Gen Z निवेशक Small Cap में कितना करें निवेश? एक्सपर्ट ने बताया पोर्टफोलियो का कितना हिस्सा रखें और कब बढ़ाएं
शेयर बाजार में निवेश शुरू करने वाले Gen Z और युवा निवेशकों के लिए स्मॉल कैप शेयर कितने सही हैं? क्या पोर्टफोलियो का 10% हिस्सा लगाना चाहिए या 20% तक निवेश किया जा सकता है? बिजनेस टुडे से बातचीत में मनीफ्रंट के को-फाउंडर और सीईओ मोहित गैंग ने बताया कि नए निवेशकों को स्मॉल कैप में कितनी रकम लगानी चाहिए और निवेश कितने साल तक बनाए रखना जरूरी है।

In Short
- नए निवेशकों को स्मॉल कैप में पोर्टफोलियो के 10% हिस्से से शुरुआत करने की सलाह।
- एक्सपर्ट के मुताबिक, निवेश को धीरे-धीरे 20% तक बढ़ाया जा सकता है।
- मौजूदा वैल्यूएशन पर स्मॉल कैप में कम से कम 10 साल का निवेश नजरिया जरूरी।
शेयर बाजार में निवेश शुरू करने वाले युवाओं और Gen Z निवेशकों के बीच स्मॉल कैप शेयरों को लेकर काफी दिलचस्पी रहती है। इन शेयरों में ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना होती है, लेकिन जोखिम भी अधिक रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि नए निवेशकों को अपने कुल निवेश का कितना हिस्सा स्मॉल कैप में लगाना चाहिए और कितने समय तक निवेश बनाए रखना चाहिए?
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए मनीफ्रंट के को-फाउंडर और सीईओ मोहित गैंग ने कहा कि युवा निवेशक लंबी अवधि तक निवेश कर सकते हैं और उनमें जोखिम उठाने की क्षमता भी होती है। हालांकि, स्मॉल कैप में निवेश का फैसला अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों, निवेश के लक्ष्य और बाजार के उतार-चढ़ाव को सहने की क्षमता के आधार पर करना चाहिए।
Small Cap में कितना निवेश करना चाहिए?
मोहित गैंग के मुताबिक, जिन युवा निवेशकों पर कोई बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी नहीं है और जो अगले 20 से 30 साल तक निवेश कर सकते हैं, उनके लिए पोर्टफोलियो का 15% से 20% हिस्सा स्मॉल कैप में रखना एक आक्रामक रणनीति हो सकती है।
उन्होंने कहा कि 10% निवेश भी अच्छा विकल्प है। नए निवेशकों को शुरुआत में अपने पोर्टफोलियो का 10% हिस्सा स्मॉल कैप में लगाना चाहिए। इसके बाद अगले दो से तीन साल में बाजार के उतार-चढ़ाव को संभालने की क्षमता देखकर इसे धीरे-धीरे 20% तक बढ़ाया जा सकता है।
कम से कम 10 साल का नजरिया क्यों जरूरी?
एक्सपर्ट ने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए स्मॉल कैप में निवेश करने वालों के पास कम से कम 10 साल का समय होना चाहिए। केवल पांच साल के निवेश लक्ष्य के साथ इस सेगमेंट में उतरना उचित नहीं होगा।
उनके मुताबिक, स्मॉल कैप के कुछ हिस्सों में शेयरों की कीमतें अब भी काफी ऊंची हैं। हालांकि, वैल्यूएशन 2024 के मध्य या अंत जितने अधिक नहीं हैं, लेकिन स्मॉल कैप इंडेक्स करीब 32 गुना प्राइस टू अर्निंग (PE) रेशियो पर कारोबार कर रहा है, जिसे सस्ता नहीं कहा जा सकता।
Large Cap और Mid Cap क्यों बेहतर लग रहे हैं?
मोहित गैंग ने कहा कि मौजूदा बाजार में वैल्यूएशन के लिहाज से लार्ज कैप और मिड कैप शेयरों में बेहतर अवसर दिखाई दे रहे हैं। खासतौर पर बाजार की शीर्ष 200 कंपनियां इस समय अपेक्षाकृत आकर्षक लग रही हैं।
उन्होंने बताया कि इन कंपनियों के शेयरों में खरीद-बिक्री आसान होती है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली का दबाव भी इन्हीं शेयरों पर ज्यादा देखने को मिला है।
बाजार गिरने पर Small Cap में कितना जोखिम?
एक्सपर्ट के मुताबिक, स्मॉल कैप शेयरों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की भागीदारी ज्यादा है। इस वजह से ये शेयर विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव से कुछ हद तक बचे रहे हैं।
लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि स्मॉल कैप शेयरों में लिक्विडिटी कम होने के कारण बाजार में गिरावट आने पर नुकसान तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए नए निवेशकों को 10% से शुरुआत करने और धीरे-धीरे अधिकतम 20% तक आवंटन बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। निवेश बढ़ाने से पहले यह देखना जरूरी है कि वे बाजार की अस्थिरता को कितनी अच्छी तरह संभाल पा रहे हैं।