दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 'गंभीर', पराली और पटाखों के कारण हालात और होंगे बदतर!

दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, और आने वाले दिनों में स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर 2024 के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है। पराली जलाने और पटाखों के प्रभाव से प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है, जिसके चलते 30 अक्टूबर तक हालात 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकते हैं।

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दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, और आने वाले दिनों में स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर 2024 के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है। पराली जलाने और पटाखों के प्रभाव से प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है, जिसके चलते 30 अक्टूबर तक हालात 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकते हैं। मौजूदा मौसम संबंधी स्थितियाँ भी इस स्थिति को और बिगाड़ रही हैं, क्योंकि ये प्रदूषकों को दिल्ली से दूर नहीं ले जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, शहर में स्थिर हवा हानिकारक कणों को अधिक समय तक रोक सकती है। आईआईटीएम, पुणे के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 6 दिनों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति बनी रहने की संभावना है।

प्रदूषण के स्तर में तेजी

हवाओं के साथ स्मॉग भी होगा मौजूद इस अवधि में दक्षिण-पूर्व से आने वाली हवाओं की गति 28 अक्टूबर को 8 किमी प्रति घंटे से 30 अक्टूबर तक 6-12 किमी प्रति घंटे तक होने की संभावना है। इन धीमी हवाओं के साथ सुबह स्मॉग भी छाया रहेगा, जिससे प्रदूषण कम होने की उम्मीद कम है। धीमी गति की हवाएँ और सुबह का स्मॉग, प्रदूषकों के फैलाव में रुकावट डालते हैं। इसके अलावा, अधिकतम मिश्रण गहराई 1500 से 1550 मीटर तक सीमित रहेगी, जो प्रदूषण फैलाने वाले कारकों को और अधिक प्रतिकूल बना सकती है। वेंटिलेशन इंडेक्स भी 2800 m²/s तक गिरने का अनुमान है, जो कि प्रभावी फैलाव के लिए आवश्यक सीमा से नीचे है और बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता को दर्शाता है।

प्रदूषण से बचने के लिए करें ये उपाय सरकारी एजेंसियां दिल्लीवासियों को सलाह दे रही हैं कि खराब वायु गुणवत्ता के संपर्क में आने से बचें। इसके लिए बाहरी गतिविधियाँ सीमित करें और घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। यह समय अतिरिक्त प्रदूषकों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह स्थिति स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। 30 अक्टूबर के बाद के छह दिनों में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'गंभीर' के बीच रहने की संभावना है, जो वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक उपायों की आवश्यकता पर बल देता है।

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