Latest News on Paytm: अब क्या बोले RBI गवर्नर?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक को किसी भी ग्राहक खाते में जमा या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया। इसके बाद से लगातार ये सुर्खियों में है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़े वॉलेट को दूसरे बैंकों के साथ जोड़ने की समयसीमा 15 मार्च तय की गई है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसका टो-टूक जवाब दिया है।

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तो आपको बिजनेस टुडे बाजार ने बताया था कि पहली बार RBI के एक्शन के बाद पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा सामने आए और इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी।  लेकिन अब  भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर पेटीएम बड़ा बयान दिया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास  15 मार्च तक की डेडलाइन पर भी एक अहम बात कही है। क्‍या इस डेडलाइन को आगे बढ़ाया जाएगा? आइये जानते हैं, उन्होंने क्या कहा?

 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक को किसी भी ग्राहक खाते में जमा या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया। इसके बाद से लगातार ये सुर्खियों में है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़े वॉलेट को दूसरे बैंकों के साथ जोड़ने की समयसीमा 15 मार्च तय की गई है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसका टो-टूक जवाब दिया है। उन्‍होंने समयसीमा को आगे बढ़ाए जाने की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि 15 मार्च तक का दिया गया समय काफी है। इसे आगे बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया है कि 80-85 प्रतिशत पेटीएम वॉलेट अन्य बैंकों से जुड़े हुए हैं। बाकी 15 प्रतिशत को दूसरे बैंकों से जुड़ने की सलाह दी गई है।

शक्तिकांत दास ने कहा कि पेटीएम वॉलेट का इस्‍तेमाल करने वाले 80-85 फीसदी यूजर्स को रेगुलेटर एक्‍शन के कारण किसी भी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, बाकी यूजर्स को अपने ऐप को अन्य बैंकों से जोड़ने की सलाह दी गई है। दास ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़े वॉलेट को दूसरे बैंकों के साथ जोड़ने की समयसीमा 15 मार्च तय की गई है। इसे आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक दास ने कहा कि आरबीआई ने अपने दायरे में आने वाली पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ एक्‍शन लिया है। इसमें फिनटेक कंपनियों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। इसके उलट आरबीआई फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सेक्टर में इनोवेशन का समर्थन करता है। नए उत्पादों के परीक्षण को लेकर वो सैंडबॉक्स यानिसीमित दायरे में उत्पादों का लाइव टेस्ट व्यवस्था लेकर आया है। एक समाचार चैनल के साथ खास बातचीत में उन्होंने कहा, ‘आरबीआई फिनटेक का पूरा समर्थन करता है और करता रहेगा। आरबीआई फिनटेक के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है।

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