Dividend Yield Fund में कौन सा ऑप्शन है बेहतर? श्वेता रजानी ने दूर किया निवेशकों का कन्फ्यूजन

Dividend Yield Fund में निवेश करते समय Growth या Dividend Option को लेकर अक्सर निवेशक कन्फ्यूज रहते हैं। आनंद राठी वेल्थ की म्यूचुअल फंड हेड श्वेता रजानी ने बताया कि दोनों में क्या अंतर है, Growth Option क्यों ज्यादा Tax Efficient हो सकता है और जरूरत पर पैसा निकालने का बेहतर तरीका क्या है।

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In Short

  • Dividend Yield Fund में निवेशकों के लिए Growth Option ज्यादा Tax Efficient हो सकता है।
  • पैसों की जरूरत होने पर Dividend Option की जगह Systematic Withdrawal का ऑप्शन चुना जा सकता है।
  • Growth Option में पैसा निवेश में बना रहता है और Compounding का फायदा मिल सकता है।

By Sonam:

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय निवेशकों के सामने कई तरह के ऑप्शन आते हैं। Dividend Yield कैटेगरी में भी निवेशकों के बीच अक्सर यह कन्फ्यूजन रहता है कि उन्हें Dividend Option चुनना चाहिए या Growth Option। एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर निवेशक को नियमित तौर पर पैसा निकालने की जरूरत नहीं है तो Growth Option ज्यादा बेहतर और टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का जवाब देते हुए आनंद राठी वेल्थ की म्यूचुअल फंड हेड श्वेता रजानी ने कहा कि Dividend Yield कैटेगरी का मतलब यह नहीं है कि निवेशक को Dividend Option ही चुनना होगा। निवेशक Growth Option के साथ बने रह सकते हैं। उनके मुताबिक, यह निवेशकों के लिए ज्यादा Tax Efficient हो सकता है।

Dividend Yield Fund में क्यों चुनें Growth Option?

श्वेता रजानी के मुताबिक, Dividend Yield Fund जिन कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है, उनसे फंड को डिविडेंड मिलता रहता है। म्यूचुअल फंड ट्रस्ट प्लेटफॉर्म पर बना होता है, इसलिए उसे मिलने वाले डिविडेंड पर फंड के स्तर पर टैक्स नहीं देना पड़ता।

ऐसे में यह पैसा दोबारा शेयरों में निवेश होता रहता है और आगे बढ़ता रहता है। इसी वजह से निवेशक Growth Option चुन सकते हैं। इससे पैसा निवेश में बना रहता है और लंबे समय में उसे बढ़ने का मौका मिलता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

पैसे की जरूरत हो तो क्या करें?

अगर किसी निवेशक को समय-समय पर पैसों की जरूरत पड़ती है तो एक्सपर्ट ने Dividend Option की जगह Systematic Withdrawal का विकल्प बताया। इसके जरिए निवेशक जरूरत के मुताबिक अपने निवेश से पैसा निकाल सकता है।

श्वेता रजानी के मुताबिक, खासतौर पर ज्यादा Tax Bracket वाले निवेशकों के लिए यह तरीका ज्यादा Tax Efficient हो सकता है। वहीं, कम Tax Bracket वाले निवेशक Dividend Option चुन सकते हैं, लेकिन उनके मुताबिक Growth Option में बने रहना और जरूरत पड़ने पर पैसा निकालना बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

Mutual Fund में कैसे मिलता है Compounding का फायदा?

शो के दौरान यह भी बताया गया कि म्यूचुअल फंड खुद डिविडेंड या प्रॉफिट पर टैक्स नहीं देता और उसे नुकसान पर टैक्स से जुड़ा कोई फायदा भी नहीं मिलता। लंबे समय में टैक्स के तौर पर पैसा बाहर नहीं जाने की वजह से वह रकम भी निवेश में बनी रहती है और Compounding का फायदा मिलता है।

अगर कोई निवेशक खुद शेयर खरीदकर और बेचकर म्यूचुअल फंड जैसी रणनीति अपनाने की कोशिश करता है तो उसे खरीद-बिक्री से होने वाले फायदे पर लागू टैक्स देना पड़ सकता है। वहीं, म्यूचुअल फंड के स्तर पर यह पैसा निवेश में बना रह सकता है और दोबारा निवेश होता रहता है।

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