यूपी में छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी, जानिए किन छात्राओं को मिलेगा फायदा और कैसे होगा चयन?
उत्तर प्रदेश की छात्राओं के लिए फ्री स्कूटी योजना के नियम तय हो गए हैं, लेकिन इसका फायदा हर किसी को नहीं मिलेगा। इसके लिए पढ़ाई के नंबर से लेकर रहने की जगह तक कई शर्तें पूरी करनी होंगी। जानिए किन छात्राओं का चयन होगा, क्या-क्या मुफ्त मिलेगा और आवेदन कब शुरू होंगे।

In Short
- रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ उत्तर प्रदेश की मूल निवासी छात्राओं को मिलेगा।
- शैक्षणिक सत्र 2025-26 में ग्रेजुएशन पास करने वाली छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर होगा।
- चयनित छात्राओं को स्कूटी के साथ रजिस्ट्रेशन, बीमा, हेलमेट और 4 लीटर पेट्रोल मिलेगा।
UP Free Scooty Scheme: उत्तर प्रदेश में ग्रेजुएशन पूरा करने वाली चुनिंदा छात्राओं को अब मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। योगी सरकार ने ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ से जुड़े नियमों को मंजूरी दे दी है। हालांकि स्कूटी सभी छात्राओं को नहीं मिलेगी। इसके लिए पढ़ाई के नंबर, राज्य का निवासी होना और तय सेशन में ग्रेजुएशन पास करना जरूरी होगा। आखिर किन छात्राओं का नाम इस योजना में शामिल किया जाएगा?
क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?
इस योजना का मकसद छात्राओं के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी तक पहुंचना आसान बनाना है। खासतौर पर गांव और दूर के इलाकों में रहने वाली कई छात्राओं को रोजाना आने-जाने में परेशानी होती है। कई जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा कम होने के कारण उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
सरकार का मानना है कि स्कूटी मिलने से छात्राएं नियमित रूप से कॉलेज जा सकेंगी और बीच में पढ़ाई छोड़ने के मामले कम होंगे। इससे ज्यादा बेटियां हायर एजुकेशन से जुड़ सकेंगी और उन्हें आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
किन छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
योजना का फायदा केवल उत्तर प्रदेश की मूल निवासी छात्राओं को मिलेगा। इसके साथ ही छात्रा का शैक्षणिक सत्र 2025-26 में ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है।
छात्रा ने राज्य की किसी सरकारी या प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की हो। इसके अलावा राज्य विश्वविद्यालय से जुड़े सरकारी, सहायता प्राप्त या सेल्फ फाइनेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने वाली छात्राएं भी योजना के दायरे में आएंगी।
मेरिट से होगा छात्राओं का चयन
योजना में हर छात्रा को स्कूटी नहीं दी जाएगी। ग्रेजुएशन पास करने वाली छात्राओं की टॉप 5% मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसी लिस्ट के आधार पर स्कूटी पाने वाली छात्राओं का चयन होगा।
ये खबर पढ़ना ना भूलें: ₹80 लाख के छोटे फ्लैट पर क्यों छिड़ी बहस? वायरल वीडियो ने उठाए सवाल
इसका मतलब है कि ग्रेजुएशन में बेहतर नंबर लाने वाली छात्राओं को पहले मौका मिलेगा। चयन की पूरी प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होगी।
स्कूटी के साथ क्या-क्या मिलेगा?
सरकार छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी देगी। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पोर्टल के जरिए होगी।
स्कूटी के साथ रजिस्ट्रेशन, कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस, ISI मार्क वाला हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल और जरूरी एक्सेसरीज भी दी जाएंगी। इससे छात्राओं को स्कूटी मिलने के बाद शुरुआत में अलग से इन चीजों पर पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
पेट्रोल स्कूटी ही क्यों देगी सरकार?
सरकार ने पेट्रोल स्कूटी चुनने की वजह ग्रामीण और दूर के इलाकों में पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर की आसान उपलब्धता बताई है। ऐसे इलाकों में पेट्रोल स्कूटी की सर्विस और देखभाल आसान होगी। साथ ही छात्राओं को चार्जिंग से जुड़ी परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
कैसे करना होगा आवेदन?
अभी कैबिनेट ने केवल योजना के नियमों को मंजूरी दी है। ऑनलाइन आवेदन, जरूरी डॉक्युमेंट, पोर्टल, आखिरी तारीख और स्कूटी बांटने की तारीख का ऐलान बाद में किया जाएगा। पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा विभाग और अपनी यूनिवर्सिटी या कॉलेज की ऑफिशियल जानकारी पर नजर रखनी होगी।