Gold Fund में अब नहीं लगा पाएंगे नया पैसा? कई कंपनियों ने SIP और लंपसम निवेश पर लगाई अस्थायी रोक
त्योहारी सीजन में सोने में निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड फंड्स में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। आखिर कंपनियों ने यह फैसला क्यों लिया और पहले से निवेश कर रहे लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? जानिए।

In Short
- कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड FOF में नए SIP और लंपसम निवेश पर अस्थायी रोक लगाई।
- पहले से चल रही SIP जारी रहेंगी, जबकि गोल्ड ईटीएफ में निवेश का विकल्प अभी खुला है।
- रुपये पर दबाव कम करने की कोशिशों से इस फैसले को जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।
त्योहारी सीजन में अगर आप गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब इन फंड्स में नए SIP रजिस्ट्रेशन और एकमुश्त निवेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे। हालांकि, पहले से चल रही SIP जारी रहेंगी और निवेशक गोल्ड ईटीएफ में पैसा लगा सकेंगे।
किन म्यूचुअल फंड कंपनियों ने लगाई रोक?
टाटा म्यूचुअल फंड ने 15 अक्टूबर को जारी नोटिस में बताया कि 16 अक्टूबर से Tata Gold ETF FOF में नए लंपसम निवेश, स्विच-इन, टॉप-अप, नई SIP और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान के रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक रहेगी।
इसी तरह DSP म्यूचुअल फंड ने भी DSP Gold ETF FOF में नए निवेश और SIP रजिस्ट्रेशन बंद करने का फैसला किया है। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।
गोल्ड फंड्स में निवेश पर रोक क्यों लगी?
फंड हाउस ने इस फैसले की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है। नियामकों की तरफ से भी अब तक कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ है। हालांकि, माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव झेल रहे रुपये को स्थिर करने के लिए उठाया गया है।
दरअसल, भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना विदेशों से खरीदता है। सोने का आयात डॉलर में होता है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव पड़ता है।
गोल्ड ETF में कितना बढ़ा निवेश?
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में गोल्ड ईटीएफ में करीब ₹4,451 करोड़ का निवेश आया। वहीं, 30 सितंबर 2026 तक इनका कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट ₹1.86 लाख करोड़ से ज्यादा पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹90,136 करोड़ था।
क्या गोल्ड ETF में निवेश कर सकते हैं?
निवेशक फिलहाल गोल्ड ईटीएफ खरीद सकते हैं। इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है, जबकि गोल्ड FOF में सीधे फंड हाउस के जरिए निवेश किया जा सकता है।
गोल्ड फंड ऑफ फंड्स निवेशकों का पैसा गोल्ड ईटीएफ में लगाते हैं। ये ईटीएफ फिजिकल गोल्ड से समर्थित होते हैं। ऐसे में निवेश बढ़ने पर सोने की जरूरत भी बढ़ती है।
रुपये पर क्या पड़ा असर?
हाल के दिनों में RBI ने रुपये को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। रुपये की कीमत 9 अक्टूबर को 96.72 प्रति डॉलर थी, जो 15 अक्टूबर को सुधरकर 95.05 हो गई। वहीं, 16 अक्टूबर को रुपया 94.72 प्रति डॉलर पर खुला।
अब देखना होगा कि गोल्ड FOF में निवेश पर रोक से सोने की मांग घटती है या त्योहारी सीजन में खरीदार फिजिकल गोल्ड की तरफ रुख करते हैं।