Axis Mutual Fund के इस नए डिफेंस इंडेक्स फंड का खुला एनएफओ! बढ़ते रक्षा खर्च के बीच निवेश का बड़ा मौका

यह एक ओपन-एंडेड इंडेक्स फंड है जिसका बेंचमार्के Nifty India Defence Total Return Index है। यह निवेशकों को कम लागत में डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में निवेश का मौका देगा।

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By Gaurav Kumar:

NFO Alert: भारत की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी Axis Mutual Fund ने डिफेंस सेक्टर पर केंद्रित नया फंड Axis Nifty India Defence Index Fund लॉन्च किया है जिसका न्यू फंड ऑफर (NFO) आज से खुल चुका है। निवेशकों इस 24 अप्रैल 2026 तक सब्सक्राइब कर सकते हैं।

यह एक ओपन-एंडेड इंडेक्स फंड है जिसका बेंचमार्के Nifty India Defence Total Return Index है। यह निवेशकों को कम लागत में डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में निवेश का मौका देगा।

डिफेंस सेक्टर पर फोकस क्यों ?

दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय संघर्षों के चलते डिफेंस खर्च लगातार बढ़ रहा है। 2024 में यह 2.7 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया। भारत भी इस ट्रेंड का अहम हिस्सा बन रहा है।

सरकार ने रक्षा बजट को FY14 के मुकाबले करीब 2.7 गुना बढ़ाकर FY26 में लगभग ₹6.8 लाख करोड़ कर दिया है। साथ ही, घरेलू उत्पादन और निर्यात दोनों तेजी से बढ़े हैं। डिफेंस एक्सपोर्ट FY17 के ₹2,000 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹23,000 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं।

फंड कैसे करेगा काम?

यह फंड इंडेक्स को रिप्लिकेट करेगा, जिसमें एयरोस्पेस, शिपबिल्डिंग, विस्फोटक और डिफेंस सर्विसेज से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों का चयन तय नियमों के आधार पर किया जाता है और वेटेज फ्री-फ्लोट मार्केट कैप के अनुसार तय होता है।

इंडेक्स की रीबैलेंसिंग हर छह महीने में होती है, जिससे पारदर्शिता और अनुशासन बना रहता है।

कंपनी का क्या कहना है?

Axis AMC के MD और CEO बी. गोपकुमार ने कहा कि भारत का डिफेंस सेक्टर मल्टी-ईयर ट्रांसफॉर्मेशन से गुजर रहा है। बढ़ता बजट, नीति समर्थन और निर्यात के अवसर इसे मजबूत बना रहे हैं। यह फंड निवेशकों को इस लंबी अवधि की ग्रोथ थीम में शामिल होने का सरल और कम लागत वाला तरीका देता है।”

निवेशकों के लिए क्या मायने?

यह फंड पैसिव निवेश रणनीति पर आधारित है, जिसे नंदिक मलिक और रोहित गौतम मैनेज करेंगे। इसमें फंड मैनेजर बायस नहीं होता और निवेशकों को डिफेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में डायवर्सिफिकेशन मिलता है।

हालांकि, सेक्टोरल फंड होने के कारण इसमें शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है। इसलिए इसे लंबी अवधि के निवेश के तौर पर, खासकर SIP के जरिए, देखना बेहतर रहेगा।

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