Vande Bharat: ब्रेक लगाते ही बनेगी बिजली, आखिर कैसे काम करती है ये खास तकनीक?
वंदे भारत की रफ्तार और सुविधाओं के बारे में आपने खूब सुना होगा, लेकिन इसके ब्रेक में छिपी टेक्नोलॉजी भी कम दिलचस्प नहीं है। ब्रेक लगाते ही ट्रेन में एक खास प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे बिजली पैदा की जा सकती है। आखिर कैसे काम करती है ये तकनीक, जानिए पूरी डिटेल।

In Short
- वंदे भारत में इलेक्ट्रो न्यूमेटिक डिस्क ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है।
- ब्रेक लगाने के दौरान मोटर जनरेटर की तरह काम कर बिजली पैदा कर सकती है।
- इस तकनीक से करीब 30 फीसदी तक बिजली पैदा होने का अनुमान है।
वंदे भारत ट्रेन अपनी रफ्तार, डिजाइन और सुविधाओं की वजह से यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुकी है। भारतीय रेलवे नेटवर्क पर अब कई रूटों पर वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। लेकिन इसकी सीटों, स्पीड और लग्जरी सुविधाओं के अलावा ट्रेन में एक ऐसा सिस्टम भी दिया गया है, जो इसे खास बनाता है। यह सिस्टम इसके ब्रेक से जुड़ा है। वंदे भारत में ब्रेक लगाने के दौरान बिजली भी पैदा की जा सकती है और इस बिजली का इस्तेमाल दोबारा ट्रेन के सिस्टम में किया जा सकता है।
आम ट्रेनों से अलग है ब्रेकिंग सिस्टम
वंदे भारत ट्रेन में इलेक्ट्रो न्यूमेटिक डिस्क ब्रेक लगाए गए हैं। इसका ब्रेकिंग सिस्टम आम तौर पर दूसरी ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले ब्रेकिंग सिस्टम से अलग है। इसमें बिजली के जरिए ब्रेकिंग कमांड ट्रांसमिट होती है, इसलिए ब्रेक लगाने के बाद इसका असर तेजी से दिखाई देता है।
इस सिस्टम में डिस्क ब्रेक का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से ट्रेन को तेजी से कंट्रोल करने में मदद मिलती है। वंदे भारत की तेज रफ्तार को देखते हुए ब्रेकिंग सिस्टम को भी उसी हिसाब से तैयार किया गया है।
इमरजेंसी में कैसे रुकती है ट्रेन?
वंदे भारत में इमरजेंसी ब्रेकिंग से जुड़ा सिस्टम भी दिया गया है। इसमें इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस यानी EBD सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसका मकसद हाई स्पीड पर चल रही ट्रेन को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित तरीके से रोकना है।
इस सिस्टम का ट्रायल अगस्त में पूरा किया जा चुका है। हालांकि, फिलहाल इसे यात्री ट्रेनों में लागू नहीं किया गया है।
ब्रेक लगाने पर कैसे बनती है बिजली?
वंदे भारत के ब्रेकिंग सिस्टम की सबसे खास बात बिजली पैदा करने की क्षमता है। आम ब्रेकिंग में जब ट्रेन की रफ्तार कम की जाती है, तो उसकी गतिज ऊर्जा का एक हिस्सा बेकार चला जाता है। लेकिन वंदे भारत में इलेक्ट्रिक मोटर को ब्रेकिंग के दौरान जनरेटर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
जब ट्रेन के पहिए मोटर को घुमाते हैं, तो मोटर बिजली पैदा करने लगती है। इस बिजली को रेलवे के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में वापस भेजा जा सकता है या जरूरत के मुताबिक ट्रेन के सिस्टम में इस्तेमाल किया जा सकता है।
30 फीसदी तक बिजली पैदा होने का अनुमान
हालांकि, हर बार ब्रेक लगाने पर पूरी ऊर्जा बिजली में नहीं बदलती। मोटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरे सिस्टम में कुछ ऊर्जा का नुकसान भी होता है। इसके बावजूद अनुमान है कि इस तकनीक की मदद से करीब 30 फीसदी तक बिजली पैदा की जा सकती है। यानी वंदे भारत का ब्रेकिंग सिस्टम सिर्फ ट्रेन को रोकने का काम नहीं करता, बल्कि ऊर्जा की बचत में भी भूमिका निभाता है।