म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कमाए ₹27,335 करोड़, जानिए किसने कितनी कमाई की और कौन रहा पीछे

म्यूचुअल फंड की दुनिया में कमीशन कमाई का बड़ा अंतर सामने आया है। वित्त वर्ष 2024-25 में डिस्ट्रीब्यूटर्स को हजारों करोड़ रुपये का कमीशन मिला, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा कुछ बड़े खिलाड़ियों के पास रहा। वहीं, लाखों छोटे डिस्ट्रीब्यूटर्स की औसत कमाई काफी कम रही।

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In Short

  • वित्त वर्ष 2024-25 में म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस ने कुल ₹27,335 करोड़ का कमीशन जनरेट किया।
  • बैंक और बैंक से जुड़े ब्रोकर्स ने सिर्फ 50 संस्थाओं के साथ ₹6,330 करोड़ का कमीशन हासिल किया।
  • करीब 3,158 बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कुल कमीशन पूल का 77.2 फीसदी हिस्सा अपने नाम किया।

By Gaurav Kumar:

Mutual Fund Distribution Business: भारत में म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल ₹27,335 करोड़ का कमीशन बनाया। हालांकि, इस कमाई का बंटवारा सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स के बीच बराबर नहीं रहा। कुछ बड़े संस्थानों ने कमीशन का बड़ा हिस्सा हासिल किया, जबकि हजारों छोटे डिस्ट्रीब्यूटर्स की हिस्सेदारी काफी कम रही।

बैंकों और बैंक से जुड़े ब्रोकर्स की सबसे ज्यादा कमाई

1 फाइनेंस मैगजीन के जून एडिशन में प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक, बैंकों और बैंक से जुड़े ब्रोकर्स को वित्त वर्ष 2024-25 में ₹6,330 करोड़ का म्यूचुअल फंड कमीशन मिला। इस कैटेगरी में सिर्फ 50 संस्थाएं शामिल थीं।

अगर प्रति संस्था औसत कमाई देखें तो हर बैंक या बैंक से जुड़े ब्रोकर की सालाना कमीशन आय करीब ₹126.6 करोड़ रही। इससे पता चलता है कि इस क्षेत्र में बड़े संस्थानों की कमाई काफी ज्यादा रही।

वेल्थ मैनेजर और कॉरपोरेट डिस्ट्रीब्यूटर्स की बड़ी हिस्सेदारी

वेल्थ मैनेजर और कॉरपोरेट म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स भी कमीशन कमाने वाली बड़ी कैटेगरी में रहे। इस सेगमेंट में 1,591 संस्थाएं थीं, जिन्हें कुल ₹11,629 करोड़ का कमीशन मिला।

इस हिसाब से हर संस्था की औसत सालाना कमीशन आय करीब ₹7.31 करोड़ रही।

फिनटेक प्लेटफॉर्म और इंडिविजुअल डिस्ट्रीब्यूटर्स की कमाई

फिनटेक प्लेटफॉर्म ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹458 करोड़ का कमीशन हासिल किया। इस कैटेगरी में 43 संस्थाएं थीं और हर संस्था की औसत सालाना कमीशन आय करीब ₹10.65 करोड़ रही।

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वहीं, एएमएफआई के जरिए जानकारी देने वाले 1,474 इंडिविजुअल म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को कुल ₹2,689 करोड़ का कमीशन मिला। इनकी औसत सालाना कमीशन आय करीब ₹1.82 करोड़ प्रति डिस्ट्रीब्यूटर रही।

2 लाख से ज्यादा छोटे डिस्ट्रीब्यूटर्स की हिस्सेदारी

सबसे ज्यादा संख्या छोटे या नॉन-डिस्क्लोज्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स की रही। वित्त वर्ष 2024-25 में ऐसे करीब 2,03,042 डिस्ट्रीब्यूटर्स होने का अनुमान लगाया गया। इनकी अनुमानित कमीशन राशि करीब ₹6,229 करोड़ रही।

इस हिसाब से हर छोटे डिस्ट्रीब्यूटर की औसत सालाना कमीशन आय करीब ₹3.07 लाख रही। हालांकि, यह आंकड़ा अनुमान पर आधारित है, क्योंकि यह सीधे तौर पर रिपोर्ट नहीं किया गया है।

कमीशन कमाई में दिखी बड़ी असमानता

आंकड़े बताते हैं कि म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में कमाई काफी ज्यादा केंद्रित है। एएमएफआई की चार डिस्क्लोज्ड कैटेगरी में कुल 3,158 डिस्ट्रीब्यूटर्स शामिल थे। इनमें बैंक, वेल्थ मैनेजर, फिनटेक प्लेटफॉर्म और इंडिविजुअल डिस्ट्रीब्यूटर्स शामिल हैं।

ये 3,158 डिस्ट्रीब्यूटर्स कुल अनुमानित 2,06,200 डिस्ट्रीब्यूटर्स का करीब 1.5 फीसदी हैं, लेकिन इन्होंने कुल कमीशन पूल का लगभग 77.2 फीसदी हिस्सा यानी ₹21,106 करोड़ हासिल किया।

वहीं, दो लाख से ज्यादा छोटे डिस्ट्रीब्यूटर्स के हिस्से में करीब ₹6,229 करोड़ आया। इससे साफ है कि म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन में कमाई डिस्ट्रीब्यूटर के आकार, निवेशकों की संख्या और चैनल पर काफी निर्भर करती है।

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