म्यूचुअल फंड में कहीं आपका पैसा तो नहीं फंसा? ऐसे खोजें अनक्लेम्ड रकम और जानें क्लेम का तरीका
म्यूचुअल फंड में निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक यह रकम 3,811 करोड़ रुपये पहुंच गई। अगर आपने भी पुराने समय में निवेश किया था और उसकी जानकारी नहीं है तो MF Central और MITRA के जरिए उसे खोजकर क्लेम कर सकते हैं।

In Short
- म्यूचुअल फंड में वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक 3,811 करोड़ रुपये की रकम बिना दावे के पड़ी थी।
- पुराने या भूले हुए म्यूचुअल फंड निवेश को MF Central और MITRA के जरिए खोजा जा सकता है।
- क्लेम प्रोसेस होने के बाद आमतौर पर 2 से 5 दिनों में भुगतान किया जा सकता है।
Mutual Fund Claim: म्यूचुअल फंड में निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हैं। SEBI की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक रिडेम्पशन और डिविडेंड मिलाकर म्यूचुअल फंड में 3,811 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड रकम थी। एक साल पहले यह रकम 3,452 करोड़ रुपये थी। यानी एक साल में इसमें 359 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
अगर आपने कभी म्यूचुअल फंड में निवेश किया है तो पुराने निवेश और बैंक खाते की जानकारी जरूर चेक करनी चाहिए।
अनक्लेम्ड म्यूचुअल फंड कैसे चेक करें?
निवेशक संबंधित एसेट मैनेजमेंट कंपनी यानी AMC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अनक्लेम्ड अमाउंट की जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट यानी RTA से भी इसकी जानकारी ली जा सकती है।
MF Central पर भी जरूरी जानकारी देकर पुराने निवेश को चेक किया जा सकता है। कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट यानी CAS में भी अनपेड या अनक्लेम्ड रकम की जानकारी मिल सकती है।
फंड का नाम याद नहीं तो MITRA करेगा मदद
अगर आपको यह याद नहीं है कि आपने किस म्यूचुअल फंड में निवेश किया था तो MITRA यानी Mutual Fund Investment Tracing and Retrieval Assistant की मदद ली जा सकती है।
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यह सुविधा MF Central के जरिए पुराने और अनक्लेम्ड म्यूचुअल फंड निवेश को खोजने में मदद करती है। अगर आपकी जानकारी किसी इनएक्टिव फोलियो या अनक्लेम्ड निवेश से मैच होती है तो संबंधित फंड की जानकारी सामने आ सकती है।
पैसा क्लेम कैसे करें?
सबसे पहले उस म्यूचुअल फंड और AMC की पहचान करनी होगी जहां आपकी रकम पड़ी है। इसके बाद AMC की वेबसाइट से क्लेम फॉर्म डाउनलोड कर उसे भरना और साइन करना होगा।
फॉर्म AMC या RTA के पास जमा किया जाता है। इसके बाद रिकॉर्ड और सिग्नेचर का वेरिफिकेशन होता है। जानकारी सही मिलने पर क्लेम प्रोसेस किया जाता है और भुगतान UDRS के तहत किया जाता है।
कितने दिन में मिल सकता है पैसा?
क्लेम प्रोसेस होने के बाद आमतौर पर 2 से 5 दिनों में भुगतान किया जा सकता है। क्लेम को रिडेम्पशन की तरह माना जाता है और लागू NAV उस तारीख और समय के आधार पर तय होता है जब क्लेम फॉर्म मिला।
अगर 7 कामकाजी दिनों के भीतर पैसा या रिजेक्शन की जानकारी नहीं मिलती है तो AMC या RTA से संपर्क किया जा सकता है। समाधान न मिलने पर शिकायत SEBI के SCORES प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ाई जा सकती है।
पैसा अनक्लेम्ड होने से कैसे बचाएं?
निवेशकों को PAN और KYC डिटेल अपडेट रखनी चाहिए। बैंक अकाउंट बदलने पर AMC या RTA को नई जानकारी देनी चाहिए। मोबाइल नंबर ईमेल और पता भी अपडेट रखें। पुराने निवेशों को समय-समय पर चेक करें और रिडेम्पशन के बाद बैंक खाते में पैसा आया या नहीं यह जरूर देखें।