SWP Calculator: हर महीने ₹30,000 की कमाई का प्लान बना रहे हैं तो समझ लें कब खत्म हो सकता है ₹50 लाख का फंड

म्यूचुअल फंड से हर महीने ₹30,000 की नियमित आमदनी सुनने में आकर्षक लगती है लेकिन क्या ₹50 लाख का निवेश लंबे समय तक आपका साथ देगा? SWP में मिलने वाली रकम बाजार के रिटर्न और निकासी की दर पर निर्भर करती है। जानिए अलग-अलग रिटर्न पर आपका फंड कितने समय तक चल सकता है और किन परिस्थितियों में पैसा जल्दी खत्म हो सकता है।

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₹50 लाख के निवेश से हर महीने ₹30,000 की निकासी का पूरा गणित
₹50 लाख के निवेश से हर महीने ₹30,000 की निकासी का पूरा गणित

In Short

  • ₹50 लाख के निवेश से हर महीने ₹30,000 निकालने पर सालाना निकासी ₹3.60 लाख होगी।
  • SWP में 7.2% की शुरुआती निकासी दर लंबी अवधि में निवेश खत्म होने का जोखिम बढ़ा सकती है।
  • बाजार में गिरावट और बढ़ती महंगाई के कारण SWP का फंड उम्मीद से पहले खत्म हो सकता है।

By Shakshi:

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले कई लोग चाहते हैं कि उन्हें हर महीने एक तय रकम मिलती रहे। खासकर रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी के लिए लोग सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर आप हर महीने ₹30,000 निकालते हैं, तो आपका निवेश कितने साल चलेगा और क्या आपका पैसा खत्म भी हो सकता है?

क्या है SWP और कैसे करता है काम?

SWP यानी Systematic Withdrawal Plan के जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड से हर महीने एक तय रकम निकाल सकते हैं। उदाहरण के लिए, आपने किसी म्यूचुअल फंड में ₹50 लाख लगाए हैं और हर महीने ₹30,000 निकालने का विकल्प चुना है।

इस तरह सालभर में आपके खाते से ₹3.60 लाख निकलेंगे। हालांकि, यह रकम ब्याज की तरह नहीं मिलती, बल्कि आपकी म्यूचुअल फंड यूनिट्स बेचकर दी जाती है। इसलिए बाजार में गिरावट आने पर निवेश की रकम तेजी से घट सकती है।

₹30,000 निकालने पर कितने साल चलेगा फंड?

मान लीजिए आपके पास ₹50 लाख का फंड है और आप हर महीने ₹30,000 निकाल रहे हैं। अलग-अलग सालाना रिटर्न पर फंड की स्थिति कुछ ऐसी हो सकती है।

ये आंकड़े हर महीने समान रिटर्न मिलने की धारणा पर आधारित हैं। वास्तविक बाजार में रिटर्न लगातार बदलता रहता है। इसलिए 8% रिटर्न मिलने पर भी पैसा हमेशा सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं है।

कब जल्दी खत्म हो सकता है पैसा?

SWP में सबसे ज्यादा जोखिम तब होता है, जब निवेश शुरू करने के शुरुआती वर्षों में बाजार तेजी से गिरता है। ऐसी स्थिति में ₹30,000 निकालने के लिए ज्यादा यूनिट्स बेचनी पड़ती हैं।

इसके अलावा महंगाई भी एक चुनौती है। आज ₹30,000 में जितना खर्च चलता है, कुछ साल बाद उतनी रकम पर्याप्त नहीं हो सकती। ऐसे में निकासी बढ़ाने से फंड जल्दी खत्म होने का जोखिम बढ़ जाता है।

SWP शुरू करने से पहले क्या ध्यान रखें?

हर महीने ₹30,000 निकालने का फैसला अपनी कुल निवेश राशि, खर्च और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर करें।

अगर ₹50 लाख के निवेश से सालाना ₹3.60 लाख निकालते हैं, तो शुरुआती निकासी दर 7.2% होगी। यह लंबी अवधि के लिए जोखिम भरी हो सकती है।

SWP नियमित कैश फ्लो का उपयोगी तरीका है, लेकिन यह गारंटीड पेंशन नहीं है। सही निकासी दर और समय-समय पर निवेश की समीक्षा जरूरी है।

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