SIP कितनी रकम से शुरू करें, जल्दी निवेश शुरू करने को लेकर एक्सपर्ट ने दी ये सलाह
युवा निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड में शुरुआत करना आसान है, लेकिन सही वित्तीय अनुशासन जरूरी है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने बताया कि छोटी रकम से निवेश शुरू किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को ज्यादा खर्च, लगातार लोन लेने से बचने और इमरजेंसी फंड बनाने की सलाह दी।

In Short
- पंकज मतपाल ने बताया कि म्यूचुअल फंड में Rs 100 से भी निवेश शुरू किया जा सकता है।
- युवाओं को ज्यादा खर्च और बार-बार लोन लेने से बचने की सलाह दी।
- Rs 20,000 की SIP से 10 साल में करीब Rs 50 लाख का फंड बन सकता है।
युवा निवेशकों को म्यूचुअल फंड में शुरुआत करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत नहीं है, बल्कि सही वित्तीय अनुशासन जरूरी है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने कहा कि Gen Z के लिए सबसे बड़ी चुनौती निवेश के विकल्पों की कमी नहीं है, बल्कि ज्यादा खर्च करने, जल्दी लोन लेने और नियमित निवेश को टालने की आदत है।
Rs 100 से भी शुरू हो सकता है म्यूचुअल फंड निवेश
म्यूचुअल फंड को लेकर एक आम धारणा को दूर करते हुए पंकज मतपाल ने कहा कि इसमें छोटी रकम से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने कहा कि “म्यूचुअल फंड में Rs 100 से शुरुआत की जा सकती है।”
उन्होंने बताया कि छोटी SIP के जरिए भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है और धीरे-धीरे लंबे समय के लक्ष्यों के लिए वेल्थ क्रिएशन की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
आसान लोन से बढ़ रही खर्च की आदत
पंकज मतपाल ने युवाओं में बढ़ते कर्ज के इस्तेमाल को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि आज फिनटेक प्लेटफॉर्म के जरिए पर्सनल लोन, Buy Now Pay Later और सैलरी एडवांस जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं।
उनके मुताबिक, कई युवा निवेश शुरू करने से पहले ही खर्च और कर्ज के चक्र में फंस जाते हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप एक के बाद एक लोन लेते गए… कल को जब सच में जरूरत पड़ेगी तब उस वक्त आपको लोन नहीं मिल पाएगा।”
पहले बजट बनाएं फिर करें निवेश
मतपाल ने युवाओं को पहले अपनी वित्तीय योजना बनाने और फिर निवेश करने की सलाह दी। उन्होंने 50-30-20 बजट नियम अपनाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने क्रिप्टो और F&O जैसे जोखिम वाले निवेश में सीमित एक्सपोजर रखने और इमरजेंसी फंड व इंश्योरेंस को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि निवेश की रकम हर व्यक्ति की आय, खर्च और लक्ष्यों पर निर्भर करती है। हालांकि, Rs 10,000 से Rs 20,000 की मासिक SIP लंबे समय के लक्ष्यों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
पूरी बचत को इक्विटी में लगाने से बचें
पंकज मतपाल ने कहा कि शुरुआत से ही पूरी बचत को लंबी अवधि के इक्विटी फंड में नहीं लगाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति हर महीने Rs 20,000 बचाता है तो करीब Rs 5,000 शुरुआत में इमरजेंसी फंड बनाने में लगाए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि करीब Rs 2 लाख से Rs 3 लाख का इमरजेंसी कॉर्पस तैयार होने तक इस तरह की योजना जरूरी है, ताकि अचानक जरूरत पड़ने पर लंबे समय के निवेश को समय से पहले निकालना न पड़े।
Rs 20,000 SIP से 10 साल में Rs 50 लाख का लक्ष्य
रिटर्न को लेकर पंकज मतपाल ने कहा कि म्यूचुअल फंड में रिटर्न की गारंटी नहीं होती। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी फंड के लिए लिक्विड फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट करीब 5-7% तक रिटर्न दे सकते हैं, जबकि लंबे समय के इक्विटी निवेश में सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क के आधार पर करीब 12% रिटर्न का अनुमान लगाया जाता है।
उन्होंने कहा कि Rs 20,000 की मासिक SIP से 10 साल में करीब Rs 50 लाख का कॉर्पस बनाया जा सकता है। उनके मुताबिक, युवाओं को जल्दी शुरुआत करने, निवेश में विविधता रखने और आज की जरूरतों के लिए भविष्य की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए।