Warren Buffett ने Berkshire Hathaway को कहा अलविदा, निवेश की दुनिया में छोड़ गए बड़ी विरासत
दुनिया के मशहूर निवेशक Warren Buffett ने Berkshire Hathaway के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट ले लिया है। वैल्यू इन्वेस्टिंग और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने की रणनीति से उन्होंने अपनी पहचान बनाई। जानिए उनके निवेश के बड़े मंत्र और वह विरासत, जो दुनियाभर के निवेशकों के लिए छोड़ गए हैं।

In Short
- Warren Buffett ने Berkshire Hathaway के चेयरमैन पद से लिया रिटायरमेंट
- वैल्यू इन्वेस्टिंग और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने की रणनीति से बनाई पहचान
- निवेश के साथ जिंदगी से जुड़े फैसलों पर भी बफेट की सलाह रही लोकप्रिय
दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट (Warren Buffett) ने शुक्रवार को Berkshire Hathaway के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट ले लिया। इससे करीब एक साल पहले उन्होंने कंपनी के CEO का पद छोड़ा था। उनके रिटायरमेंट के साथ ही निवेश की दुनिया में एक लंबे दौर का अंत हो गया है। बफेट ने अपनी निवेश रणनीति, धैर्य और आसान सलाह के जरिए दुनियाभर के निवेशकों के बीच अलग पहचान बनाई।
बफेट को 'ओरेकल ऑफ ओमाहा' के नाम से भी जाना जाता है। उनकी निवेश रणनीति का मुख्य सिद्धांत अच्छी कंपनियों के शेयर सही कीमत पर खरीदना और लंबे समय तक उनमें निवेश बनाए रखना रहा है।
क्या है वॉरेन बफेट की निवेश रणनीति?
बफेट वैल्यू इन्वेस्टिंग (Value Investing) के लिए जाने जाते हैं। इस रणनीति में ऐसी कंपनियों के शेयर खरीदे जाते हैं, जिनका कारोबार मजबूत हो, लेकिन बाजार में उनकी कीमत वास्तविक वैल्यू से कम हो।
बफेट का मानना रहा है कि जब शेयर महंगे हों तो निवेश करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सही मौके का इंतजार करना और अच्छी कंपनियों में लंबे समय तक निवेश बनाए रखना जरूरी है।
इसी रणनीति के जरिए Berkshire Hathaway ने कई दशकों तक अमेरिकी शेयर बाजार के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया।
हालांकि, बाजार में जब भी नई निवेश रणनीतियों का चलन बढ़ा, बफेट के तरीके पर सवाल भी उठे। 1990 के दशक के आखिर में डॉट-कॉम शेयरों की तेजी और हाल में सोने की रिकॉर्ड कीमतों के दौरान भी उनकी निवेश रणनीति चर्चा में रही। बफेट लंबे समय से सोने में निवेश को लेकर संदेह जताते रहे हैं।
बफेट को सुनने पहुंचते थे 40 हजार से ज्यादा लोग
Berkshire Hathaway की सालाना शेयरहोल्डर्स मीटिंग दुनियाभर के निवेशकों के लिए बड़ा आयोजन बन गई थी।
हर साल मई के पहले शनिवार को अमेरिका के ओमाहा में 40 हजार से ज्यादा लोग बफेट और उनके लंबे समय तक निवेश साझेदार रहे चार्ली मंगर को सुनने पहुंचते थे। मंगर का 2023 में निधन हो गया था।
इन बैठकों में बफेट कारोबार, शेयर बाजार, आर्थिक हालात और अपनी गलतियों पर खुलकर बात करते थे।
उनकी आसान भाषा और मजाकिया अंदाज ने उन्हें आम निवेशकों के बीच भी लोकप्रिय बनाया।
सिर्फ निवेश नहीं, जिंदगी जीने की भी दी सलाह
बफेट की पहचान सिर्फ पैसा कमाने वाले निवेशक के तौर पर नहीं रही। उनकी जिंदगी से जुड़ी सलाह भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रही है।
वॉरेन बफेट पर किताब लिखने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर टॉड फिंकल के मुताबिक, जब वह छात्रों को बफेट से मिलवाने ले जाते थे, तो बफेट सबसे पहले पैसे की बात नहीं करते थे।
वह छात्रों को बताते थे कि जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक सही जीवनसाथी चुनना है।
बफेट लोगों को अच्छे दोस्तों और सही लोगों के साथ रहने की सलाह भी देते थे। उनका मानना था कि जिन लोगों के साथ आप समय बिताते हैं, उनका असर आपकी जिंदगी और फैसलों पर पड़ता है।
निवेशकों को दिए ये बड़े मंत्र
बफेट के निवेश से जुड़े कई विचार आज भी चर्चा में रहते हैं।
उनका एक मशहूर नियम है कि निवेश करते समय पहला नियम पैसा नहीं गंवाना है और दूसरा नियम पहले नियम को कभी नहीं भूलना है।
बफेट ने निवेशकों को यह भी समझाया कि जब बाजार में हर कोई लालच में हो तो सावधान रहना चाहिए और जब लोग डर रहे हों तो निवेश के अवसर तलाशने चाहिए।
उनका मानना था कि मुश्किल समय में ही पता चलता है कि किसने जरूरत से ज्यादा जोखिम लिया है।
क्या कोई ले पाएगा बफेट की जगह?
यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल के फाइनेंस प्रोफेसर डेविड मस्टो के मुताबिक, बफेट जैसी लंबे समय तक सफलता, अनुभव और लोकप्रियता का मेल किसी दूसरे निवेशक में मिलना मुश्किल है।
उनका कहना है कि ऐसे समय में वैल्यू इन्वेस्टिंग की अहमियत बनी रहनी चाहिए, जब कई निवेशक मीम स्टॉक्स और क्रिप्टोकरेंसी जैसी चीजों में तेजी से मुनाफा कमाने की उम्मीद में पैसा लगा रहे हैं।
बफेट के रिटायरमेंट के साथ Berkshire Hathaway में उनका औपचारिक सफर खत्म हो गया है। हालांकि, निवेश में धैर्य, सही कीमत पर अच्छी कंपनी चुनने और सोच-समझकर जोखिम लेने की उनकी सीख आने वाले समय में भी निवेशकों के काम आ सकती है।