Debt Fund आपके लिए कितना जरूरी? श्वेता रजनी ने बताया सही Asset Allocation का तरीका
डेट फंड में कितना निवेश करना चाहिए, यह आपके रिटर्न लक्ष्य, निवेश अवधि और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। Anand Rathi Wealth की श्वेता रजनी के मुताबिक लंबी अवधि के निवेशक पोर्टफोलियो का 60% से 80% हिस्सा Equity और 20% से 40% हिस्सा Debt में रख सकते हैं।

In Short
- रिटर्न का लक्ष्य महंगाई से ऊपर होना चाहिए और उसी हिसाब से Equity-Debt Allocation तय करना चाहिए
- 7 से 10 साल के निवेश में Equity से पैसा बनने की संभावना बढ़ती है और Debt पर निर्भरता कम हो सकती है
- 10 से 15 साल की अवधि वाले निवेशक 60% से 80% Equity और 20% से 40% Debt पर विचार कर सकते हैं
डेट फंड (Debt Fund) में निवेश करना चाहिए या नहीं, इसका जवाब सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आपको कम जोखिम चाहिए। बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Anand Rathi Wealth की म्यूचुअल फंड हेड श्वेता रजनी ने कहा कि डेट फंड में निवेश इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने पूरे पोर्टफोलियो से कितना रिटर्न चाहते हैं और आपका निवेश कितने समय के लिए है।
एक्सपर्ट ने कहा कि अगर आपका लक्ष्य महंगाई से ज्यादा रिटर्न कमाना है, तो उसी हिसाब से Equity और Debt का सही मिश्रण तय करना होगा। एक्सपर्ट श्वेता रजनी ने कहा कि सबसे अहम सवाल यह है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो से कितना रिटर्न हासिल करना चाहता है। यह लक्ष्य महंगाई से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आपका टारगेट 10%, 12% या 14% रिटर्न का है, तो उसी हिसाब से Equity और Debt के बीच Asset Allocation तय करना होगा। यानी ज्यादा रिटर्न की उम्मीद होने पर Equity का हिस्सा बढ़ सकता है, जबकि Debt पोर्टफोलियो को स्थिरता देने का काम करेगा।
निवेश का समय भी बहुत अहम
एक्सपर्ट के मुताबिक दूसरा बड़ा फैक्टर Investment Horizon है। कई स्टडी यह दिखाती हैं कि अगर निवेश का समय 7 से 10 साल का है, तो Equity से पैसा बनने की संभावना काफी बढ़ जाती है। लंबे समय में Equity की Volatility का असर कम होता जाता है। ऐसे में Debt पर निर्भरता भी कम की जा सकती है।
10 से 15 साल का समय है तो क्या करें?
अगर कोई निवेशक थोड़ा जोखिम ले सकता है और उसके पास 10 से 15 साल का समय है, तो पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा Equity में रखा जा सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसी स्थिति में करीब 60% से 80% तक निवेश Equity में किया जा सकता है। बाकी हिस्सा Debt में रखा जा सकता है।
Debt का असली काम क्या है?
एक्सपर्ट ने साफ कहा कि डेट का मुख्य मकसद महंगाई को मात देना नहीं है। इसका काम पोर्टफोलियो को स्थिरता देना और शुरुआती उतार-चढ़ाव के असर को कम करना है। अगर Equity पोर्टफोलियो में ज्यादा Volatility आती है, तो Debt उस झटके को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है।
कितना Debt रखें?
Liquidity की जरूरत और निवेश की अवधि को देखते हुए पोर्टफोलियो में करीब 20% से 40% तक Debt रखा जा सकता है। हालांकि सही Allocation हर निवेशक की जरूरत, जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्य के हिसाब से अलग होगा।