कैसे चुनें अपने लिए अच्छा म्यूचुअल फंड? राधिका गुप्ता ने दिया 'दाल चावल’ और 'खिचड़ी' जैसा आसान फॉर्मूला
म्यूचुअल फंड की हजारों स्कीमों के बीच सही विकल्प चुनना नए निवेशकों के लिए मुश्किल हो सकता है। राधिका गुप्ता ने निवेश को आसान रखने का तरीका बताते हुए कुछ चुनिंदा फंड कैटेगरी पर फोकस करने की सलाह दी और ‘दाल चावल’ निवेश का फॉर्मूला समझाया।

In Short
- राधिका गुप्ता ने ज्यादातर म्यूचुअल फंड स्कीमों को नजरअंदाज कर आसान कैटेगरी पर ध्यान देने की बात कही।
- फ्लेक्सी कैप फंड को उन्होंने आम निवेशकों के लिए अच्छा शुरुआती विकल्प बताया।
- हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड के जरिए अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश किया जा सकता है।
म्यूचुअल फंड बाजार में हजारों स्कीमें और दर्जनों कैटेगरी हैं, इसलिए नए निवेशकों के लिए सही फंड चुनना अक्सर मुश्किल हो जाता है। India Today Woman Summit 2026 में राधिका गुप्ता ने कहा कि अगर निवेशक अपनी जिंदगी आसान रखना चाहते हैं तो उन्हें ज्यादातर स्कीमों को नजरअंदाज करके कुछ चुनिंदा और आसान कैटेगरी पर ध्यान देना चाहिए।
हजारों स्कीमों के बीच बढ़ती उलझन
एडलवाइस म्यूचुअल फंड की MD और CEO राधिका गुप्ता ने कहा कि इंडस्ट्री ने खुद फंड चुनने की प्रक्रिया को जरूरत से ज्यादा मुश्किल बना दिया है। उनके मुताबिक बाजार में करीब एक हजार म्यूचुअल फंड स्कीमें और 40 से 50 तक फंड कैटेगरी मौजूद हैं।
उनका कहना है कि निवेशकों को इस भीड़ में हर विकल्प को समझने की जरूरत नहीं है। खासकर पहली बार निवेश करने वालों के लिए बहुत ज्यादा विकल्प कई बार फैसला लेने में देरी कर देते हैं।
‘दाल चावल’ म्यूचुअल फंड का आइडिया
राधिका गुप्ता ने आसान निवेश के लिए ‘दाल चावल म्यूचुअल फंड’ का उदाहरण दिया। उनका मतलब ऐसे फंड से था जो ज्यादा जटिल न हों और अलग-अलग बाजार स्थितियों में भी निवेशक के लिए काम कर सकें।
उन्होंने कहा कि कुछ चार-पांच आसान कैटेगरी ऐसी हैं जिन्हें सामान्य निवेशक भी समझ सकता है। उनके मुताबिक हर निवेशक को हर नई स्कीम या हर खास थीम के पीछे भागने की जरूरत नहीं है।
फ्लेक्सी कैप से हो सकती है शुरुआत
राधिका गुप्ता ने फ्लेक्सी कैप फंड को एक अच्छा शुरुआती विकल्प बताया। फ्लेक्सी कैप फंड बड़ी, मिड और छोटी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकता है।
उनका कहना था कि यह एक ऐसा विकल्प है जिसे वे आम निवेशकों के लिए उपयोगी मानती हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो खुद अलग-अलग मार्केट सेगमेंट को लगातार ट्रैक नहीं करना चाहते।
हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड भी अहम
ज्यादा सावधानी से निवेश करने वालों के लिए उन्होंने हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड का जिक्र किया। उन्होंने इन्हें मजाकिया अंदाज में ‘खिचड़ी फंड’ कहा।
ऐसे फंड एक ही पोर्टफोलियो में अलग-अलग एसेट क्लास को शामिल करते हैं। इससे निवेशकों को इक्विटी, डेट और गोल्ड जैसी कैटेगरी को अलग-अलग संभालने की जरूरत कम हो सकती है।
ज्यादा विकल्प नहीं, आसान पोर्टफोलियो पर जोर
राधिका गुप्ता का जोर सबसे ज्यादा सरलता पर रहा। उन्होंने कहा कि एक समझदारी से चुना गया फ्लेक्सी कैप फंड, हाइब्रिड फंड और मल्टी एसेट फंड ज्यादातर लोगों की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
उनका संदेश यह था कि सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली स्कीम के पीछे भागने के बजाय ऐसा पोर्टफोलियो बनाना ज्यादा जरूरी है जिसे निवेशक लंबे समय तक आसानी से जारी रख सके।