घर खरीदना है? जानिए म्यूचुअल फंड की कौन सी कैटेगरी हो सकती है आपके लिए बेस्ट
आज के समय में घर खरीदना हर मीडिल क्लास परिवार का सपना है, लेकिन बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के कारण एकमुश्त डाउन पेमेंट जुटाना आसान नहीं है। ऐसे में आपके लिए म्यूचुअल फंड निवेश एक स्मार्ट और व्यवस्थित तरीका बन सकता है, जिससे कुछ साल में एक अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है।

आज के समय में घर खरीदना हर मीडिल क्लास परिवार का सपना है, लेकिन बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के कारण एकमुश्त डाउन पेमेंट जुटाना आसान नहीं है। ऐसे में आपके लिए म्यूचुअल फंड निवेश एक स्मार्ट और व्यवस्थित तरीका बन सकता है, जिससे कुछ साल में एक अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है।
लक्ष्य और समय तय करना है सबसे जरूरी
घर खरीदने के लिए निवेश शुरू करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपको कितने समय बाद घर लेना है और डाउन पेमेंट के लिए कितनी राशि चाहिए।
आमतौर पर बैंक 15-25% डाउन पेमेंट मांगते हैं। मान लीजिए की आप 50 लाख रुपये का घर लेना चाहते हैं तो कम से कम 10-12 लाख रुपये की जरूरत होगी। यदि आपके पास 3-7 साल का समय है तो म्यूचुअल फंड एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
3 साल से कम समय के लिए डेट फंड सबसे सुरक्षित
यदि घर खरीदने का प्लान 1-3 साल में है तो इक्विटी में जोखिम लेना ठीक नहीं। इस अवधि के लिए शॉर्ट-टर्म डेट फंड, लिक्विड फंड या मनी मार्केट फंड बेहतर ऑप्शन माने जाते हैं। इनमें रिटर्न भले ही सीमित हो, लेकिन पूंजी सुरक्षित रहती है और बाजार की गिरावट का ज्यादा असर नहीं पड़ता।
3 से 5 साल के लिए हाइब्रिड फंड बेहतर ऑप्शन
यदि आपका लक्ष्य 3-5 साल दूर है तो एग्रेसिव हाइब्रिड फंड या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इनमें इक्विटी और डेट दोनों का मिश्रण होता है, जिससे जोखिम कम और रिटर्न डेट फंड से बेहतर मिल सकता है। यह उन निवेशकों के लिए सही है जो थोड़ा जोखिम लेकर बेहतर ग्रोथ चाहते हैं।
5 साल से ज्यादा समय के लिए इक्विटी फंड से बना सकता है बड़ा कॉर्पस
यदि घर खरीदने में 5 साल या उससे ज्यादा समय है तो लार्ज कैप या फ्लेक्सी कैप इक्विटी फंड अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं। लंबी अवधि में इक्विटी बाजार आमतौर पर बेहतर रिटर्न देता है, जिससे डाउन पेमेंट के लिए बड़ा कॉर्पस तैयार किया जा सकता है। SIP के माध्यम से नियमित निवेश करने पर कंपाउंडिंग का लाभ भी मिलता है।
SIP + STP की अपनाएं रणनीति
जैसे-जैसे लक्ष्य करीब आए, इक्विटी से धीरे-धीरे पैसा निकालकर डेट फंड में शिफ्ट करना चाहिए। इसके लिए STP (Systematic Transfer Plan) का उपयोग किया जा सकता है। इससे बाजार गिरावट का जोखिम कम हो जाता है और जमा राशि सुरक्षित रहती है।STP म्यूचुअल फंड की एक सुविधा है, जिसमें आप अपने पैसे को एक फंड से दूसरे फंड में धीरे-धीरे (नियमित अंतराल पर) ट्रांसफर करते हैं।