एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर विधि आयोग जल्द सौंपेगा रिपोर्ट
आयोग एक साथ चुनाव को लेकर संविधान में एक नया अध्याय जोड़ने की सिफारिश करेगा। इसमें समय पूर्व सरकार गिरने की स्थिति में पांच साल की अवधि के बाकी बचे हुए कार्यकाल में अंतरिम साझा सरकार यानी सर्वदलीय सरकार चलाने जा प्रावधान होगा। अंतिम विकल्प अगर चुनाव कराना ही हो तो सिर्फ बचे हुए कार्यकाल के लिए ही होगा।

सरकार एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर जल्द कदम उठा सकती है। सूत्रों के मुताबिक आयोग इस मुद्दे को लेकर संविधान में संशोधन करने की सिफारिश करने जा रहा है। इसके लिए 2029 के मध्य तक देश भर में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकाय चुनाव कराने की सिफारिश कर सकता है।
आयोग एक साथ चुनाव को लेकर संविधान में एक नया अध्याय जोड़ने की सिफारिश करेगा। इसमें समय पूर्व सरकार गिरने की स्थिति में पांच साल की अवधि के बाकी बचे हुए कार्यकाल में अंतरिम साझा सरकार यानी सर्वदलीय सरकार चलाने जा प्रावधान होगा। अंतिम विकल्प अगर चुनाव कराना ही हो तो सिर्फ बचे हुए कार्यकाल के लिए ही होगा।
आयोग अगले पांच सालों में तीन चरणों में विधान सभाओं की शर्तों को समकालिक करने की भी सिफारिश करेगा। इसके बाद पहला एक साथ चुनाव मई-जून 2029 में यानी 19 वीं लोकसभा का ही हो सकेगा। सूत्रों के मुताबिक आयोग सिफारिश करेगा कि पहले चरण में राज्य विधानसभाओं से निपटा जा सकता है। इसके लिए विधानसभाओं की अवधि को कुछ महीनों जैसे तीन या छह महीने के लिए कम करना या राष्ट्रपति शासन के जरिए बढ़ाना होगा।
इसके अलावा, यदि कोई सरकार अविश्वास के कारण गिर जाती है या त्रिशंकु सदन होता है, तो आयोग विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा सरकार के गठन की सिफारिश करेगा। अगर एकता सरकार का फॉर्मूला काम नहीं करता है, तो कानून पैनल सदन के शेष कार्यकाल के लिए नए सिरे से चुनाव कराने की सिफारिश करेगा।