अक्टूबर में इक्विटी फंड्स में 18% घट सकता है निवेश, मिडकैप और हाइब्रिड फंड को झटका

अक्टूबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है। Nomura की रिपोर्ट में मिडकैप और हाइब्रिड फंड्स को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। वहीं, कुछ दूसरी कैटेगरी में निवेश का रुझान अलग रह सकता है। जानिए किस फंड में कितना पैसा आने की उम्मीद है।

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In Short

  • Nomura के मुताबिक, अक्टूबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश 18% घटकर 34,600 करोड़ रुपये रह सकता है।
  • मिडकैप फंड्स में निवेश 7,800 करोड़ रुपये से घटकर 5,500 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
  • Jefferies ने Aditya Birla Sun Life AMC को अपनी पहली पसंद बताया, इसके बाद Nippon AMC को जगह दी है।

By Gungun Mishra:

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अक्टूबर के दौरान इक्विटी फंड्स में आने वाले निवेश में गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रोकरेज फर्म Nomura ने अनुमान लगाया है कि अक्टूबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में आने वाला निवेश सितंबर के मुकाबले 18 फीसदी घट सकता है। इसकी बड़ी वजह मिडकैप और हाइब्रिड फंड्स में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ना है।

Nomura के अनुमान के अनुसार, अक्टूबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में कुल 34,600 करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। हालांकि, अलग-अलग कैटेगरी में निवेश का रुझान अलग रहने की उम्मीद है।

मिडकैप फंड्स में निवेश घटने का अनुमान

Nomura की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में मिडकैप म्यूचुअल फंड्स में निवेश घटकर 5,500 करोड़ रुपये रह सकता है। सितंबर में इस कैटेगरी में 7,800 करोड़ रुपये का निवेश आया था।

यानी महीने-दर-महीने आधार पर मिडकैप फंड्स में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है। यह गिरावट इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के कुल निवेश पर भी असर डाल सकती है।

वहीं, स्मॉलकैप फंड्स में अक्टूबर के दौरान करीब 7,900 करोड़ रुपये का निवेश आने का अनुमान है। यह इक्विटी फंड इंडस्ट्री के कुल अनुमानित निवेश का लगभग 23 फीसदी है।

इसके अलावा लार्ज एंड मिडकैप फंड्स में करीब 8,800 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद जताई गई है।

हाइब्रिड फंड्स में भी निवेश की रफ्तार सुस्त

मिडकैप के अलावा हाइब्रिड फंड्स की एक कैटेगरी में भी निवेश घटने का अनुमान है। Nomura के मुताबिक, एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में अक्टूबर के दौरान निवेश घटकर सिर्फ 300 करोड़ रुपये रह सकता है।

सितंबर में इसी कैटेगरी में करीब 2,200 करोड़ रुपये का निवेश आया था। ऐसे में अक्टूबर के दौरान इस कैटेगरी में निवेश में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

Nippon AMC को लेकर क्या है Nomura का अनुमान?

Nomura के एनालिस्ट श्रेयस पिंपले और उनकी टीम ने अपनी रिपोर्ट में एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के प्रदर्शन पर भी बात की है।

एनालिस्ट्स के मुताबिक, Nippon AMC की नए निवेश में हिस्सेदारी उसके एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM की बाजार हिस्सेदारी के बराबर रहने का अनुमान है। वहीं, बड़ी लिस्टेड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का नए निवेश के मामले में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान जताया गया है।

Jefferies को कौन सी AMC पसंद?

दूसरी तरफ ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को लेकर अपनी पसंद बताई है।

Jefferies ने Aditya Birla Sun Life AMC को टर्नअराउंड यानी प्रदर्शन में सुधार की संभावना के लिहाज से पहली पसंद बताया है। इसके बाद Nippon AMC को जगह दी गई है, जिसकी AUM मार्केट हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।

Jefferies की पसंद के क्रम में Aditya Birla Sun Life AMC पहले, Nippon AMC दूसरे, ICICI AMC तीसरे, HDFC AMC चौथे और SBI Funds पांचवें स्थान पर है।

हालांकि, अक्टूबर के निवेश से जुड़े ये आंकड़े Nomura के अनुमान हैं, न कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के आधिकारिक अंतिम आंकड़े।

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