वर्क फ्रॉम होम का फॉर्मूला क्यों फ्लॉप होता जा रहा है?
कोरोना के समय नौकरियों को बचाने वाला और कंपनियों के कारोबार को बढ़ाने वाला वर्क फ्रॉम होम का फॉर्मूला फ्लॉप होता जा रहा है। भारत समेत दुनियाभर में CEOs कर्मचारियों को फुल टाइम ऑफिस में बुलाना चाहते हैं। हाल ही में आए KPMG के एक सर्वे में एक खास दावा किया गया है, आइये जानते हैं रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

कोरोना के समय नौकरियों को बचाने वाला और कंपनियों के कारोबार को बढ़ाने वाला वर्क फ्रॉम होम का फॉर्मूला फ्लॉप होता जा रहा है। भारत समेत दुनियाभर में CEOs कर्मचारियों को फुल टाइम ऑफिस में बुलाना चाहते हैं। हाल ही में आए KPMG के एक सर्वे में एक खास दावा किया गया है, आइये जानते हैं रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
KPMG की रिपोर्ट
91 फीसदी भारतीय CEOs अपने कर्मचारियों को ऑफिस लौटने के लिए कह रहे हैं, जबकि दुनियाभर में 87 परसेंट CEOs चाहते हैं कि अब उनके कर्मचारी ऑफिस से काम करें। इस सर्वे से ये साफ जाहिर हो रहा है कि अपने कंपनियों की टॉप लीडरशिप अपने कर्मचारियों के साथ आमने-सामने काम करने की जरुरत को समझते हैं।
कोविड-19 के बाद से तो अब कंपनियों की कमान संभालने वाले सभी लोगों को लग रहा है कि घर से काम करना कारोबार के लिहाज से बेहतर विकल्प नहीं है। लेकिन ये भी सच है कि वर्क फ्रॉम होम के आदी हो चुके कर्मचारी रोजाना दफ्तर तक आने-जाने और ट्रैफिक की किचकिच को झेलना नहीं चाहते हैं। इस सर्वे में कहा गया है कि CEOs वर्क फ्रॉम ऑफिस पॉवलिसी के सख्त पालन के साथ कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी करने के लिए तैयार हैं। इसमें प्रमोशन, इंक्रीमेंट और मनपसंद वर्क प्रोफाइल शामिल हैं
कंपनी मैनेजमेंट की इन कोशिशों से ये समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि आमने-सामने काम करने से स्किल और क्रिएटिविटी को बढ़ावा मिलता है।
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 78 फीसदी भारतीय CEOs अगले तीन साल में पूरी तरह से ऑफिस-बेस्ड कामकाज की उम्मीद कर रहे हैं।जबकि इसका वैश्विक औसत 83 फीसदी है, केवल 14 परसेंट CEOs ने पूरी तरह से रिमोट वर्किंग को प्राथमिकता दी है। जबकि 30 फीसदी ने भविष्य में हाइब्रिड वर्क कल्चर की प्लानिंग की है।
इस सर्वे में ये भी सामने आया है कि तकनीक का वर्किंग फोर्स के डेवलपमेंट पर क्या असर हुआ है। KPMG के मुताबिक 50 फीसदी CEOs का मानना है कि स्किल डेवलपमेंट और जनरेटिव AI उनके कर्मचारियों की ट्रेनिंग का एक बेहतर टूल है। हालांकि, 77 फीसदी CEOs इस बात को लेकर चिंतित हैं कि AI के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का विकास काफी धीमा है।
ये रिपोर्ट तब आई है जब अमेज़न और डेल अपने कर्मचारियों को हफ्ते में पांच दिन ऑफिस बुलाने की नीति बना रहे हैं। हालांकि इस नीति का कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया है ।