होर्मुज से बाब-अल-मंदेब तक संकट, तेल सप्लाई बाधित होने से दुनिया में महंगाई का बड़ा खतरा
West Asia में बढ़ते तनाव ने तेल सप्लाई को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। कुछ अहम रास्तों पर संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने दुनिया की अर्थव्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इस Energy Crisis का असर आम लोगों और Global Markets पर कितना पड़ सकता है? जानिए पूरी कहानी।

In Short
- Hormuz Strait की क्षमता घटने और अन्य अहम तेल मार्गों पर संकट से Global Oil Supply को लेकर चिंता बढ़ी है।
- अमेरिका में Diesel की कीमत पहली बार $6 प्रति गैलन के पार पहुंची, जिससे Transport और Agriculture सेक्टर पर दबाव बढ़ा।
- महंगे तेल और Diesel का असर Food Prices, Consumer Goods और Global Economy पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव अब सिर्फ तेल बाजार तक सीमित नहीं दिख रहा। कच्चे तेल की सप्लाई पर दबाव, बढ़ती कीमतें और अमेरिका में रिकॉर्ड Diesel Price मिलकर बड़ी आर्थिक चुनौती बन रहे हैं। Strait of Hormuz अपनी युद्ध से पहले की क्षमता के करीब 20% पर काम कर रहा है, जबकि Saudi Arabia की East-West pipeline पर भी दबाव बढ़ा है। Bab el-Mandeb Strait में भी रुकावट का खतरा बना हुआ है।
तीन बड़े Oil Routes पर खतरा
The Kobeissi Letter के मुताबिक, करीब 3 करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल की आवाजाही या तो प्रभावित है या जोखिम में है। हालांकि, इसमें कुछ रूट एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए इसे वास्तविक सप्लाई नुकसान नहीं माना जा सकता।
सबसे बड़ी चिंता Strait of Hormuz को लेकर है। यह Iran और Oman के बीच स्थित है और Gulf देशों के कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट के लिए अहम रास्ता है। इसके करीब 20% क्षमता पर चलने से लगभग 1.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल की आवाजाही जोखिम में बताई जा रही है।
Bab el-Mandeb पर भी बढ़ा दबाव
Bab el-Mandeb Strait Red Sea को Gulf of Aden से जोड़ता है और Europe से Asia जाने वाले जहाजों के लिए बेहद अहम है। इसमें गंभीर रुकावट होने पर करीब 90 लाख बैरल प्रतिदिन तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
अगर जहाज Red Sea से बचते हैं, तो उन्हें Cape of Good Hope का लंबा रास्ता लेना पड़ सकता है। इससे यात्रा का समय, ईंधन खर्च और freight cost बढ़ सकती है।
Saudi की East-West Pipeline भी चर्चा में
Saudi Arabia की East-West pipeline देश के पूर्वी तेल उत्पादन क्षेत्रों से Yanbu तक कच्चा तेल पहुंचाती है। यह Hormuz का एक वैकल्पिक रास्ता है। दिए गए इनपुट के मुताबिक, हाल के हमलों के बाद यह pipeline बंद हुई है, जिससे करीब 40 लाख बैरल प्रतिदिन तेल एक्सपोर्ट जोखिम में आ सकता है।
वैश्विक तेल बाजार करीब 10 करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल की खपत करता है। ऐसे में इन रुकावटों का एक हिस्सा भी लंबे समय तक बना रहा तो कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
US में Diesel $6 के पार
अमेरिका में 11 सितंबर को Diesel Price पहली बार $6 प्रति गैलन के पार पहुंच गया। AAA के मुताबिक, राष्ट्रीय औसत करीब $6.06 प्रति गैलन रहा। Truckers और farmers को एक साल पहले के मुकाबले करीब 63% ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। California में कीमत करीब $7.98 प्रति गैलन तक पहुंच गई।
महंगा Diesel क्यों बढ़ाता है महंगाई?
Diesel का इस्तेमाल transportation, agriculture, manufacturing और distribution में बड़े स्तर पर होता है। Fuel महंगा होने से माल ढुलाई, खेती और कंपनियों का operating cost बढ़ सकता है। इसका असर बाद में food, consumer goods और energy prices पर पड़ सकता है।
ऊंची energy prices central banks के लिए भी मुश्किल पैदा कर सकती हैं। महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ सकती हैं, जबकि ज्यादा लागत आर्थिक गतिविधियों, निवेश और खपत को कमजोर कर सकती है।