नोएडा से लेकर आगरा तक बढ़ा एक्सपोर्ट, UP ने छुआ ₹2 लाख करोड़ का आंकड़ा

उत्तर प्रदेश का एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 में ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। राज्य अब ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सोर्सिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नोएडा समेत कई जिलों का इसमें बड़ा योगदान है, जबकि सरकार ने 2030 तक ₹4 लाख करोड़ निर्यात का लक्ष्य रखा है।

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In Short

  • उत्तर प्रदेश का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में ₹2,01,241 करोड़ पहुंचा, राज्य बना भारत का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक।
  • नोएडा वाले गौतम बुद्ध नगर से सबसे ज्यादा ₹97,703 करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल मशीनरी का बड़ा योगदान रहा।
  • UP ने 2030 तक 50 अरब डॉलर यानी करीब ₹4 लाख करोड़ के निर्यात का लक्ष्य रखा, नई एक्सपोर्ट पॉलिसी से मिलेगा समर्थन।

By Sonam:

उत्तर प्रदेश ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य का कुल निर्यात ₹2,01,241 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश भारत का पांचवां सबसे बड़ा निर्यात करने वाला राज्य बन गया है।

राज्य सरकार अब उत्तर प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सोर्सिंग बेस के तौर पर मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

2017-18 से दोगुने से ज्यादा बढ़ा निर्यात

उत्तर प्रदेश का निर्यात 2017-18 में करीब ₹88,000 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है।

राज्य में बढ़ती औद्योगिक क्षमता और नए निवेश के साथ निर्यात में लगातार विस्तार देखने को मिला है।

UP International Trade Show 4.0 की तैयारी

उत्तर प्रदेश अब UP International Trade Show (UPITS) 4.0 के चौथे संस्करण की तैयारी कर रहा है। यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा।

इस ट्रेड शो के जरिए राज्य अपने उत्पादों और कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दे रहा है।

नोएडा से सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट

राज्य के निर्यात में गौतम बुद्ध नगर, जिसमें नोएडा भी शामिल है, सबसे आगे है। यहां से ₹97,703 करोड़ का निर्यात हुआ है, जो राज्य के कुल निर्यात का करीब आधा हिस्सा है।

इसके बाद गाजियाबाद से ₹18,728 करोड़, कानपुर नगर से ₹10,823 करोड़, मुरादाबाद से ₹10,639 करोड़ और आगरा से ₹8,907 करोड़ का निर्यात हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और गारमेंट सेक्टर का बड़ा योगदान

उत्तर प्रदेश के निर्यात में इलेक्ट्रिकल मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे बड़ा क्षेत्र है। इस कैटेगरी से ₹46,960 करोड़ का निर्यात हुआ है।

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वहीं, मीट और मीट प्रोडक्ट्स का निर्यात ₹25,756 करोड़ और बुने हुए कपड़ों यानी वूवन गारमेंट्स का निर्यात ₹16,657 करोड़ रहा है।

फैक्ट्रियों की संख्या में तेज बढ़ोतरी

निर्यात बढ़ने के साथ राज्य में औद्योगिक क्षमता भी बढ़ी है। 2017 में उत्तर प्रदेश में करीब 14,000 रजिस्टर्ड फैक्ट्रियां थीं, जो अब बढ़कर लगभग 32,000 हो गई हैं।

2023-24 तक राज्य में 6,847 नई फैक्ट्रियां जुड़ीं। इसके बाद अगले वित्त वर्ष में करीब 8,000 और फैक्ट्रियां जुड़ने का अनुमान है।

एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए नई नीति

उत्तर प्रदेश की Export Promotion Policy 2025-30 के तहत निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 40% कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान है।

इसके अलावा सर्टिफिकेशन और मार्केटिंग खर्च की 75% तक भरपाई, एयर और सी-फ्रेट पर 30% सहायता और एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस पर 50% सब्सिडी दी जाएगी।

2030 तक 4 लाख करोड़ निर्यात का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश ने वित्त वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर यानी करीब ₹4 लाख करोड़ के निर्यात का लक्ष्य रखा है।

अभी राज्य का करीब 60% निर्यात अमेरिका, ब्रिटेन, UAE, जर्मनी और नेपाल जैसे पांच देशों में जाता है। अब राज्य अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और सेंट्रल एशिया के बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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