आपके पोर्टफोलियो में कितनी होनी चाहिए Mid-Small Cap की हिस्सेदारी? एक्सपर्ट से जानिए
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अक्सर यह सवाल उठता है कि फ्लेक्सी कैप और मल्टी कैप फंड्स में कितना पैसा लगाना चाहिए। क्या हर निवेशक के लिए एक ही फॉर्मूला सही है? बिजनेस टुडे के शो में Invest At Ease के फाउंडर शरद टंडन ने पोर्टफोलियो तैयार करने का एक सामान्य तरीका बताया। जानिए निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

In Short
- शरद टंडन ने निवेश से पहले 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बनाने की सलाह दी।
- एक्सपर्ट के मुताबिक, निवेश का अनुपात व्यक्ति की कमाई और खर्च के आधार पर तय होना चाहिए।
- लंबी अवधि के लिए उन्होंने 60 से 70 प्रतिशत मिड और स्मॉल कैप आधारित निवेश तथा करीब 30 प्रतिशत फ्लेक्सी कैप का सामान्य फॉर्मूला बताया।
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के सामने अक्सर यह सवाल होता है कि अपने पोर्टफोलियो में फ्लेक्सी कैप, मल्टी कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स को कितनी जगह देनी चाहिए। बाजार के अलग-अलग दौर में इन फंड्स का प्रदर्शन भी अलग हो सकता है। ऐसे में निवेशकों को अपनी कमाई और खर्च को ध्यान में रखकर निवेश का फैसला करना चाहिए।
बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Invest At Ease के फाउंडर शरद टंडन ने कहा कि निवेश शुरू करने से पहले हर व्यक्ति के पास 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए। यह रकम अचानक आने वाली आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के काम आ सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेश के लिए पोर्टफोलियो तैयार करते समय इस इमरजेंसी फंड को अलग रखना चाहिए।
कमाई और खर्च का क्या कनेक्शन है?
शरद टंडन के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की कमाई उसके खर्च के मुकाबले तीन गुना से ज्यादा है, तो वह मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स में ज्यादा निवेश करने पर विचार कर सकता है।
वहीं, जिनकी कमाई खर्च के तीन गुना से कम है, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा के लिए ज्यादा रकम अलग रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में नौकरी जाने या कारोबार में नुकसान होने जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
पोर्टफोलियो में किस फंड को कितनी जगह दें?
लंबी अवधि के निवेश को लेकर शरद टंडन ने एक सामान्य फॉर्मूला बताया। उनके मुताबिक, निवेशक अपने पोर्टफोलियो का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा मिड कैप और स्मॉल कैप की ओर झुकाव वाले निवेश में रख सकते हैं।
वहीं, करीब 30 प्रतिशत हिस्सा फ्लेक्सी कैप फंड्स में रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मिड कैप और स्मॉल कैप में निवेश सीधे इन फंड्स के जरिए या मल्टी कैप फंड्स के माध्यम से भी किया जा सकता है।
हालांकि, टंडन ने साफ किया कि यह एक सामान्य फॉर्मूला है। निवेश का सही अनुपात हर व्यक्ति की कमाई, खर्च, उम्र और वित्तीय परिस्थितियों के हिसाब से अलग हो सकता है।