Bank of America पर ₹11,000 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना, आखिर बैंक से ऐसी क्या गलती हुई?

अमेरिका के Bank of America पर 1.21 अरब डॉलर का भारी जुर्माना लगाया गया है। अमेरिकी नियामकों के मुताबिक, बैंक 5 अरब डॉलर से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन की समय पर रिपोर्ट करने में नाकाम रहा। इस कार्रवाई से बैंक की तीसरी तिमाही की कमाई प्रभावित होगी। आखिर बैंक की निगरानी व्यवस्था में क्या खामियां मिलीं और निवेशकों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

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नियामक ने बैंक के मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाले सिस्टम को 'कमजोर और अप्रभावी' बताया।
नियामक ने बैंक के मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाले सिस्टम को 'कमजोर और अप्रभावी' बताया।

In Short

  • अमेरिकी नियामकों ने Bank of America पर 1.21 अरब डॉलर का भारी जुर्माना लगाया।
  • बैंक पर 5 अरब डॉलर से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट नहीं करने का आरोप।
  • जुर्माने से तीसरी तिमाही के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका, आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में शेयर 2.7% गिरा।

By Shakshi:

अमेरिका के दिग्गज बैंक Bank of America पर अमेरिकी नियामकों ने 1.21 अरब डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) का भारी जुर्माना लगाया है। बैंक पर आरोप है कि वह अरबों डॉलर के संदिग्ध लेनदेन की पहचान करने और उनकी जानकारी अधिकारियों को देने में नाकाम रहा। इस कार्रवाई का असर बैंक की कमाई और शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है।

न्यूज एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बताया कि Bank of America ने 5 अरब डॉलर से ज्यादा की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की रिपोर्ट नहीं की। इनमें करीब 1 अरब डॉलर के ऐसे लेनदेन भी शामिल थे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध वित्तीय गतिविधियों से जुड़े जोखिमों के दायरे में आते थे।

यह अमेरिकी वित्त मंत्रालय के इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा जुर्माना बताया जा रहा है।

बैंक से कहां हुई चूक?

अमेरिकी बैंकिंग नियामक Office of the Comptroller of the Currency (OCC) ने Bank of America पर 75 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया है। यह OCC की ओर से लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है।

नियामक के मुताबिक, बैंक का मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाला सिस्टम प्रभावी नहीं था। संदिग्ध लेनदेन की निगरानी में कमियों के कारण अरबों डॉलर के ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट समय पर दाखिल नहीं की गई।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि बैंक ने अपने अनुपालन सिस्टम को तैयार करते समय कमाई को ज्यादा प्राथमिकता दी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए अपने आंतरिक सिस्टम के बजाय बाहरी एजेंसियों से मिलने वाली जानकारी पर अधिक भरोसा किया।

इसके अलावा बैंक ने प्रतिबंधों से जुड़े 400 से ज्यादा संभावित उल्लंघनों के लिए 1.16 करोड़ डॉलर का अलग जुर्माना भरा। इनमें रूस और ईरान जैसे देशों से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले भुगतान भी शामिल थे।

अब बैंक को एक स्वतंत्र एजेंसी नियुक्त करनी होगी, जो पुराने लेनदेन की जांच करेगी। जांच में सामने आने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी अमेरिकी वित्तीय अपराध निगरानी एजेंसी FinCEN को देनी होगी।

कमाई और शेयरों पर कितना असर पड़ेगा?

Bank of America के मुताबिक, 1.2 अरब डॉलर का यह खर्च उसकी तीसरी तिमाही की कमाई में शामिल होगा। इससे प्रति शेयर मुनाफे में करीब 17 सेंट की कमी आ सकती है।

जुर्माने की खबर के बाद मंगलवार को बैंक के शेयर नियमित कारोबार में 1.1% गिरकर बंद हुए। इसके बाद आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में भी शेयर करीब 2.7% टूट गए।

बैंक ने कहा है कि वह वित्तीय अपराध रोकने के लिए टेक्नोलॉजी में अरबों डॉलर निवेश कर चुका है और हजारों कर्मचारी इस काम में लगे हैं। बैंक ने नियामकों की ओर से तय सुधारों को पूरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि नियामकों ने बैंक पर एसेट कैप नहीं लगाया है। यानी बैंक की बैलेंस शीट के आकार या कारोबार बढ़ाने पर कोई सीधी सीमा नहीं लगाई गई है।

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