तकनीक आधारित इनक्यूबेटर्स भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने में अहम

26 नवंबर से 28 नवंबर तक चले आईपीओ से कुल 24.70 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह पूरी तरह से 19,00,000 इक्विटी शेयरों की ताजा बिक्री थी। ऊपरी बैंड पर, इस इश्यू का मूल्यांकन वित्त वर्ष 24 के 6.43 रुपये के ईपीएस के आधार पर 20.21 गुना के पीई अनुपात पर किया गया था। वित्त वर्ष 25 की वार्षिक आय के आधार पर, आईपीओ का मूल्यांकन 11.74 गुना था।

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The incubator unit will be set up in Hitachi’s premises in Kadi, Gujarat.
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By BT बाज़ार डेस्क:

भारत का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनने का सफर टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर्स, जैसे आईआईटी बॉम्बे के सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (SINE), की महत्वपूर्ण भूमिका से संभव हो पाया है। 

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन और इनोवेशन डिवीजन के प्रमुख श्री प्रवीण रॉय ने SINE के 20वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में कहा, ''ऐसे इनोवेटिव इनक्यूबेटर्स ने सरकार की नीतियों को मार्गदर्शन देकर एक सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार किया है।'' 

इस अवसर पर भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर अभय करांदीकर ने "नवाचार राष्ट्र: विघटनकारी प्रौद्योगिकियों के युग में भारत की प्रतिभा और उद्यमशीलता की भावना का लाभ उठाना" विषय पर आयोजित शिखर सम्मेलन में अकादमिक संस्थानों द्वारा संचालित इनक्यूबेटर्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "टेक-आधारित इनक्यूबेटर्स, जैसे SINE, भारत में गहन तकनीकी (Deep Tech) इकोसिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।" 

यह पारिस्थितिकी तंत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गहरी प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को निवेशित पूंजी पर रिटर्न देने में लगभग 14 साल लगते हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में निवेश करने वाले फंड्स को अन्य क्षेत्रों की तुलना में लगभग 5% अधिक आंतरिक रिटर्न दर (IRR) प्राप्त करने की उम्मीद होती है। 

ओपन साइंस स्टैक के स्टार्टअप सलाहकार डॉ. अजय सेठी ने कहा, ''पांच साल पहले, राजस्व पूंजी उपबल्ध नहीं थी। राजस्व पूंजी स्टार्टअप को प्रोटोटाइप विकसित करने में मदद करती है, ताकि वे इसे बाजार में ले जा सकें और अपना पहला ऑर्डर प्राप्त कर सके। आज ये मौजूद है, लेकिन इसे प्राप्त करना अभी भी काफी सुधार की आवश्यकता है।'' 

गहरी प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को और बढ़ावा देने के लिए, SINE ने अपने 'प्रोजेक्ट टाइटेनियम' पहल के तहत प्रत्येक को 50 लाख रुपये की अनुदान राशि के पहले दो प्राप्तकर्ताओं का चयन किया है। पहला अनुदान  रिओहीम (Rheoheme) को दिया गया है, जो निम्न- और मध्यम-आय वाले देशों के लिए कम लागत और कम रखरखाव वाले एनीमिया, सिकल सेल रोग, मलेरिया और पूर्ण रक्त गणना के लिए एक डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। 

दूसरा अनुदान फेरी लाइसाइंसेज (Ferry Lifesciences) को दिया गया है, जो एक नई माइक्रोफ्लुइडिक्स डिवाइस विकसित कर रहा है, जो इंटरनेट ऑफ थिंग्स क्षमताओं के साथ एनीमिया का निदान और उपचार कर सकता है। दुनिया में हर दो में से एक भारतीय महिला एनीमिया का शिकार होती हैं।
आईआईटी बॉम्बे ने अपने "इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस" योजना के तहत 1 करोड़ रुपये के निवेश और SINE द्वारा इनक्यूबेशन समर्थन के लिए 160 आवेदनों में से 4 फर्मों का चयन किया है। 

वर्ष 2004 में आईआईटी बॉम्बे ने चार फर्मों का चयन किया था। ये सभी संस्थान से जुड़ी हुई थी। इन चयनित फर्में में या तो फाउंडिंग टीम के मेंबर, कर्मचारी या फैकल्टी का किसी ना किसी तरीके से आईआईटी बॉम्बे से संबध रहा है। जिन फर्मों का चयन हुआ वो इस प्रकार हैं। 

1.    एक्सपोनेंशियलिस्ट्स - जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल का उपयोग करके कंस्ट्रक्शन में काम कर चुकी है, जो निमार्ण क्षेत्र में सटीकता, दक्षता और लाइफ साइकिल मैनेजमेंट में काम करेगी 
2.    डेक्कन क्रेस्ट इंजीनियरिंग - जो फाउंड्रीज में उपयोग की गई रेत को पुनः चक्रित करने का समाधान करती है ताकि वातावरण पर थर्मल प्रक्रिया का असर कम हो 
3.    मैटरवेव टेक्नोलॉजीज - ये फर्म गैलियम नाइट्राइड तकनीक का उपयोग कर अर्धचालक यानि सेमीकंडक्टर बनाएगी 
4.    आईमुंबई सेमीकंडक्टर्स - ये फर्म अगली पीढ़ी के ग्लोबल नेविगेशन रेडियो फ्रिक्वेंसी रिसीवर चिप विकसित कर रही है

प्रोफेसर कारांदिकर ने भरोसा जताते हुए कहा कि SINE की लीडरशिप भारत के स्टॉर्ट अप माहौल को और बेहतर कर रही है। हमें उम्मीद है कि SINE आगे भी स्टॉर्ट अप के लिए एक ठोस अकादामिक आधारित इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करता रहेगा। उन्होंने कहा कि आईआईटी बॉम्बे में ये तकनीक आधारित ये बिज़नेस इकोसिस्टम सबसे बेहतरीन इनक्यूबेटर्स में से एक है।'' 

आईटी कंपनी मास्टेक के संस्थापक और SINE के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सबसे पुराने सदस्यों में से एक, अशंक देसाई ने SINE की अनूठी उपलब्धियों को उजागर किया। उन्होंने कहा, "SINE ने प्रोफेसरों के बीच एक उद्यमशीलता की संस्कृति का निर्माण किया है, जिसमें लगभग एक-चौथाई स्टार्टअप आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी द्वारा संचालित हैं। हम एक नए SINE की कल्पना करते हैं, जो भारत को उद्यमिता और प्रौद्योगिकी में वैश्विक प्रभुत्व की ओर ले जाएगा।" 

कार्यक्रम में बोलते हुए, नेटकोर क्लाउड के संस्थापक राजेश जैन ने उम्मीद जताई कि आईआईटी बॉम्बे 2030 तक यह सुनिश्चित करेगा कि उसके सभी फैकल्टी सदस्य कम से कम एक स्टार्टअप के साथ जुड़ें।

 इन्वेंटस कैपिटल पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक और दिग्गज एंजेल निवेशक कंवल रेखी ने भारत की महत्वाकांक्षाओं के पैमाने को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र (विकसित भारत) बनने के लिए 1 करोड़ तकनीकी उद्यमियों का निर्माण करना होगा।" 

आईआईटी बॉम्बे के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर राजेश जेल ने स्टार्टअप्स को लेकर धारणा में आए बदलाव पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "पहले, स्टार्टअप में काम करना आईआईटी बॉम्बे के ग्रेजुएट के लिए एक अच्छा विवाह प्रस्ताव नहीं माना जाता था। आज ऐसा नहीं है।"

सफलता का राज:
इस शिखर सम्मेलन ने स्टार्टअप्स के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया। SINE के बोर्ड के चेयरमैन और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदार ने कहा, "स्टार्टअप्स के लिए बाजार में प्रवेश और बाहर निकलने का तरीका समझना सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केवल एक विचार पर्याप्त नहीं है; उद्यमशीलता के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास की आवश्यकता है।" 
ग्रासिम के पल्प और फाइबर व्यवसाय के प्रमुख रणनीतिकार राकेश पुंडीर ने SINE द्वारा आयोजित 'नवाचार राष्ट्र' संगोष्ठी में कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए संस्थापकों को तेज और केंद्रित सीखने में शामिल होना चाहिए। 

सेफ सिक्योरिटीज के सीईओ साकेत मोदी ने सफल संस्थापक सीईओ की पांच प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित किया: 

1.    बड़े सपने देखें और अपनी कंपनी के लिए एक स्पष्ट दृष्टि निर्धारित करें। 
2.    अपने आदर्श ग्राहकों के साथ गहराई से जुड़ें और अपने बाजार को समझें। 
3.    कर्मचारियों की भर्ती, बनाए रखने और कभी-कभी बदलने में निष्पक्ष रहें। 
4.    अपनी कंपनी की संस्कृति को विकसित करें और उसका समर्थन करें। 
5.    अपनी कंपनी के लिए आंतरिक और बाहरी तौर पर मुख्य संचारक बनें। 

सम्मेलन ने नवाचार और भारत के भविष्य के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। प्रोफेसर केदारे ने कहा, "एक ऐसे विश्व में, जो जलवायु परिवर्तन से जूझ रहा है, उद्यमशीलता भविष्य की आशा है।" 

SINE, जो अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को संबोधित करने वाले, भारत की उद्यमशीलता भावना को बढ़ाने और वैश्विक प्रभाव पैदा करने वाले स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की सबसे प्रसिद्व ड्रोन कंपनियों में से एक आईडियाफोर्ज के सीईओ अंकित मेहता ने कहा, "SINE जिन कंपनियों को आकर्षित करता है, उनके प्रकारों को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं।"

पिछले 20 वर्षों में, SINE ने 245 स्टार्टअप्स को समर्थन दिया है, जिनकी सफलता दर 80% से अधिक रही है—जो शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के 20% की औसत जीवित रहने की दर के मुकाबले एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। SINE के भविष्य के फोकस क्षेत्र आईआईटी बॉम्बे की भारत को एक नवाचार राष्ट्र (Innovation Nation) के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता हैं।

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