ठंड अब कितनी दूर है? दिसंबर में भी क्या रहेगी गर्मी
नवंबर का महीना आगे बढ़ता जा रहा है लेकिन दिल्ली में कड़ाके की सर्दी का नामोनिशान तक नहीं। इस साल दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ी। अंदेशा जताया जा रहा था इस बार सर्दी भी उतनी ही जबरदस्त पड़ेगी। लेकिन मौसम विभाग की मानें तो अभी अच्छी खासी सर्दी के लिए दिल्ली को लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा

नवंबर का महीना आगे बढ़ता जा रहा है लेकिन दिल्ली में कड़ाके की सर्दी का नामोनिशान तक नहीं। इस साल दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ी। अंदेशा जताया जा रहा था इस बार सर्दी भी उतनी ही जबरदस्त पड़ेगी। लेकिन मौसम विभाग की मानें तो अभी अच्छी खासी सर्दी के लिए दिल्ली को लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा
मौसम विभाग ने अगले दो हफ्तों के लिए भविष्यवाणी जारी की है। अनुमान के मुताबिक दिल्ली में सर्दी अभी दूर है। 74 साल में इस बार अक्टूबर का महीना सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया... नवंबर के शुरुआती दिनों की बात करें तो वही ट्रेंड कायम दिखता है... आने वाले 2 हफ्तों में कोई बड़ी राहत मिले ऐसी संभावना बेहद कम है... मौसम विभाग ने 21 नवंबर तक की भविष्यवाणी जारी की है जिसके मुताबिक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने की संभावना बेहद कम है... यानी अधिकतम तापमान नवम्बर के तीसरे हफ्ते तक सामान्य से 4 से लेकर 6 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रहने की संभावना है।
आखिर नवंबर में भी तापमान क्यों नहीं गिर रहा ?
ऐसे में सवाल है कि आखिर नवंबर में भी तापमान क्यों नहीं गिर रहा... दरअसल सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के लिए किसी बाहरी सिस्टम की जरूरत पड़ती है। एक ऐसा सिस्टम जो मैदानी इलाकों तक बारिश ले आए। इसी बहाने तापमान नीचे गिरता है। आमतौर पर ऐसी बारिश सर्दियों के मौसम में वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ की वजह से होती है। लेकिन अक्टूबर के महीने से लेकर अब तक यानी मानसून के जाने के बाद एक भी वेस्टर्न डिस्टरबेंस दिल्ली या उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों तक नहीं पहुंच पाया है।
अक्टूबर से लेकर अब तक उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में जिसमें दिल्ली भी आती है उसमें सामान्य से करीब 80 फीसदी कम बारिश हुई है। किसी भी एक्टिव सिस्टम का अभाव न तो बारिश होने दे रहा और ना ही तापमान में कमी आने दे रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल दिल्ली में अगले दो हफ्तों तक तो बारिश के आसार नहीं हैं। 16 से लेकर 21 नवंबर के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ बनता हुआ नजर भी आ रहा है लेकिन वो इतना कमजोर है की ऊपरी हिमालय के अलावा वह कहीं भी बर्फबारी या बारिश नहीं करवा पाएगा... मतलब ये कि राजधानी में सर्दियों को लाने वाले सभी कारक अभी इनएक्टिव हैं... यही वजह है कि दिवाली के बाद तापमान में भले ही थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन सर्दी का सीजन शुरू नहीं हुआ है।