करें इक्विटी निवेशक? जानिए डेट या हाइब्रिड फंड में शिफ्ट करना सही या नहीं
ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच शेयर बाजार में निवेश करने वालों की चिंता बढ़ गई है। क्या ऐसे समय में इक्विटी से पैसा निकालना सही होगा या बाजार की गिरावट निवेश का नया मौका दे रही है? ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने निवेशकों को अहम सलाह दी है।

In Short
- ब्याज दरें बढ़ने से शेयर बाजार और कंपनियों की कमाई पर दबाव पड़ सकता है।
- बाजार में गिरावट के बावजूद इक्विटी निवेशकों के लिए कुछ मौके बन रहे हैं।
- इक्विटी, डेट और हाइब्रिड फंड में निवेश को लेकर एक्सपर्ट ने दी अहम सलाह।
ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि क्या शेयर बाजार से पैसा निकालकर डेट फंड में लगाना चाहिए या इक्विटी में निवेश बनाए रखना चाहिए? बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने कहा कि निवेशकों को जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाकर रखना चाहिए।
ब्याज दरें बढ़ने से शेयर बाजार पर क्या होगा असर?
पंकज मथपाल के मुताबिक, जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। इससे उनकी लागत बढ़ती है और मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि बढ़ती ब्याज दरें आमतौर पर शेयर बाजार के लिए चुनौती बनती हैं।
हालांकि, उनका कहना है कि शेयर बाजार की चाल सिर्फ ब्याज दरों पर निर्भर नहीं करती। कंपनियों की कमाई, वैश्विक तनाव और दूसरी आर्थिक परिस्थितियां भी बाजार को प्रभावित करती हैं। पहले ब्याज दरें कम होने के बावजूद बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी।
क्या अभी शेयर बाजार में निवेश करना चाहिए?
पंकज मथपाल का मानना है कि मौजूदा समय इक्विटी में निवेश के मौके भी दे रहा है। शेयर बाजार अपने ऊपरी स्तरों से काफी नीचे आ चुका है और लंबे समय से इसमें कंसोलिडेशन देखने को मिला है।
उनके मुताबिक, कीमतों में आई गिरावट और बाजार में लंबे समय तक बनी सुस्ती के बाद निवेश के अवसर बन रहे हैं। इसलिए निवेशकों को पूरी तरह इक्विटी से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है।
किन सेक्टर्स में मिल सकते हैं बेहतर मौके?
पंकज मथपाल के मुताबिक, बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर को फायदा मिल सकता है। वहीं, दूसरे ज्यादातर सेक्टर्स पर दबाव बने रहने की आशंका है।
कर्ज महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर उनके मुनाफे पर पड़ेगा। ऐसे में निवेशकों के लिए सही सेक्टर चुनना महत्वपूर्ण हो जाता है।
रिटेल निवेशकों के लिए कौन से फंड बेहतर?
पंकज मथपाल ने रिटेल निवेशकों के लिए हाइब्रिड फंड्स को बेहतर विकल्प बताया है। उनके मुताबिक, बैलेंस्ड एडवांटेज फंड, एग्रेसिव हाइब्रिड फंड और मल्टी एसेट एलोकेशन फंड निवेशकों को अलग-अलग एसेट क्लास में पैसा लगाने का मौका देते हैं।
इन फंड्स में फंड मैनेजर बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से इक्विटी और डेट का अनुपात बदल सकते हैं। ब्याज दरें और बढ़ने पर डेट पोर्टफोलियो की अवधि में भी बदलाव किया जा सकता है।
पंकज मथपाल के मुताबिक, जिन निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव की ज्यादा समझ नहीं है, उनके लिए इक्विटी, डेट, सोना और चांदी में निवेश करने वाले मल्टी एसेट फंड भी उपयोगी हो सकते हैं। इससे निवेशकों को किसी एक एसेट क्लास पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता।